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Dindori: अमृत 2.0 योजना पर जांच की आंच, जलाशय के भीतर बना दी सीवर लाइन, रिपोर्ट में कई अधिकारियों पर उठे सवाल

Tue, 04 Aug 2026 09:22 PM IST
डिंडोरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी Published by: डिंडोरी ब्यूरो Updated Tue, 04 Aug 2026 09:22 PM IST
सार

जलाशय सौंदर्यीकरण परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे तीन सदस्यीय दल ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां उजागर होने के बाद विभागीय जांच, थर्ड पार्टी ऑडिट और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई है।

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Dindori News: AMRUT 2.0 Project Under Scanner, Sewer Line Built Inside Reservoir, Officials Face Probe
डिंडौरी अमृत 2.0 योजना में बड़ा खुलासा: तालाब के भीतर बिछी सीवर लाइन, जांच रिपोर्ट में एफआईआर औ

विस्तार

नगर परिषद डिंडौरी में अमृत 2.0 योजना के तहत पुरानी डिंडौरी जलाशय के सौंदर्यीकरण कार्य में तकनीकी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच दल की अंतरिम रिपोर्ट में परियोजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।

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जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 में 68 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना पर अब तक करीब 42 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जांच के दौरान पाया गया कि वार्ड क्रमांक 12 और 13 के समीप तालाब के भीतर ही सीवर लाइन और मेनहोल का निर्माण कर दिया गया। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रभावी ढंग से संचालित नहीं होने के कारण दूषित पानी सीधे जलाशय में पहुंच रहा है, जिससे जल की गुणवत्ता और भंडारण क्षमता प्रभावित हो रही है।
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रिपोर्ट में नगर परिषद, एमपीयूडीसी और जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच दल के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक एनओसी और तकनीकी स्वीकृतियां समय पर नहीं ली गईं। साथ ही अतिक्रमण नहीं हटाने और निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही के कारण परियोजना का उद्देश्य प्रभावित हुआ है। जांच दल ने तत्कालीन सीएमओ अमित तिवारी, इंजीनियर शिवराज बघेल, तहसीलदार आर.पी. मार्को, राजस्व निरीक्षक हेमंत उइके, पटवारी बलिराम भवेदी सहित संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विभागीय जांच कराने की अनुशंसा की है। इसके अलावा पूरे मामले का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने तथा आरोप सिद्ध होने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ या लोकायुक्त से एफआईआर दर्ज कराने की भी सिफारिश की गई है।

इधर आरटीआई कार्यकर्ता सतीश शिवात्री ने अंतरिम जांच रिपोर्ट आने के बावजूद कार्रवाई में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं। वहीं कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जांच दल ने फिलहाल अंतरिम रिपोर्ट सौंपी है। अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन राज्य शासन को भेजा जाएगा।

 

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