{"_id":"686f1542550b8ce725036c1a","slug":"1300-villagers-were-stranded-in-the-village-for-four-days-due-to-water-on-the-bridge-damoh-news-c-1-1-noi1223-3151695-2025-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Damoh News: दो गांवों को जोड़ने वाला पुल पानी में डूबा, चार दिन से अपने ही घर में कैद हैं 1300 ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh News: दो गांवों को जोड़ने वाला पुल पानी में डूबा, चार दिन से अपने ही घर में कैद हैं 1300 ग्रामीण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jul 2025 07:56 AM IST
विज्ञापन
सार
ग्रामीण कई वर्षों से पुल को ऊंचा बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। पंचायत और स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं। यह पुल प्रधानमंत्री प्राधिकरण विभाग द्वारा निर्मित है, पर बारिश के मौसम में अक्सर डूब जाता है।
पानी में डूबा पुल
विज्ञापन
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आने वाले हिनौती पुत्रीघाट और मझगवां गांव के ग्रामीण चार दिन तक अपने गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यहां पुल पर पानी होने के कारण किसी प्रकार का आवागमन नहीं हो सकता है। दो गांव के बीच आने वाला यह पुल पानी में डूबने के कारण 1300 ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी। बीमार लोग अस्पताल नहीं जा पाए वहीं बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके। गुरुवार को पुल से पानी कम होने पर यहां आवागमन शुरू हो सका। तेंदूखेड़ा ब्लाक में कई ऐसे गांव हैं, जहां बारिश के समय आवागमन बड़ा कठिन हो जाता है। पुल छोटे होने के चलते जरा सी बारिश में वह डूब जाते हैं और एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
Trending Videos
हिनौती पुत्रीघाट और मझगवां गांव के लोगों का जिस मार्ग से आवागमन होता है। उस मार्ग में एक पुल पड़ता है जिसकी ऊंचाई बहुत कम है और बारिश के दिनों में यह अधिकांश दिन डूबा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिनौती तेंदूखेड़ा जनपद के अधीन और झलोन तेजगढ़ के बीच मुख्य मार्ग पर पड़ने बाला गांव है। इसके बाजू से ग्राम पंचायत मझगवामांल है। जिसकी पुत्रीघाट से लगभग तीन से चार किलोमीटर दूरी है। इन दोनों गांव के बीच एक छोटा पूल पड़ता है जो काफी नीचा है और बारिश के समय अधिकांश दिन डूबा रहता है।
ये भी पढ़ें- सावन माह में भोपाल से उज्जैन के लिए स्पेशल ट्रेन का संचालन,भोपाल,सीहोर,शाजापुर के यात्रियों को फायदा
हिनौती पुत्रीघाट और मझगवां गांव में रहने बालों को यह पुल बारिश के दिनों में अभिशाप साबित हो रहा है। पंचायत रोजगार सचिव अजय तिवारी के अनुसार हिनौती पुत्रीघाट और मझगवां गांव की कुल जनसंख्या 1300 है। बारिश के मौसम में पुल डूबने के कारण यह लोग प्रभावित होते हैं। पुल का निर्माण प्रधानमंत्री प्राधिकरण विभाग द्वारा हुआ था। अभी बारिश होने से चार दिन तक पुल पानी में डूबा रहा और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
शिक्षा, स्वस्थ सेवा ठप
ग्रामीण राजू राठौर ने बताया पुत्रीघाट और मझगवामॉल तक जो मार्ग जाता है उसके बीच पुल पड़ता है जिसका आकार काफी नीचा है। थोड़ी सी बारिश में पुल डूब जाता है और आवागमन बाधित होने लगता है। कई वर्षों से पुल को ऊंचा बनाने की माग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। मोहन सिंह ने बताया पुल छोटा है। बारिश के दिनों में बहाव तेज होने के कारण ग्रामीणों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार और स्कूली बच्चों को होती है। समस्या के समाधान के लिए लगातार पंचायत के द्वारा पत्राचार करवा रहे हैं, लेकिन हम लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
बुजुर्ग के पैरों में आई चोट
मझगवामॉल निवासी भाई लाल राठौर की सात जुलाई को अचानक तबियत बिगड़ गई। पुल डूबा हुआ था। इसलिए जंगली रास्ते से बाइक के सहारे परिजन उपचार के लिए तेजगढ़ लेकर जा रहे थे, लेकिन बीच में उनकी बाइक फिसल गई और वह गिर गये। बुजुर्ग के के दोनों पैरों में चोट आ गई। तेजगढ़ प्रथमिक स्वस्थ केन्द्र में उनका उपचार हुआ,लेकिन पैरों में ज्यादा चोट होने के कारण उनको उपचार के लिए जबलपुर रिफर किया गया। वह आज भी अपने गांव के जगह पुत्रीघाट में एक पहचान वाले के घर रुके हुये है। परिजनो ने बताया अब पिता की हालत जंगली मार्ग से घर ले जाने की नहीं है। पुल डूबा है जब पानी कम हो जायेगा उसके बाद उनको घर लेकर जाएंगे। प्रधामनंत्री प्राधिकरण की प्रबंधक रंजीता सिंह ने बताया पुत्रीघाट हिनौती के बीच जो पुलिया है उसका सर्वे हो चुका है। स्टीमेट भी जा चुका है मंजूरी आने के बाद आगे की कार्रवार्ठ प्रस्तावित की जायेगी।

कमेंट
कमेंट X