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आंबेडकर पोस्टर विवाद: वकील अनिल मिश्रा के फरियादी दलित नेता को पुलिस ने किया गिरफ्तार, तनाव का माहौल

Mon, 05 Jan 2026 04:47 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Mon, 05 Jan 2026 04:47 PM IST
सार

Gwalior: आंबेडकर पोस्टर विवाद से जुड़े मामले में एडवोकेट अनिल मिश्रा पर क्राइम ब्रांच में दर्ज एफआईआर के फरियादी दलित नेता मकरंद बौद्ध को पुलिस ने रविवार दोपहर गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह इसी केस के सिलसिले में विश्वविद्यालय थाना पहुंचा था।

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Ambedkar poster controversy: Police arrest Dalit leader, complainant of lawyer Anil Mishra, creating tension
दलित नेता मकरंद बौद्ध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर में आंबेडकर पोस्टर विवाद से जुड़े मामले में एडवोकेट अनिल मिश्रा पर क्राइम ब्रांच में दर्ज एफआईआर के फरियादी दलित नेता मकरंद बौद्ध को पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह इसी केस के सिलसिले में विश्वविद्यालय थाना पहुंचा था। फरियादी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन के दौरान आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी था।

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पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसका जेल वारंट जारी कर दिया। दलित नेता के जेल जाने के बाद अब आंबेडकर पोस्टर विवाद में दोनों पक्ष बराबर हो गए हैं। कुछ लोग दोनों पक्षों की गिरफ्तारी को पुलिस द्वारा शांति बहाल करने के लिए अपनाई गई सोची समझी रणनीति भी मान रहे हैं।
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क्या था मामला?
दरअसल, ग्वालियर में विश्वविद्यालय थाना पर दलित नेता मकरंद बौद्ध एक मामले में बातचीत करने पहुंचा था। तभी थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार को एक सिपाही ने बताया कि मकरंद बौद्ध साल 2016-17 में आईपीसी की धारा 188, 146 में आरोपी था। इस मामले में वह लगातार कोर्ट में नहीं पहुंच रहा है। जिस पर उसके वारंट जारी हो रहे थे और अभी उसका गिरफ्तारी वारंट कुछ दिन पहले ही जारी हुआ है। इस पर तत्काल विश्वविद्यालय थाना प्रभारी ने अपनी टीम को निर्देश दिए कि मकरंद बौद्ध का गिरफ्तारी वारंट तामील कराया जाए। मकरंद की गिरफ्तारी और जेल भेजने को दलित संगठन पुलिस की साजिश बता रहे हैं।
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ग्वालियर में पिछले कुछ समय से संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। एक पक्ष अंबेडकर विरोधी है तो दूसरा पक्ष अंबेडकर के पक्ष में अभियान चला रहा है। बुधवार को आंबेडकर जैसा पोस्टर जलाने पर दलित नेता मकरंद बौद्ध क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच थाना में एडवोकेट अनिल मिश्रा सहित सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। गुरुवार रात को पुलिस ने एडवोकेट अनिल मिश्रा सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को भी कोर्ट में सुनवाई हुई थी, जिसमें जज ने पीड़ित को भी सुनवाई का अधिकार अनिवार्य होने की बात कही थी।

पुलिस को निर्देश दिए थे कि फरियादी को नोटिस देकर याचिका की जानकारी दी जाए। इसके बाद पुलिस ने फरियादी को पुराने मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।एएसपी विदिता डागर ने बताया मकरंद बौद्ध का एक पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट था।जिस पर वारंट तामील कराकर उसको कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।

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