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MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून की नई चाल, 4 अगस्त से भारी बारिश की वापसी, कई जिलों के लिए चेतावनी
Sun, 02 Aug 2026 07:18 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 02 Aug 2026 07:18 AM IST
सार
दो दिन हल्की बारिश के बाद 4-5 अगस्त से मध्य प्रदेश में मानसून फिर जोर पकड़ने वाला है। उत्तर और पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रदेश अभी भी सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा पर बना हुआ है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में फिलहाल भारी बारिश से कुछ समय की राहत मिलने के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। खासतौर पर उत्तर और पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय राजस्थान के ऊपर बना निम्न दाब क्षेत्र और प्रदेश से गुजर रही मानसूनी द्रोणिका मौसम को प्रभावित कर रही है। हालांकि फिलहाल इनका असर सीमित है, इसलिए अगले दो दिनों तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अधिकांश जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान किसी भी जिले में भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।
4 और 5 अगस्त से बदलेगा मौसम
4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में तेज बारिश की संभावना है। वहीं 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भारी वर्षा का असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में जारी है बारिश का सिलसिला
शनिवार को रतलाम, भोपाल और खरगोन सहित कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। रतलाम में अब तक 13 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है और शहर का हनुमान ताल पूरी तरह भर गया है। लगातार बारिश के बाद खरगोन का कुंदा जलप्रपात उफान पर है, जिसके चलते सिरवेल महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।ग्वालियर में भी दोपहर बाद तेज बारिश और रात में बूंदाबांदी हुई।
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अब भी सामान्य से कम है बारिश
प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद 43 जिले अब भी सामान्य से कम वर्षा वाले हैं, जबकि केवल 12 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार जून में वर्षा सामान्य से 14 प्रतिशत कम रही थी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश तेज होने के बावजूद पूरे महीने का आंकड़ा सामान्य से करीब 13 प्रतिशत नीचे ही रहा।
यह भी पढ़ें-भोपाल में निगम का एक्शन: रिहायशी इलाकों में चल रहे कारोबार पर ताले, 200 से ज्यादा व्यापारियों ने खुद किया बंद
सामान्य वर्षा का लक्ष्य अभी बाकी
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की औसत वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाला नया बारिश का दौर इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है।
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4 और 5 अगस्त से बदलेगा मौसम
4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में तेज बारिश की संभावना है। वहीं 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भारी वर्षा का असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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कई जिलों में जारी है बारिश का सिलसिला
शनिवार को रतलाम, भोपाल और खरगोन सहित कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। रतलाम में अब तक 13 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है और शहर का हनुमान ताल पूरी तरह भर गया है। लगातार बारिश के बाद खरगोन का कुंदा जलप्रपात उफान पर है, जिसके चलते सिरवेल महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।ग्वालियर में भी दोपहर बाद तेज बारिश और रात में बूंदाबांदी हुई।
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अब भी सामान्य से कम है बारिश
प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद 43 जिले अब भी सामान्य से कम वर्षा वाले हैं, जबकि केवल 12 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार जून में वर्षा सामान्य से 14 प्रतिशत कम रही थी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश तेज होने के बावजूद पूरे महीने का आंकड़ा सामान्य से करीब 13 प्रतिशत नीचे ही रहा।
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सामान्य वर्षा का लक्ष्य अभी बाकी
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की औसत वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े जिलों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाला नया बारिश का दौर इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है।
