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Damoh News: ससुर की हत्या करने वाले दामाद को आजीवन कारावास, पत्नी की दूसरी शादी कराने के शक में मार डाला था
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Wed, 05 Nov 2025 05:35 PM IST
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सार
दमोह जिले के बटियागढ़ में ससुर की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले दामाद गुड्डू आदिवासी को अदालत ने आजीवन कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी को शक था कि ससुर उसकी पत्नी की दूसरी शादी कराना चाहते हैं। घटना 29 मई 2023 की रात हुई थी।
दमोह जिला एवं सत्र न्यायालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ससुर की हत्या करने वाले दामाद को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। हटा न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीराज अली द्वारा यह फैसला सुनाया गया। घटना दो साल पुरानी है। पत्नी की दूसरी शादी कराने के शक में यह हत्या की गई थी।
मामले की जानकारी देते हुए दिलीप सिंह ठाकुर अतिरिक्त लोक अभियोजक ने बताया कि थाना बटियागढ़ अंतर्गत जलना में यह हत्याकांड हुआ था। 29 मई 2023 की रात ससुर रामलाल आदिवासी अपनी बेटी की ससुराल आया था। रात में खाना खाने के बाद वह अपने समधी के साथ सो रहा था। दामाद गुड्डू आदिवासी को पहले से शंका थी कि उसके ससुर उसकी पत्नी की दूसरी जगह शादी करना चाहते हैं। इसलिए वह पहले से हत्या करने की फिराक में था।
ये भी पढ़ें- शादी का झांसा देकर सहकर्मी के साथ किया दुष्कर्म, जन्मदिन के बहाने होटल में बुलाकर बनाया शिकार
रात में जब सभी लोग सो रहे थे तभी आरोपी दामाद गुड्डू द्वारा ससुर की गर्दन, मुंह एवं जबड़े में कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई। जब गुड्डू का पिता बाथरूम के लिए उठा तो उसने बेटे गुड्डू आदिवासी की पत्नी यशोदा बाई को बताया कि तुम्हारे पति ने तुम्हारे पिता की कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी है और कुल्हाड़ी लेकर जंगल की तरफ भाग गया है। फरियादीया ने 108 एंबुलेंस की मदद से पिता को बटियागढ़ अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा रामलाल आदिवासी को मृत घोषित कर दिया गया।
दूसरे ही दिन आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के मेमोरेंडम कथनों के आधार पर उसके द्वारा हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को जब्त किया गया। इस पर मृतक का खून लगा हुआ था। मामले में आए साक्ष्य एवं भौतिक साक्ष के आधार पर सोनाली जैन की सूक्ष्म विवेचन के आधार पर प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिराज अली द्वारा प्रकरण क्रमांक 64 / 23 अंतर्गत धारा 302 भा.द. वि.में आरोपी गुड्डू आदिवासी को अपने ससुर रामलाल आदिवासी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। शासन की ओर से पैरवी दिलीप सिंह ठाकुर अतिरिक्त लोक अभियोजक हटा द्वारा की गई।
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मामले की जानकारी देते हुए दिलीप सिंह ठाकुर अतिरिक्त लोक अभियोजक ने बताया कि थाना बटियागढ़ अंतर्गत जलना में यह हत्याकांड हुआ था। 29 मई 2023 की रात ससुर रामलाल आदिवासी अपनी बेटी की ससुराल आया था। रात में खाना खाने के बाद वह अपने समधी के साथ सो रहा था। दामाद गुड्डू आदिवासी को पहले से शंका थी कि उसके ससुर उसकी पत्नी की दूसरी जगह शादी करना चाहते हैं। इसलिए वह पहले से हत्या करने की फिराक में था।
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दूसरे ही दिन आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के मेमोरेंडम कथनों के आधार पर उसके द्वारा हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को जब्त किया गया। इस पर मृतक का खून लगा हुआ था। मामले में आए साक्ष्य एवं भौतिक साक्ष के आधार पर सोनाली जैन की सूक्ष्म विवेचन के आधार पर प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिराज अली द्वारा प्रकरण क्रमांक 64 / 23 अंतर्गत धारा 302 भा.द. वि.में आरोपी गुड्डू आदिवासी को अपने ससुर रामलाल आदिवासी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। शासन की ओर से पैरवी दिलीप सिंह ठाकुर अतिरिक्त लोक अभियोजक हटा द्वारा की गई।

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