मोरक्को की सीमा तोड़कर स्पेन में घुसे हजारों प्रवासी: नौ की मौत, मचा हड़कंप; यूरोप के सामने खड़ा हुआ नया संकट?
मोरक्को से स्पेन के स्यूटा में हजारों प्रवासी पहुंचे, जिससे सीमा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया। स्थानीय अधिकारियों ने हालात संभालने के लिए सेना भेजने और राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की है। आखिर स्यूटा में इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी क्यों पहुंचे, कैसे बढ़ा सीमा विवाद और इस छोटे से इलाके का यूरोप के लिए क्या महत्व है? जानिए इस रिपोर्ट में।
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विस्तार
राशिद सबीही स्यूटा में स्पेन की सिविल गार्ड के अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन के प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह अराजक है। उन्होंने कहा, सटीक संख्या बताना संभव नहीं है, लेकिन हजारों प्रवासी सीमा पार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा की स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है।
उत्तरी मोरक्को में मानवाधिकार संगठन के सदस्य अशरफ मैमौनी ने स्थिति को 'असाधारण' बताया। उन्होंने कहा, आज सुबह ताराजल सीमा को असामान्य हालात में खोला गया और लोग वहां से अंदर आ गए।
वीडियो फुटेज में दिखाया गया कि बड़ी संख्या में लोग ताराजल समुद्र तट के किनारे बने तटबंधों से होते हुए स्थानीय सड़कों पर पहुंच रहे थे। इनमें ज्यादातर मोरक्को के नागरिक थे। ज्यादातर युवा पुरुष दिखाई दे रहे थे, लेकिन महिलाओं और बच्चों वाले परिवार भी शामिल थे।
कुछ लोगों ने एसोसिएटेड प्रेस के लिए काम कर रहे एक स्वतंत्र फोटोग्राफर को देखकर 'विवा एस्पाना' (स्पेन जिंदाबाद) के नारे भी लगाए। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के स्यूटा पहुंचने की वजह क्या थी।
स्पेन-मोरक्को सीमा पर क्यों बढ़ा संकट?
स्पेन और मोरक्को की सीमा पर यह तनाव बुधवार को छोटे से स्पेनिश क्षेत्र में पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों की संख्या बढ़ने के बाद बढ़ा। इनमें से ज्यादातर लोग समुद्र में तैरकर स्यूटा पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
सबीही और मोरक्को तथा स्यूटा के सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, बुधवार को समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंचने की कोशिश में तीन लोगों की मौत हो गई। मोरक्को के अधिकारियों ने इस सीमा पार करने की घटना पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है।
ISLAMIC INVASION - CEUTA
— Geert Wilders (@geertwilderspvv) July 30, 2026
Stop them ALL.
Send them ALL back.
No more.
No more islam.#stopislam pic.twitter.com/UnhfYDCDRK
स्पेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि मोरक्को सरकार स्थिति संभालने में स्पेन के साथ 'करीबी सहयोग' कर रही है। मंत्रालय ने बताया कि मोरक्को की पुलिस सीमा पार करने की कोशिश कर रहे कई लोगों को रोक रही है। दोनों देशों ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई है, ताकि स्यूटा में अवैध रूप से दाखिल हुए सभी लोगों को जल्द से जल्द वापस भेजा जा सके। स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का शुक्रवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए स्यूटा जाएंगे।
स्यूटा के अधिकारियों ने पहले प्रवासियों की बढ़ती संख्या को इस महीने की शुरुआत में आए स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जोड़ा था। इस फैसले के तहत समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंचने वाले प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। हालांकि, जमीन के रास्ते सीमा पार करने वालों पर यह नियम लागू नहीं होता। जैसे, सीमा पर लगी बाड़ को पार करके आने वाले लोगों को अलग नियमों के तहत रोका जाता है।
हालांकि, मोरक्को के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस फैसले को प्रवासियों की बढ़ती संख्या की वजह मानने पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि ज्यादातर प्रवासियों को ऐसे कानूनी फैसलों की जानकारी भी नहीं होगी। बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश या अपने देशों में हिंसा से बचने के लिए यूरोप जाने वाले प्रवासियों के लिए स्पेन एक प्रमुख प्रवेश मार्ग है।
उत्तरी अफ्रीका के तट पर स्थित स्यूटा पहुंचने के लिए प्रवासी अक्सर मोरक्को के फनीदेक शहर से तैरकर आते हैं। उन्हें करीब 3.1 मील यानी लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। कुछ लोग पास के बेलेयुनेक शहर से भी सीमा पार करने की कोशिश करते हैं, जहां दूरी कम है।
सीमा पार करते लोगों के ये दृश्य मई 2021 के उस संकट की याद दिलाते हैं, जब सिर्फ दो दिनों में 8,000 से ज्यादा प्रवासी स्यूटा में पहुंच गए थे।
उस समय मोरक्को पर आरोप लगा था कि उसने सीमा पर निगरानी ढीली कर दी और प्रवासियों को स्यूटा में प्रवेश करने दिया। यह घटना तब हुई थी, जब स्पेन ने मोरक्को के प्रतिद्वंद्वी संगठन पोलिसारियो फ्रंट के नेता ब्राहिम गाली को इलाज के लिए स्पेन के एक अस्पताल में आने की अनुमति दी थी। इससे रबात और मैड्रिड के बीच कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
पोलिसारियो फ्रंट दशकों से पश्चिमी सहारा के लोगों का प्रतिनिधि होने का दावा करता रहा है और इस क्षेत्र को स्वतंत्र कराने की मांग करता है। पश्चिमी सहारा को लेकर मोरक्को और इस संगठन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।
स्यूटा के प्रमुख ने की सेना तैनात करने की मांग
स्यूटा की क्षेत्रीय सरकार के प्रमुख जुआन जीसस विवास ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर स्पेन की केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की। उन्होंने सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल और सेना तैनात करने की अपील की।
विवास ने कहा कि सीमा की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस और सैनिकों की जरूरत है।
उन्होंने बुधवार को चेतावनी दी थी कि प्रवासियों को रखने वाले केंद्रों पर दबाव बढ़ गया है। पिछले सप्ताह 1,500 से अधिक प्रवासी स्यूटा पहुंच गए थे, जिसके बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर सो रहे थे। लेकिन बुधवार रात और गुरुवार को हजारों और लोग सीमा पार कर गए।
अवैध प्रवास पर नजर रखने वाल स्पेन का गृह मंत्रालय पिछले कुछ दिनों में स्यूटा पहुंचे प्रवासियों की संख्या की पुष्टि नहीं कर सका। मंत्रालय ने कहा कि वह अपनी अगली प्रवासन रिपोर्ट 3 अगस्त को जारी करेगा। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 15 जुलाई तक इस साल करीब 3,000 प्रवासी जमीन या समुद्र के रास्ते स्यूटा पहुंच चुके थे।
स्पेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने से जुड़े कानून में प्रवासियों की संख्या बढ़ने को राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे के रूप में शामिल नहीं किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार की सभी एजेंसियां स्यूटा की स्थिति से तेज और प्रभावी तरीके से निपटने के लिए आपसी तालमेल से काम कर रही हैं।