नगर निगम में गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यपालक अभियंता (ईई/एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) सुशील कटारे को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सबसे अहम बात यह रही कि उनकी सेवानिवृत्ति में महज एक दिन शेष था, लेकिन उससे पहले ही वे लोकायुक्त के ट्रैप में फंस गए। कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी ने लोकायुक्त ग्वालियर से शिकायत की थी कि उनकी एक फाइल आगे बढ़ाने के एवज में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे 36 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।
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जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी 36 हजार रुपये की मांग में से 28 जुलाई को 30 हजार रुपये पहले ही ले चुका था। शेष 6 हजार रुपये देने के लिए शिकायतकर्ता सचिन पचौरी गुरुवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचे। जैसे ही सुशील कटारे ने 6 हजार रुपये की रिश्वत अपने कब्जे में ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने रिश्वत की राशि जब्त की और मौके पर पंचनामा सहित अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
लोकायुक्त ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और आरोपी को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।इस कार्रवाई की खबर फैलते ही नगर निगम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच पूरे दिन इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले हुई यह गिरफ्तारी अब ग्वालियर में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है।