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Burhanpur News: अजमेर दरगाह और संभल विवाद में अब AIMIM भी उतरी, ज्ञापन देकर की इस एक्ट का पालन कराने की मांग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: बुरहानपुर ब्यूरो Updated Wed, 04 Dec 2024 02:55 PM IST
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सार

एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष एवं एडवोकेट जहीर उद्दीन ने बताया कि संसद में उपासना स्थल अधिनियम 1991 पारित किया गया है। इसके तहत 15 अगस्त 1947 की स्थिति के अनुसार किसी भी संरचना के धार्मिक चरित्र को चुनौती नहीं दी जा सकती है। इसके बाद भी इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

AIMIM submitted a memorandum on Ajmer Dargah and Sambhal dispute
अजमेर दरगाह और संभल विवाद पर AIMIM ने सौंपा ज्ञापन
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विस्तार

उत्तर प्रदेश के यूपी के संभल में जामा मस्जिद विवाद और राजस्थान के अजमेर शरीफ में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह को लेकर चल रहे विवाद में अब एआईएमआईएम और बसपा की भी एंट्री हो गई है। एआईएमआईएम और बसपा ने अदालतों में की जा रही सुनवाई पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से तुरंत रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में संयुक्त कलेक्टर अशोक कुमार जाधव को सौंपे गए ज्ञापन में एआईएमआईएम ने इस तरह की पूरी कार्रवाई को असंवैधानिक बताया, साथ ही सीजेआई से देश में प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। 

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इस विषय में एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष एवं एडवोकेट जहीर उद्दीन ने बताया कि संसद में उपासना स्थल अधिनियम 1991 पारित किया गया है। इसके तहत बाबरी मस्जिद को छोड़कर 15 अगस्त 1947 की स्थिति के अनुसार किसी भी संरचना के धार्मिक चरित्र को चुनौती नहीं दी जा सकती है। इस कानून के तहत किसी भी न्यायालय में ऐसे मामलों पर प्रकरण भी नहीं चलाया जा सकता। लेकिन, इसके बावजूद देश की कई अदालतों में जब इस प्रकार की अर्जी दायर की जाती है, तो तुरंत सुनवाई कर मस्जिद और दरगाहों के सर्वेक्षण के आदेश दिए जा रहे हैं। इससे देश में सांप्रदायिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर, इस पर रोक नहीं लगाई गई तो देश में भाईचारा और सद्भावना को गंभीर क्षति पहुंचेगी।
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ज्ञापन देने पहुंचे नफीस मंशा खान और इमरान हुसैन ने बताया कि संभल की जामा मस्जिद के मामले में वहां के प्रशासन ने मनमानी की है। इसके बाद अजमेर दरगाह के सर्वेक्षण की मांग उठाई गई। यह स्थिति उचित नहीं है। इससे सांप्रदायिक सद्भाव पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ऐसी घटनाओं की आड़ में देश का माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि संभल की घटना और अजमेर दरगाह के मामले को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान एआईएमआईएम की बुरहानपुर इकाई के कई सदस्य और पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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