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Damoh News: क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर ठग ने शिक्षक से मांगे एक लाख, फर्जी लेटर भेजकर की डिमांड; जानें मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 10 Aug 2025 05:08 PM IST
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सार
दमोह के एक सरकारी शिक्षक को फर्जी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर ने अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर 1 लाख रुपये की ठगी का प्रयास किया। हालांकि, शिक्षक ठगी का शिकार होने से बच गए।
शिक्षक को यह फर्जी लेटर भेजा।
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विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक सरकारी शिक्षक से एक लाख रुपये की ठगी होने से बच गई। अज्ञात आरोपी ने खुद को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताकर शिक्षक को धमकाया और मोबाइल में अश्लील फिल्म देखने का आरोप लगाते हुए एक धमकी भरा पत्र व्हाट्सएप पर भेज दिया। जब शिक्षक ने अपने साथियों को घटना बताई तो उन्होंने सामने वाले व्यक्ति से बात कर उसे फटकारा। इसके बाद वह नंबर बंद हो गया, लेकिन उस दौरान शिक्षक की सांसें अटकी रहीं।
जानकारी के अनुसार, तेंदूखेड़ा निवासी कैलाश ठाकुर शासकीय शिक्षक हैं। उनके व्हाट्सएप पर एक पत्र आया। पत्र में भोपाल क्राइम ब्रांच के नाम से था, जिसमें लिखा था- आपका गूगल अकाउंट सर्च किया गया है, आपके द्वारा लगातार अश्लील वीडियो देखे जा रहे हैं। यह नियम विरुद्ध है, आप पर मामला दर्ज हो सकता है। एक वर्ष की सजा के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। यह भी लिखा था कि आपको पद से निलंबित किया जा सकता है, क्योंकि वर्ष 2016-17 में भारत सरकार ने इन साइटों को बैन कर दिया था और आपने सरकार के नियमों का उल्लंघन किया है। पत्र में साइबर क्राइम ब्रांच भोपाल सेंटर नंबर 132 भी अंकित था।
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एक लाख की डिमांड
कैलाश सिंह गौड़ के फोन पर यह पत्र शुक्रवार दोपहर व्हाट्सएप से भेजा गया। उस समय शिक्षक स्कूल में थे, इसलिए उन्होंने ध्यान नहीं दिया। बाद में सामने वाले व्यक्ति ने 9109440228 नंबर से शिक्षक कैलाश ठाकुर को फोन किया और कहा कि एक पत्र आपके व्हाट्सएप पर भेजा है, मैं भोपाल क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूं। शिक्षक ने पत्र पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने कॉल पर बताया कि पत्र में लिखी बातें पूरी तरह गलत हैं, लेकिन सामने वाले ने विभिन्न तरह से धमकी दी, जेल भेजने की बात कही और एक लाख रुपये में मामला निपटाने का प्रस्ताव दिया। शिक्षक कैलाश सिंह ने अपने अन्य शिक्षक साथियों को मामले की जानकारी दी। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क कर सामने वाले को फटकार लगाई। इसके बाद वह ठग एक लाख से घटाकर 13 हजार रुपये की मांग करने लगा, फिर फोन बंद कर दिया।
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अधिकारियों के ग्रुप में नहीं था पत्र
कैलाश गौड़ ने शासकीय शिक्षक बृजराज परिहार को जानकारी दी। उन्होंने पत्र गौर से पढ़ा, जिसमें लिखा था कि यह पत्र बीआरसी ग्रुप में भेजा गया है, लेकिन वास्तव में वह पत्र बीआरसी ग्रुप में नहीं था। बृजराज परिहार ने ठग के फर्जी होने की पुष्टि की, जिसके बाद शिक्षक ने राहत की सांस ली। शिक्षक कैलाश गौड़ ने कहा कि प्रशासन को ऐसे लोगों की तलाश करनी चाहिए। कुछ समय के लिए मेरी सांसें थम गई थीं, क्योंकि पत्र में दी गई जानकारी बहुत गलत थी। सामने वाले ने अपना नाम पीयूष मिश्रा, क्राइम ब्रांच भोपाल बताया था। तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी नीतेश जैन ने पत्र को फर्जी बताते हुए कहा कि यदि ऐसे कोई मामले सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्ति तुरंत पुलिस को जानकारी दे, क्योंकि ऐसे लोग ही ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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एक लाख की डिमांड
कैलाश सिंह गौड़ के फोन पर यह पत्र शुक्रवार दोपहर व्हाट्सएप से भेजा गया। उस समय शिक्षक स्कूल में थे, इसलिए उन्होंने ध्यान नहीं दिया। बाद में सामने वाले व्यक्ति ने 9109440228 नंबर से शिक्षक कैलाश ठाकुर को फोन किया और कहा कि एक पत्र आपके व्हाट्सएप पर भेजा है, मैं भोपाल क्राइम ब्रांच से बोल रहा हूं। शिक्षक ने पत्र पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने कॉल पर बताया कि पत्र में लिखी बातें पूरी तरह गलत हैं, लेकिन सामने वाले ने विभिन्न तरह से धमकी दी, जेल भेजने की बात कही और एक लाख रुपये में मामला निपटाने का प्रस्ताव दिया। शिक्षक कैलाश सिंह ने अपने अन्य शिक्षक साथियों को मामले की जानकारी दी। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क कर सामने वाले को फटकार लगाई। इसके बाद वह ठग एक लाख से घटाकर 13 हजार रुपये की मांग करने लगा, फिर फोन बंद कर दिया।
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अधिकारियों के ग्रुप में नहीं था पत्र
कैलाश गौड़ ने शासकीय शिक्षक बृजराज परिहार को जानकारी दी। उन्होंने पत्र गौर से पढ़ा, जिसमें लिखा था कि यह पत्र बीआरसी ग्रुप में भेजा गया है, लेकिन वास्तव में वह पत्र बीआरसी ग्रुप में नहीं था। बृजराज परिहार ने ठग के फर्जी होने की पुष्टि की, जिसके बाद शिक्षक ने राहत की सांस ली। शिक्षक कैलाश गौड़ ने कहा कि प्रशासन को ऐसे लोगों की तलाश करनी चाहिए। कुछ समय के लिए मेरी सांसें थम गई थीं, क्योंकि पत्र में दी गई जानकारी बहुत गलत थी। सामने वाले ने अपना नाम पीयूष मिश्रा, क्राइम ब्रांच भोपाल बताया था। तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी नीतेश जैन ने पत्र को फर्जी बताते हुए कहा कि यदि ऐसे कोई मामले सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्ति तुरंत पुलिस को जानकारी दे, क्योंकि ऐसे लोग ही ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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