सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   damoh-fake-doctor-racket-busted-two-arrested-from-bhopal

फर्जी डॉक्टर कांड: भर्ती रैकेट का पर्दाफाश, भोपाल से दो गिरफ्तार; 3 लग्जरी कारें-नगदी सहित 45 लाख का माल बरामद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Mon, 01 Jun 2026 07:05 PM IST
विज्ञापन
सार

दमोह के चर्चित संजीवनी अस्पताल फर्जी डॉक्टर प्रकरण में पुलिस ने भोपाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एनएचएम भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप में की गई कार्रवाई में पुलिस ने तीन लग्जरी वाहन और 5.36 लाख रुपये नकद सहित करीब 45 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में फर्जी भर्ती नेटवर्क की जांच जारी है। 

damoh-fake-doctor-racket-busted-two-arrested-from-bhopal
तीन लग्जरी कारों समेत लाखों का माल बरामद - फोटो : credit
विज्ञापन

विस्तार

दमोह जिले में चर्चित संजीवनी अस्पताल फर्जी डॉक्टर प्रकरण में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टरों की भर्ती कराने के मामले में कोतवाली पुलिस ने भोपाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लग्जरी वाहन और पांच लाख 36 हजार 900 नकद सहित करीब 45 लाख का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद फर्जी भर्ती नेटवर्क और उसके तारों को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।



क्या है दमोह का फर्जी डॉक्टर कांड?
जानकारी के अनुसार, 16 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय से पुलिस को एक जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था। जांच में सामने आया कि डॉ. कुमार सचिन यादव निवासी ग्वालियर और डॉ. राजपाल गौर निवासी सीहोर की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराई गई थी। सूचना मिलने पर जबलपुर से भी पुलिस ने एक आरोपी डॉ अजय मौर्य को धर दबोचा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। दस्तावेजों की पड़ताल, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका सामने आने लगी। जांच के दौरान यह संकेत मिले कि भर्ती में फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- भोपाल NHM से आईटी असिस्टेंट गिरफ्तार, फर्जी MBBS डिग्री मामले में पांचवीं गिरफ्तारी; तीन भेजे गए जेल
विज्ञापन
Trending Videos


भोपाल से दबोचे गए आरोपी
कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार के अनुसार पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में— हीरा सिंह कौशल (44), पिता रामप्रकाश कौशल, निवासी कोहेफिजा भोपाल साथ ही आदिल सिद्दीकी (37), पिता स्वर्गीय अफजल सिद्दीकी, निवासी बाग दिलखुश, भोपाल शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों आरोपी फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने और फर्जी डॉक्टरों की नियुक्ति कराने में भूमिका निभा रहे थे।

45 लाख का मशरूका जब्त
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में संपत्ति और नकदी बरामद की है। जब्त सामग्री में काले रंग की थार (MP 04 ZK 0111) – अनुमानित कीमत ₹15 लाख, सफेद रंग की आई-20 (MP 04 YQ 4623) – अनुमानित कीमत ₹10 लाख, सफेद रंग की स्कॉर्पियो (MP 04 ZY 6569) – अनुमानित कीमत 15 लाख, 5,36,900 नकद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार कुल जब्त मशरूका लगभग 45 लाख का है।

ये भी पढ़ें- फर्जी एमबीबीएस की डिग्री के सहारे सरकारी अस्पतालों में कर रहे थे इलाज, अब तीन आरोपी हिरासत में

इन धाराओं में दर्ज हैं मामले
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 479/26 और 480/26 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(3), 338, 336(3) और 340(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस अब भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में और नाम सामने आ सकते हैं।

क्यों चर्चा में है संजीवनी अस्पताल प्रकरण?
संजीवनी अस्पताल से जुड़ा यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पदों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति का आरोप है। ऐसे मामलों से न केवल सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दमोह में संजीवनी अस्पताल फर्जी डॉक्टर कांड: भर्ती रैकेट का पर्दाफाश, भोपाल से दो गिरफ्तार; 3 लग

दमोह में संजीवनी अस्पताल फर्जी डॉक्टर कांड में भोपाल से दो को गिरफ्तार किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed