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Gwalior News: '50 हजार का इनाम... बस मिट्ठू घर लौट आए', ग्वालियर में तोते के बिछड़ने से परिवार की आंखें नम
Fri, 31 Jul 2026 11:02 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:02 PM IST
सार
ग्वालियर में परिवार की चहेती मादा तोता 'मिट्ठू' तीन दिन पहले उड़ गई। उसे वापस लाने वाले के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। परिवार ई-रिक्शा से मुनादी करवा रहा है। मिट्ठू के गुम होने से घर की बुजुर्ग मां और छोटी बेटी बेहद परेशान हैं।
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ग्वालियर में तोते के बिछड़ने से परिवार की आंखें नम
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विस्तार
कहते हैं कि अपनापन सिर्फ इंसानों से नहीं, बल्कि बेजुबान जीवों से भी ऐसा रिश्ता बना देता है जो परिवार का हिस्सा बन जाता है। ग्वालियर के अलकापुरी-कलेक्ट्रेट रोड स्थित एनजी ग्रांड में रहने वाला एक परिवार इन दिनों इसी दर्द से गुजर रहा है। उनके घर की चहेती मादा तोता 'शकुंतला' उर्फ मिट्ठू तीन दिन पहले उड़ गई और तब से पूरा परिवार उसकी तलाश में शहर की गलियां छान रहा है।
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मिट्ठू को सुरक्षित वापस लाने वाले के लिए परिवार ने 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। परिवार का कहना है कि इनाम की रकम उनके लिए मायने नहीं रखती, सबसे बड़ी खुशी तब होगी जब मिट्ठू फिर से घर लौट आएगी।
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परिवार के सदस्य अनिल ओझा बताते हैं कि करीब एक साल पहले मिट्ठू उनके घर आई थी। धीरे-धीरे वह परिवार की सदस्य बन गई। खास बात यह थी कि उसे कभी पिंजरे में नहीं रखा गया। वह पूरे घर में आजादी से घूमती थी और परिवार के लोगों की आवाज सुनते ही उनके कंधे या हाथ पर आ बैठती थी। उसकी आवाज से घर की सुबह और शाम गुलजार रहती थी।
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सोमवार को खिड़की खुली रह जाने के कारण मिट्ठू उड़कर बाहर निकल गई। शुरुआत में सभी को उम्मीद थी कि वह कुछ देर बाद लौट आएगी, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी जब वह नहीं आई तो परिवार की चिंता बढ़ गई। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू हुई, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
मिट्ठू के गुम होने का सबसे ज्यादा असर घर की बुजुर्ग मां और छोटी बेटी पर पड़ा है। परिवार का कहना है कि दोनों उससे बेहद जुड़ी हुई थीं। उसके जाने के बाद उन्होंने ठीक से खाना-पीना भी छोड़ दिया है और हर वक्त दरवाजे की ओर टकटकी लगाए रहती हैं कि शायद मिट्ठू वापस लौट आए।
मिट्ठू की तलाश के लिए परिवार ने अनोखा अभियान शुरू किया है। उसकी तस्वीर और पहचान वाले पोस्टर तैयार कराकर ई-रिक्शा के जरिए पूरे शहर में मुनादी कराई जा रही है। पिछले तीन दिनों में इस अभियान पर करीब 8 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। ई-रिक्शा चालक रोज कई घंटों तक अलग-अलग कॉलोनियों और बाजारों में लोगों से अपील कर रहा है कि यदि कहीं यह तोता दिखाई दे तो तुरंत परिवार को सूचना दें।
