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'हमास से हथियार छोड़ने पर बनी सहमति': डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, क्या गाजा से वापस लौटेगी इस्राइली सेना?
Fri, 31 Jul 2026 08:19 AM IST
राकेश कुमार
एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 31 Jul 2026 08:19 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' ने मिस्र, कतर और तुर्की की मध्यस्थता से गाजा में युद्ध रोकने के लिए एक बड़ा समझौता करने का दावा किया है। इस समझौते के तहत हमास पूरी तरह अपने हथियार डालेगा और सुरंगे नष्ट करेगा, जिसके बदले इस्राइली सेना गाजा से चरणबद्ध तरीके से बाहर निकलेगी।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि गाजा में जारी युद्ध को रोकने के लिए एक बड़ा समझौता हो गया है। उनके 'बोर्ड ऑफ पीस'ने गाजा में हमास और अन्य सभी हथियारबंद समूह के 'पूर्ण निशस्त्रीकरण' पर सहमति बना ली है। ट्रंप ने इसे शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
चरणबद्ध तरीके से कैसे लागू होगी यह योजना?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस समझौते की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समझौता एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, जैसे-जैसे गाजा में निशस्त्रीकरण का काम पूरा होता जाएगा, वैसे-वैसे इजरायली सेना पीछे हटती जाएगी। इसके बाद 'इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स' वहां की कमान संभालेगी। यह फोर्स नई फलस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर गाजा को सुरक्षित बनाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में 200 से 300 दिनों का समय लग सकता है।
मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें
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क्या अब गाजा में नई सरकार बनेगी?
ट्रंप ने बताया कि यह समझौता उनकी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना का हिस्सा है। इस पूरी योजना की निगरानी ट्रंप की अध्यक्षता वाला 'बोर्ड ऑफ पीस' कर रहा है। इस समझौते के तहत गाजा में हमास का शासन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। गाजा को चलाने के लिए एक नई फलस्तीनी सरकार बनाई जाएगी। इससे पहले छह जुलाई को हमास ने गाजा में अपनी सरकार को भंग करने का एलान किया था।
ट्रंप ने मिस्र, कतर और तुर्की का धन्यवाद किया। इन तीनों देशों ने काहिरा में हमास के नेताओं के साथ लंबी बातचीत की और इस समझौते को मुमकिन बनाया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि एक साल पहले तक वहां भीषण युद्ध चल रहा था। मानवीय संकट था और लोगों को बंधक बनाकर रखा गया था। अब हमने ऐतिहासिक प्रगति की है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है।
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चरणबद्ध तरीके से कैसे लागू होगी यह योजना?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस समझौते की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समझौता एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, जैसे-जैसे गाजा में निशस्त्रीकरण का काम पूरा होता जाएगा, वैसे-वैसे इजरायली सेना पीछे हटती जाएगी। इसके बाद 'इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स' वहां की कमान संभालेगी। यह फोर्स नई फलस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर गाजा को सुरक्षित बनाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में 200 से 300 दिनों का समय लग सकता है।
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मामले से जुड़ी पांच बड़ी बातें
- हथियार सौंपेगा हमास: हमास और अन्य सभी गुट अपने हथियार डालेंगे और सुरंगे नष्ट करेंगे।
- इस्राइली सेना की वापसी: निशस्त्रीकरण पूरा होने के साथ ही इजरायली सेना गाजा छोड़ देगी।
- नई सुरक्षा व्यवस्था: अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल (आईएसएफ) और नई फलस्तीनी पुलिस गाजा की सुरक्षा संभालेगी।
- नई फलस्तीनी सरकार: गाजा का शासन एक नई सिविल सरकार चलाएगी, जो बोर्ड ऑफ पीस के साथ काम करेगी।
- 3 देशों की बड़ी भूमिका: मिस्र, कतर और तुर्की की मध्यस्थता से यह समझौता संभव हुआ है।
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क्या अब गाजा में नई सरकार बनेगी?
ट्रंप ने बताया कि यह समझौता उनकी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना का हिस्सा है। इस पूरी योजना की निगरानी ट्रंप की अध्यक्षता वाला 'बोर्ड ऑफ पीस' कर रहा है। इस समझौते के तहत गाजा में हमास का शासन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। गाजा को चलाने के लिए एक नई फलस्तीनी सरकार बनाई जाएगी। इससे पहले छह जुलाई को हमास ने गाजा में अपनी सरकार को भंग करने का एलान किया था।
ट्रंप ने मिस्र, कतर और तुर्की का धन्यवाद किया। इन तीनों देशों ने काहिरा में हमास के नेताओं के साथ लंबी बातचीत की और इस समझौते को मुमकिन बनाया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि एक साल पहले तक वहां भीषण युद्ध चल रहा था। मानवीय संकट था और लोगों को बंधक बनाकर रखा गया था। अब हमने ऐतिहासिक प्रगति की है, लेकिन अभी बहुत काम बाकी है।