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आखिर मोरक्को छोड़ क्यों स्पेन में घुसे लोग?: सेउटा में 60 हजार लोगों की एंट्री से मचा हड़कंप; अब तक 34 की मौत

Fri, 31 Jul 2026 08:23 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 31 Jul 2026 08:23 PM IST
सार

स्पेन के सेउटा एन्क्लेव में प्रवेश के लिए हजारों प्रवासियों ने समुद्री रास्ते से सीमा पार करने की कोशिश की। इस दौरान 34 लोगों की मौत हो गई। हालात बेकाबू होने पर मोरक्को ने आंसू गैस, वाटर कैनन और हवाई फायरिंग का सहारा लिया, जबकि स्पेन ने अतिरिक्त सैनिक तैनात किए। इस घटना ने पूरे यूरोप में सुरक्षा और प्रवासन नीति को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

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Flood of refugees at border 34 died trying to reach Spain what is situation now Migrant Crisis
सेउटा पहुंचने की कोशिश करते प्रवासी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

स्पेन और मोरक्को की सीमा से सामने आए दिल दहला देने वाले वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। स्पेन के उत्तरी अफ्रीका स्थित एन्क्लेव सेउटा में प्रवेश करने के लिए हजारों अवैध प्रवासियों ने समुद्र में छलांग लगा दी और तैरकर सीमा पार करने की कोशिश की। इस दौरान मची भगदड़ और समुद्र में डूबने की घटनाओं में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग सीमा पर लगी बाड़ के आसपास समुद्र में तैरते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई अन्य लोग तट पर मौका मिलने का इंतजार करते नजर आए।

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कैसे बेकाबू हो गए हालात?
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हजारों लोग समुद्र में उतरकर सेउटा पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दिए। वहीं बड़ी संख्या में लोग समुद्र किनारे सीमा पार करने के अवसर का इंतजार कर रहे थे। भीड़ को रोकने के लिए मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने आंसू गैस छोड़ी, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। इसके बावजूद लोगों का सीमा की ओर बढ़ना लगातार जारी रहा।
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कितने लोग पहुंचे सेउटा?
सेउटा के स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस अभूतपूर्व घटनाक्रम के दौरान करीब 60,000 लोगों ने शहर में प्रवेश किया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह दबाव में आ गया। स्थिति को संभालने और राहत कार्यों में मदद के लिए स्पेन सरकार को अतिरिक्त सैन्य बल तैनात करना पड़ा।
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आखिर मोरक्को के लोग अपना देश छोड़ने को क्यों मजबूर हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पार करने की कोशिश करने वालों में बड़ी संख्या मोरक्को के युवा नागरिकों की थी। लंबे समय से बनी हुई बेरोजगारी और बेहतर भविष्य की तलाश उन्हें यूरोप की ओर खींच रही है। हालांकि, इस संकट की वजह सिर्फ आर्थिक तंगी नहीं है। हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को तत्काल मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। उन्हें पहले स्पेन लाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस फैसले का फायदा मानव तस्करी से जुड़े गिरोहों ने उठाया। उन्होंने मोरक्को में यह अफवाह फैलाई कि अब समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंचना पहले की तुलना में आसान हो गया है। इसी भ्रम में हजारों लोग सीमा की ओर निकल पड़े। तस्करों ने लोगों को यह भी विश्वास दिलाया कि एक बार स्पेन पहुंचने के बाद कानूनी प्रक्रिया लंबी चलेगी और इस दौरान वे यूरोप के अन्य देशों तक पहुंच सकते हैं।

प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने क्या कहा?
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने शुक्रवार को सेउटा का दौरा किया। उन्होंने इस सामूहिक घुसपैठ को 'स्पेन की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन' बताया। उन्होंने इसके लिए मानव तस्करी करने वाले गिरोहों को जिम्मेदार ठहराया। सांचेज के मुताबिक, तस्करों ने स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को गलत तरीके से पेश करते हुए प्रवासियों के बीच यह भ्रम फैला दिया कि यदि वे तैरकर स्पेन की सीमा में पहुंच गए तो उन्हें तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकेगा।

कितना गंभीर हो चुका है संकट?
स्थानीय सिविल गार्ड के प्रतिनिधियों के अनुसार, बड़ी संख्या में प्रवासी, जिनमें कई बिना अभिभावक वाले बच्चे भी शामिल हैं, पार्कों और फुटपाथों पर रात बिताने को मजबूर हैं। राहत और बचाव एजेंसियां लगातार बढ़ती भीड़ के कारण भारी दबाव में हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों में कई लोग समुद्र में डूब गए, जबकि कुछ लोगों की मौत तराजाल बीच के ब्रेकवॉटर के पास मची भगदड़ में हुई।

मोरक्को की कार्रवाई के बावजूद लोग क्यों पहुंचते रहे?
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, मोरक्को के सुरक्षा बलों ने पकड़े गए प्रवासियों को सीमा क्षेत्र से दूर अन्य स्थानों पर पहुंचाया, लेकिन इसके बावजूद नए समूह लगातार सीमा तक पहुंचते रहे। वहीं कुछ ऐसे प्रवासी, जो किसी तरह सेउटा पहुंच गए थे, बाद में स्वेच्छा से वापस मोरक्को लौट गए।

क्या इस संकट का असर पूरे यूरोप पर पड़ रहा है?
इस घटनाक्रम ने पूरे यूरोप में राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। इटली ने स्पेन के साथ अपनी सीमा निगरानी और कड़ी करने की चेतावनी दी है, जबकि फ्रांस ने भी अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच बढ़ाने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, स्पेन के विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री सांचेज़ की सरकार पर अवैध प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जिसे सरकार ने खारिज करते हुए कहा कि इस संकट की असली वजह मानव तस्करों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर फैलाई गई गलत जानकारी है, न कि सरकार की आव्रजन नीति।


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सेउटा क्यों बना हुआ है प्रवासियों के लिए अहम प्रवेश द्वार?
सेउटा उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के दो एन्क्लेव में से एक है और लंबे समय से यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए प्रमुख प्रवेश मार्ग माना जाता है। मोरक्को के पड़ोसी इलाकों से बड़ी संख्या में लोग जोखिम उठाकर समुद्र के रास्ते यहां पहुंचने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह सफर अक्सर जानलेवा साबित होता है। हालिया घटना ने एक बार फिर इस मार्ग से जुड़े मानवीय, सुरक्षा और राजनीतिक संकट को दुनिया के सामने ला खड़ा किया।

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