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MP News: पांच रुपये कम थे तो बिन इलाज लौटीं मां-बेटी, जिम्मेदारों को जलने से झुलसी मासूम के आंसू भी नहीं दिखे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 15 Oct 2024 02:49 PM IST
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सार
देवास में चौंकाने वाली मामला सामने आया है। सरकार के गरीबों को मुक्त इलाज देने के दावे खोखले साबित होते नजर आए। यहां 5 रुपए कम होने पर मां बेटी को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा।
पांच रुपये कम होने पर बच्ची का इलाज नहीं किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के देवास जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मात्र पांच रुपये कम होने पर इलाज नहीं मिल सका। जलने से झुलसी बालिका और उसकी मां निराश होकर लौट गए। जिम्मेदार मामले को दिखवाने का कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए।
गौरतलब है कि सरकार गरीबों को मुफ्त इलाज देने की बात करती है, लेकिन देवास में एक ऐसा मामला सामने आया जहां सरकार के गरीबों को मुक्त इलाज देने के दावे खोखले साबित होते नजर आए। यहां 5 रुपए कम होने पर मां बेटी को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। मामला देवास जिले के नेमावर के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां सोमवार को मां अपनी जली हुई रोती-बिलखती मासूम बेटी का इलाज करवाने के लिए शासकीय अस्पताल पहुंची थी। जहां मां-बेटी दोनों ने पर्ची बनवा ली। जब पैसे देने का नंबर आया तो उनके पास मात्र 15 रुपए ही निकले। इसी बात को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और महिला के बीच बहसबाजी हो गई और दोनों मां बेटी को बगैर इलाज के ही शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से घर लौटना पड़ा। इस संबंध में जब प्रभारी डॉ. राहुल उइके से बात की तो उनका कहना था कि पर्ची वाला मामला उनके संज्ञान में भी आया है। मैं दिखाता हूं।
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गौरतलब है कि सरकार गरीबों को मुफ्त इलाज देने की बात करती है, लेकिन देवास में एक ऐसा मामला सामने आया जहां सरकार के गरीबों को मुक्त इलाज देने के दावे खोखले साबित होते नजर आए। यहां 5 रुपए कम होने पर मां बेटी को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। मामला देवास जिले के नेमावर के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां सोमवार को मां अपनी जली हुई रोती-बिलखती मासूम बेटी का इलाज करवाने के लिए शासकीय अस्पताल पहुंची थी। जहां मां-बेटी दोनों ने पर्ची बनवा ली। जब पैसे देने का नंबर आया तो उनके पास मात्र 15 रुपए ही निकले। इसी बात को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और महिला के बीच बहसबाजी हो गई और दोनों मां बेटी को बगैर इलाज के ही शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से घर लौटना पड़ा। इस संबंध में जब प्रभारी डॉ. राहुल उइके से बात की तो उनका कहना था कि पर्ची वाला मामला उनके संज्ञान में भी आया है। मैं दिखाता हूं।
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देवास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज नहीं मिला।
- फोटो : अमर उजाला
दी कार्रवाई करने की धमकी!
महिला ने बताया कि मेरी बच्ची थोड़ी जल गई थी। इसके इलाज के लिए मैं अस्पताल पहुंची थी। मैं घर से 20 रुपये लेकर निकली थी, पर पांच रुपये रास्ते में गिर गए। मैंने आग्रह किया कि पर्ची बना दो, पर अस्पताल वालों का कहना है कि पैसे पूरे देना पड़ेंगे। मिन्नतें करने के बाद भी बच्ची को इलाज नहीं दिया। बच्ची लगातार रो रही थी, तो मैंने गुस्से में पर्ची फाड़ दी, तो अस्पताल वाले डरा रहे हैं कि तुम्हारी शिकायत करेंगे, तुम पर कार्रवाई होगी।
महिला ने बताया कि मेरी बच्ची थोड़ी जल गई थी। इसके इलाज के लिए मैं अस्पताल पहुंची थी। मैं घर से 20 रुपये लेकर निकली थी, पर पांच रुपये रास्ते में गिर गए। मैंने आग्रह किया कि पर्ची बना दो, पर अस्पताल वालों का कहना है कि पैसे पूरे देना पड़ेंगे। मिन्नतें करने के बाद भी बच्ची को इलाज नहीं दिया। बच्ची लगातार रो रही थी, तो मैंने गुस्से में पर्ची फाड़ दी, तो अस्पताल वाले डरा रहे हैं कि तुम्हारी शिकायत करेंगे, तुम पर कार्रवाई होगी।

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