भोजशाला में जुटे संत: मां वाग्देवी की विशेष पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ; कहा- ये 750 वर्षों के संघर्ष की जीत
धार की भोजशाला में संतों और श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी की विशेष पूजा-अर्चना व हनुमान चालीसा का पाठ किया। संत समाज ने उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे 750 वर्षों के संघर्ष की बड़ी जीत बताया और भव्य मंदिर निर्माण की उम्मीद जताई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन स्थित भोजशाला में इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां वाग्देवी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंगलवार को नियमित सत्याग्रह के बाद दोपहर में अखिल भारतीय संत समिति के संयुक्त महासचिव राधे-राधे बाबा तथा महामंडलेश्वर नरसिंहदास महाराज के नेतृत्व में मालवा अंचल के संतों का एक बड़ा दल भोजशाला पहुंचा।
इस दौरान श्रद्धालुओं और संतों ने मां वाग्देवी की विशेष पूजा-अर्चना की तथा सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। शंखध्वनि और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा भोजशाला परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया। सत्याग्रह के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष निलेश भारती, भाजपा नेता अशोक जैन, अशोक शास्त्री, भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी तथा हिंदू समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।
750 वर्षों के संघर्ष की बड़ी जीत
भोजशाला परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए संत समाज ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया। अखिल भारतीय संत समिति के संयुक्त महासचिव राधे-राधे बाबा ने कहा कि मैं पूरे संत समाज की ओर से माननीय उच्च न्यायालय को साधुवाद और धन्यवाद देता हूं। न्यायालय ने हिंदू भावनाओं और हमारे पूजा-अधिकार का सम्मान करते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय दिया है। संतों ने इस उपलब्धि को लगभग 750 वर्षों के लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत बताया। उन्होंने कहा कि भोजशाला मुक्ति समिति, हिंदू जागरण मंच, संघ परिवार, विश्व हिंदू परिषद तथा धार के आम नागरिकों ने पीढ़ियों से इस कानूनी और सामाजिक संघर्ष को आगे बढ़ाया है, जिसका परिणाम आज दिखाई दे रहा है।
पढ़ें: थाने के अंदर सिपाही ने हवलदार को जमकर पीटा, नाराज एसएसपी ने किया तत्काल निलंबित
भोजशाला तो झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है
संतों ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और संतों के आशीर्वाद से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी प्रकार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में भोजशाला के संबंध में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में यहां मां वाग्देवी का भव्य मंदिर निर्मित होगा। संतों ने नारा देते हुए कहा कि भोजशाला तो अभी झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है।
उन्होंने वर्तमान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा पूजा-पाठ में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही पूर्व पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह और तत्कालीन कलेक्टर की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि जब सर्वेक्षण कार्य को रोकने के प्रयास किए जा रहे थे, तब प्रशासन की तत्परता के कारण समय पर सर्वेक्षण शुरू हो सका। संतों ने इसे प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता का उदाहरण बताया।

कमेंट
कमेंट X