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MP: दमोह में दलित दिव्यांग दूल्हे की रछवाई पर हमला, घोड़े से उतारकर मारपीट; बारात लेकर थाने पहुंचे परिजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 09:52 AM IST
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सार
दमोह के हटा थाना क्षेत्र में दलित दिव्यांग दूल्हे की रछवाई के दौरान दबंगों द्वारा घोड़े से उतारकर मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिव्यांग दूल्हे की रछवाई के दौरान विवाद के बाद गांव में पुलिस बल तैनात।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम दलित समाज के एक दिव्यांग दूल्हे की रछवाई के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने दूल्हे को घोड़े से नीचे उतारकर लाठी-डंडों से मारपीट की। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दूल्हे पक्ष के लोग बारात सहित हटा थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है।
छतरपुर जानी थी बारात, पहले निकाली जा रही थी रछवाई
जानकारी के अनुसार बिजोरी पाठक गांव निवासी गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार की बारात मंगलवार को छतरपुर जिले के बक्सवाहा क्षेत्र स्थित बूढ़ी सेमरा गांव जानी थी। बारात रवाना होने से पहले शाम करीब पांच बजे गांव में दूल्हे की रछवाई निकाली जा रही थी। गोलू घोड़े पर सवार था और परिजन व समाजजन जश्न मना रहे थे। इसी दौरान जब रछवाई गांव के लोधी मोहल्ले की ओर पहुंची, तभी कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। आरोप है कि उन्होंने दूल्हे को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी गई।
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छतरपुर जानी थी बारात, पहले निकाली जा रही थी रछवाई
जानकारी के अनुसार बिजोरी पाठक गांव निवासी गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार की बारात मंगलवार को छतरपुर जिले के बक्सवाहा क्षेत्र स्थित बूढ़ी सेमरा गांव जानी थी। बारात रवाना होने से पहले शाम करीब पांच बजे गांव में दूल्हे की रछवाई निकाली जा रही थी। गोलू घोड़े पर सवार था और परिजन व समाजजन जश्न मना रहे थे। इसी दौरान जब रछवाई गांव के लोधी मोहल्ले की ओर पहुंची, तभी कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। आरोप है कि उन्होंने दूल्हे को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी गई।
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पिपरिया में दूल्हे की रछवाई, बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
- फोटो : अमर उजाला
दूल्हे ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित दूल्हे गोलू अहिरवार ने बताया कि जैसे ही रछवाई एक मकान के सामने पहुंची, वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसे घोड़े से नीचे उतार दिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उसने आरोप लगाया कि गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम, पलटू समेत अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की। गोलू ने बताया कि वह दिव्यांग है, इसके बावजूद आरोपियों ने बेरहमी से पीटा।
बहन और मां से भी मारपीट का आरोप
दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि जब परिवार के लोगों ने कहा कि बेटे की बारात जानी है और रछवाई निकाली जा रही है, तब आरोपियों ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि बीच-बचाव करने पहुंची उनकी बेटी व दूल्हे की बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट के दौरान उसके कुछ सोने के जेवर गायब होने की भी शिकायत की गई है।
पीड़ित दूल्हे गोलू अहिरवार ने बताया कि जैसे ही रछवाई एक मकान के सामने पहुंची, वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसे घोड़े से नीचे उतार दिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उसने आरोप लगाया कि गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम, पलटू समेत अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की। गोलू ने बताया कि वह दिव्यांग है, इसके बावजूद आरोपियों ने बेरहमी से पीटा।
बहन और मां से भी मारपीट का आरोप
दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि जब परिवार के लोगों ने कहा कि बेटे की बारात जानी है और रछवाई निकाली जा रही है, तब आरोपियों ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि बीच-बचाव करने पहुंची उनकी बेटी व दूल्हे की बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट के दौरान उसके कुछ सोने के जेवर गायब होने की भी शिकायत की गई है।
विवाद के बाद गांव में तनाव का माहौल।
- फोटो : अमर उजाला
थाने पहुंची पूरी बारात, पुलिस ने कराया मेडिकल
घटना के बाद दूल्हे पक्ष के लोग नाराज होकर दूल्हे को साथ लेकर बारात सहित हटा थाने पहुंचे। वहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने दूल्हे का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच बारात को रवाना किया गया।
एससी-एसटी एक्ट सहित मामला दर्ज
देर रात मुकदमा दर्ज होने के बाद हटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी ने बताया कि फरियादी गरीबा अहिरवार की शिकायत पर गांव के विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि विवाह की रस्में शांति से संपन्न हो सकें।
ये भी पढ़ें- Jabalpur News: दिव्यांग बच्चों को स्कूल से निकालने पर रोक, हाईकोर्ट ने डीईओ से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
घटना के बाद दूल्हे पक्ष के लोग नाराज होकर दूल्हे को साथ लेकर बारात सहित हटा थाने पहुंचे। वहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने दूल्हे का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच बारात को रवाना किया गया।
एससी-एसटी एक्ट सहित मामला दर्ज
देर रात मुकदमा दर्ज होने के बाद हटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी ने बताया कि फरियादी गरीबा अहिरवार की शिकायत पर गांव के विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि विवाह की रस्में शांति से संपन्न हो सकें।
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रछवाई कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
घटना से दलित समाज में आक्रोश, बड़े आंदोलन की तैयारी
घटना के बाद क्षेत्र के दलित समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। समाज के लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई सामाजिक संगठनों ने भी घटना की निंदा करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सामाजिक जिम्मेदारी और संविधान की भावना पर सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों की परीक्षा भी है। भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। विवाह, उत्सव और सामाजिक परंपराओं में किसी भी व्यक्ति को जाति के आधार पर रोकना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी विरुद्ध है।
घटना के बाद क्षेत्र के दलित समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। समाज के लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई सामाजिक संगठनों ने भी घटना की निंदा करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सामाजिक जिम्मेदारी और संविधान की भावना पर सवाल
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संवैधानिक मूल्यों की परीक्षा भी है। भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। विवाह, उत्सव और सामाजिक परंपराओं में किसी भी व्यक्ति को जाति के आधार पर रोकना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी विरुद्ध है।
पुलिस थानें में शिकायत दर्ज कराते हुए फरियादी।
- फोटो : अमर उजाला
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए वर्षों से सरकार, समाजसेवी संस्थाएं और जागरूक नागरिक बराबरी, भाईचारे और सम्मान का संदेश दे रहे हैं। ऐसे प्रयासों का सकारात्मक असर भी समाज में दिख रहा है, जहां अनेक गांवों और शहरों में लोग जाति भेद भूलकर एक साथ त्योहार और समारोह मना रहे हैं।
लेकिन इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि कुछ लोगों की संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता अभी भी सामाजिक विकास में बाधा बनी हुई है। ऐसे लोगों को कानून का सम्मान करना चाहिए, संविधान से मिले अधिकारों और कर्तव्यों को समझना चाहिए तथा नई पीढ़ी को भेदभाव नहीं, बल्कि समानता और सद्भाव का संदेश देना चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पहले भी दलित समाज के युवक की रछवाई को लेकर विवाद हो चुका है। उस समय भी सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप के बाद रछवाई निकाली गई थी। इस बार फिर हुई घटना से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
ये भी पढ़ें- Indore: रातभर दमकलें बुझाती रही आग, रेलवे-डिफेंस सप्लायर कंपनियों की यूनिट भी जलकर खाक
सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए वर्षों से सरकार, समाजसेवी संस्थाएं और जागरूक नागरिक बराबरी, भाईचारे और सम्मान का संदेश दे रहे हैं। ऐसे प्रयासों का सकारात्मक असर भी समाज में दिख रहा है, जहां अनेक गांवों और शहरों में लोग जाति भेद भूलकर एक साथ त्योहार और समारोह मना रहे हैं।
लेकिन इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि कुछ लोगों की संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता अभी भी सामाजिक विकास में बाधा बनी हुई है। ऐसे लोगों को कानून का सम्मान करना चाहिए, संविधान से मिले अधिकारों और कर्तव्यों को समझना चाहिए तथा नई पीढ़ी को भेदभाव नहीं, बल्कि समानता और सद्भाव का संदेश देना चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पहले भी दलित समाज के युवक की रछवाई को लेकर विवाद हो चुका है। उस समय भी सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप के बाद रछवाई निकाली गई थी। इस बार फिर हुई घटना से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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यहां पहली बार दलित दूल्हे की घोड़ी चढ़ाई गई
दमोह शहर से सटे ग्राम पटना दुर्गा में बीते शनिवार शाम पहली बार दलित समाज के दूल्हे को घोड़ी पर बैठाकर रछवाई निकाली गई। आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आजाद समाज पार्टी कांशीराम के जिला अध्यक्ष दीपराज जाटव व उनकी टीम ने पहले ही पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। हाल के दिनों में जिले में दलित दूल्हों को घोड़ी चढ़ने से रोकने और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। हटा के बिजौरी पाठक गांव में दिव्यांग दूल्हे से मारपीट का मामला भी चर्चा में है। संगठन की सक्रिय मौजूदगी से पटना दुर्गा में किसी अप्रिय घटना की स्थिति नहीं बनी।
दमोह शहर से सटे ग्राम पटना दुर्गा में बीते शनिवार शाम पहली बार दलित समाज के दूल्हे को घोड़ी पर बैठाकर रछवाई निकाली गई। आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आजाद समाज पार्टी कांशीराम के जिला अध्यक्ष दीपराज जाटव व उनकी टीम ने पहले ही पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। हाल के दिनों में जिले में दलित दूल्हों को घोड़ी चढ़ने से रोकने और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। हटा के बिजौरी पाठक गांव में दिव्यांग दूल्हे से मारपीट का मामला भी चर्चा में है। संगठन की सक्रिय मौजूदगी से पटना दुर्गा में किसी अप्रिय घटना की स्थिति नहीं बनी।

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