Dewas Lok Sabha Results: यहां खिलता रहा कमल, इस बार छह प्रत्याशियों ने आजमाई किस्मत, 155 राउंड में होगी मतगणना
Dewas Lok Sabha Results: देवास लोकसभा सीट पर इस बार छह प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई है। मुकाबला भाजपा के महेंद्र सिंह सोलंकी और कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय के बीच है। इस बार यहां 75.48 फीसदी वोटिंग हुई है जो पिछले दो चुनाव से अधिक है।
विस्तार
मालवा निमाड़ का देवास ऐसा संसदीय क्षेत्र है, जिसका परिसीमन बार-बार बदलता रहा है। यह सीट 1951-52 और 1957 में शाजापुर-राजगढ़ के नाम से जानी जाती थी। 1962 में यह क्षेत्र आरक्षित हो गया और देवास के नाम से हो गया था। 1967 में यह शाजापुर नाम से हो गया था। 1967 और 1977 में यह सीट सामान्य श्रेणी की थी। 1980 में यह फिर आरक्षित हो गई और अभी तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2009 में परिसीमन के अनुसार यह क्षेत्र देवास नाम से पुनः दर्ज हो गया। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के महेंद्र सिंह सोलंकी और कांग्रेस के राजेंद्र राधाकिशन मालवीय के बीच मुकाबला हुआ है। इसके अलावा छह अन्य उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में थे। इनकी किस्मत का फैसला चार जून को होगा।
मतगणना के लिए रहेगी यह व्यवस्था?
कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी ऋजु बाफना ने बताया कि चार जून को संसदीय देवास की आठ विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए 122 टेबलें लगाई जाएंगी। जहां, 2309 मतदान केंद्रों के मतों की गणना की जाएगी। सुबह 8.00 बजे से मतगणना शुरू होगी। मतगणना कुल 155 राउंड में संपन्न होगी। जिसमें विधानसभा क्षेत्र 157-आष्टा के 17, विधानसभा क्षेत्र 166-आगर के 22, विधानसभा क्षेत्र 167-शाजापुर के 18, विधानसभा क्षेत्र 168-शुजालपुर के 19, विधानसभा क्षेत्र 169-कालापीपल के 19, विधानसभा क्षेत्र 170-सोनकच्छ के 21, विधानसभा क्षेत्र 171-देवास के 21 और विधानसभा क्षेत्र 172-हाटपिपल्या के 18 राउंड में मतों की गणना होगी।
यहां होगी मतगणना
शाजापुर के शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में होने वाली मतगणना के लिए शाजापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 18, शुजालपुर और कालापीपल क्षेत्र के लिए 14-14 टेबल लगाई जाएंगी। इसी तरह शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सीहोर में होने वाली मतगणना के लिए आष्टा विधानसभा क्षेत्र के लिए 20 टेबलें, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज आगर में होने वाली मतगणना के लिए आगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 टेबलें, शासकीय केंद्रीय विद्यालय बैंक नोट प्रेस परिसर देवास में होने वाली मतगणना के लिए सोनकच्छ, देवास और हाटपिपल्या विधानसभा क्षेत्र के लिए 14-14 टेबलें लगाई जाएंगी। देवास लोकसभा क्षेत्र के पोस्टल बैलट की गणना के लिए 8 टेबलें लगाईं जाएंगी।
कितने प्रतिशत हुआ था मतदान?
देवास संसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा क्षेत्र सम्मिलित हैं। सीहोर जिले से एक, शाजापुर से तीन, देवास से तीन और आगर-मालवा जिले से एक सीट इसमें शामिल है। आठों सीटों पर यहां भाजपा का कब्जा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां 75.48 फीसदी वोटिंग हुई। 79.79 फीसदी पुरुषों और 70.95 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया। इससे पहले 2019 में यहां 61.62 फीसदी मतदान हुआ था। 2014 में 58.19 फीसद वोटिंग हुई थी।
प्राचीन और पौराणिक महत्व
इस तरह चार जिलों की सीटों को समेटे देवास लोकसभा क्षेत्र का प्राचीन और पौराणिक महत्व है। मां चामुंडा की नगरी और देवास के पवार शासकों की नगरी रही ही देवास। वर्तमान में देवास नोट प्रेस और उद्योग नगरी के रूप में भी प्रसिद्ध है।
पहले दो-दो उम्मीदवार जीतते थे
आरक्षित सीट होने से 1951-52 और 1957 में देवास से दो दो उम्मीदवार विजयी रहे थे। ये दोनों उम्मीदवार कांग्रेस के विजयी रहे थे। कांग्रेस के प्रसिद्ध नेता लीलधर जोशी लगातार दो बार विजयी रहे थे।
जनसंघ का भी रहा गढ़
1962 में यह क्षेत्र देवास नाम से हो गया और आरक्षित सीट होने से यहां से हुकमचंद जनसंघ से विजयी रहे। 1967 में यह सामान्य सीट हो गई थी। यहां से जनसंघ के बाबूराव ने कांग्रेस के लीलाधर जोशी को पराजित किया था। 1971 में जनसंघ के प्रसिद्ध नेता जगन्नाथ राव जोशी विजयी रहे थे। 1977 से वर्तमान तक यह सीट आरक्षित है। 1977 और 1980 में यहां से भालोद और जनता पार्टी से फूलचंद वर्मा विजयी रहे थे। 1984 में कांग्रेस के बापूलाल मालवीय ने फूलचंद वर्मा को पराजित कर दिया था। 1989 और 1991 में फूलचंद वर्मा भाजपा से लगातार विजयी रहे थे।
थावरचंद गहलोत लगातार चार बार विजयी हुए
1996 से 2004 तक भाजपा के थावरचंद गहलोत चार बार लगातार विजयी हुए और कांग्रेस के उम्मीदवार पराजित हुए थे। क्षेत्र से पहली महिला उम्मीदवार 1996 में कांग्रेस से शकुंतला चौहान उम्मीदवार रही थीं।
सज्जन सिंह वर्मा ने गहलोत को हराया
2009 में कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा ने भाजपा के थावरचंद गहलोत को पराजित कर भाजपा के जीत के सिलसिले को तोड़ दिया था। इसके बाद 2014 में भाजपा के मनोहर ऊंटवाल ने कांग्रेस के सज्जन सिंह वर्मा को पराजित किया था। 2019 में न्यायिक सेवाओं को छोड़ भाजपा से खड़े हुए महेंद्र सिंह सोलंकी विजयी रहे थे, उन्होंने कबीर गायक प्रहलाद सिंह टिपानिया को पराजित किया था।

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