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नेपाल में सांप्रदायिक तनाव गहराया: सुनसरी के बाद सप्तरी में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू; सीमा पर पहचान पत्र अनिवार्य
Fri, 31 Jul 2026 04:39 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, काठमांडू
पीटीआई, काठमांडू
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Fri, 31 Jul 2026 04:39 PM IST
सार
नेपाल के सुनसरी में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से ही प्रशासन सख्त है। हिंसा के विरोध में प्रदर्शन शुरू होने के बाद शुक्रवार को नेपाली अधिकारियों ने भारत से सटे सप्तरी जिले के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया।
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नेपाल की सेना
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
नेपाल के भारत से सटे तराई क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सुनसरी से शुरू हुई हिंसा अब सप्तरी, धनुषा और सिराहा तक फैल चुकी है। हालात को देखते हुए कई जिलों में कर्फ्यू, निषेधाज्ञा और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए हिंसा की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने तनावपूर्ण स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने देशवासियों से शांति, एकता और संयम बनाए रखने की अपील की है।
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सप्तरी में कर्फ्यू क्यों लगाया गया?
सांप्रदायिक झड़पों के विरोध में लोगों के समूहों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर सप्तरी जिला प्रशासन कार्यालय ने राजबिराज नगरपालिका के कुछ हिस्सों में शुक्रवार सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया।
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नेपाल के किन-किन जिलों में तनाव बना हुआ है?
सप्ताहांत में सुनसरी में सांप्रदायिक झड़पें शुरू होने के बाद से नेपाल के कई जिलों में तनाव का माहौल बना हुआ है। हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन को कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी है, जबकि सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। सप्तरी में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद कर्फ्यू वाले जिलों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
किन जिलों में पहले से कर्फ्यू लागू था?
सुनसरी, धनुषा और सिराहा जिलों के कुछ हिस्सों में पहले से ही कर्फ्यू लागू है। ये सभी जिले भारत की सीमा से लगे नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र में स्थित हैं। अधिकारी हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक इस हिंसा में तीन लोगों की जान जा चुकी है।
सुनसरी में हिंसा कैसे शुरू हुई?
रविवार को दो धार्मिक समुदायों के जुलूस और धार्मिक आयोजनों के दौरान हुए विवाद के बाद हालात बिगड़ गए। भिड़ते समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
झड़प की वजह क्या थी?
हिंसा उस समय भड़की जब अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे दोनों समुदायों के सदस्य लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर आमने-सामने आ गए। कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई, जिसके बाद सुरक्षाबलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
हिंसा का दायरा कैसे बढ़ा?
गुरुवार को हिंसा पड़ोसी मधेस प्रांत तक फैल गई, जहां सिराहा जिले में हुई झड़पों में एक किशोर की मौत हो गई। वहीं, सुनसरी हिंसा में घायल एक अन्य व्यक्ति ने कोशी प्रांत में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सीमा पर प्रशासन ने क्या नया फैसला लिया?
सीमावर्ती सर्लाही जिले की जिला सुरक्षा समिति ने भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के लिए वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया है। इसकी जानकारी सहायक मुख्य जिला अधिकारी होम प्रसाद घिमिरे ने दी।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने लोगों से क्या अपील की?
गुरुवार को जारी बयान में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज संगठनों और आम नागरिकों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की अपील की। वहीं, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्र के नाम अपने टेलीविजन संबोधन में कहा कि सरकार हालिया हिंसा की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराएगी तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का आग्रह भी किया।
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सिराहा में पुलिसकर्मी पर हमला कैसे हुआ?
एक अलग घटना में गुरुवार रात सिराहा जिले की लहान नगरपालिका में एक अज्ञात हमलावर ने पुलिस कॉन्स्टेबल नारद परियार को गोली मार दी। गोली उनकी दाहिनी जांघ में लगी, जिसके बाद उन्हें विराटनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।