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शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के समय करें पंच दान, होगा हर समस्या का समाधान - 4 दिसम्बर, 2021
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टीईटी पेपर लीक प्रकरण : गिरोह का छठा नाम सामने आया, गोंडा के भूपेंद्र ने शिक्षक को दिया था पर्चा 

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यूपी टेट के प्रश्नपत्र को लीक करने के मामले में बुधवार को एक और नाम सामने आ गया। पुलिस के मुताबिक गोंडा जनपद के खोड़ारे थाने के नेतौरा कोटखास निवासी भूपेंद्र ही वह शख्स है, जिसने गिरफ्तार किए गए सत्येंद्र सिंह तक प्रश्नपत्र की कापी मुहैया कराई थी। वही प्रश्नपत्र बाकी चारों के अलावा अन्य लोगों तक पहुंचाया गया।

भूपेंद्र का नाम मंगलवार को दर्ज मुकदमे में शामिल कर लिया गया है। हालांकि, भूपेंद्र अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं। पुलिस को उम्मीद है कि उसके पकड़े जाने के बाद बड़ा मामले की तह तक पहुंच जाएंगे। उसके जरिए ही पता लग पाएगा कि उसको 28 नवंबर को होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही कैसे मिल गया। 

उधर, बेसिक शिक्षा विभाग ने गिरफ्तार शिक्षक को निलंबित कर दिया है। मंगलवार को पेपर आउट करने वालों के गिरोह में शामिल पांच लोगों को पुलिस ने लालगंज थाने के गौरा घाट के पास से गिरफ्तार किया था। जिनमें गौर थानाक्षेत्र के माझा मानपुर निवासी आनंद प्रकाश यादव , जगदीश यादव के अलावा विनय कुमार निवासी लबनापार थाना कोतवाली के अलावा लालगंज थाने के तिघरा निवासी सत्येन्द्र सिंह उर्फ सोनू व अजीत यादव उर्फ धर्मेंद्र यादव शामिल है। 

इनके पास के पांच मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसकी गैलरी में साफ्ट कापी के रूप में यूपी टीईटी-2021 के मूल प्रश्न-पत्र व उत्तर कुंजी उपलब्ध हैं। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया अजीत उर्फ धर्मेंद्र यादव प्राइवेट क्लीनिक चलाता है। जबकि उसी के गांव का सत्येंद्र उर्फ सोनू प्राइमरी स्कूल में शिक्षक है। जो राम नगर ब्लॉक की प्राइमरी पाठशाला भानपुर में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात है। 

फरार भूपेंद्र ने एक दिन पहले ही उसे पेपर हल करने के लिए मुहैया करा दिया था।  इसके बाद कितने लोगों तक इसकी कापी पहुंची, इसकी पुलिस अभी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि सबसे पहले उसने अपने गांव के धर्मेंद्र को पेपर मुहैया कराया।

सोनू के जरिए बाकी तीनों गौर थानाक्षेत्र के माझा मानपुर निवासी आनंद प्रकाश यादव, जगदीश यादव के अलावा विनय कुमार निवासी लबनापार थाना कोतवाली को उसकी कॉपी फारवर्ड की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेजे जाने से पहले स्पेशल टास्क फोर्स लखनऊ और गोरखपुर की टीम ने भी लंबी पूछताछ की।
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गोरखपुर: अंकुर हत्याकांड का एक और आरोपी गिरफ्तार, मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा मामला

गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के रामपुर टप्पा में किशोर अंकुर शुक्ल की दिनदहाड़े हत्या के मामले में नामजद आरोपी पवन कुमार उर्फ पवन देव को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले मनीष उर्फ कट्टा को गिरफ्तार किया गया था। एक और आरोपी अवधेश साहनी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

इस मामले का एक और आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। दूसरी तरफ अंकुर हत्याकांड का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। बाल अधिकार के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजेश मणि ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।  

जानकारी के मुताबिक रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में 11वीं के छात्र अंकुर की गांव के ही मनबढ़ों ने 24 नवंबर को पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। छात्र के शरीर में नुकीला रॉड घोंप कर हत्या की गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पक्ष का अंकुर के बड़े भाई से किसी बात पर विवाद था।

आरोपी पक्ष उन्हें मारने-पीटने की धमकी दिया करता था। दबंग आरोपियों के डर से अंकुर का बड़ा भाई परिवार सहित बुद्ध विहार में किराए के मकान में रहने लगा था। अंकुर पिता महेंद्र शुक्ल के साथ रामपुर में ही रह रहा था।

आरोप है कि दबंगों ने अंकुर पर हमला कर उसकी जान ले ली थी। बच्चों के संरक्षण और अधिकारों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राजेश मणि ने आयोग को पत्र लिख कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
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गोरखपुर: बाप ने अपने दो बच्चों के साथ खुद को लगाई आग, तीनों ने तोड़ा दम

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गीडा थाना क्षेत्र के छपिया सरया गांव में एक शख्स ने अपने दो बच्चों के साथ कमरा बंद कर आग लगा ली। आग में झुलसने से तीनों की मौत हो गई है।

बताया जा रहा है कि छपिया सरया गांव निवासी मदन पुत्र लालचंद (35) ने अपने दो बच्चों अन्नपूर्णा (7) व अतुल कनौजिया (5) को कमरे में बंद करके आग लगाकर जान दे दी। गीडा पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है। आग लगाने के कारणों की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मदन पांच साल से मानसिक अवसाद में था। उसका इलाज डॉक्टर बेरी के यहां कई साल से चल रहा है। कुछ दिन पहले ही पत्नी से अनबन हो गई थी। उसने उसे भी मारपीट कर भगा दिया था।

पूरे परिवार में कमाने वाला एक छोटा भाई है जो गीडा की फैक्टरी में काम करता है। बुधवार को मदन ने घर में रखे सिलेंडर का पाइप काटकर आग लगा ली। दरवाजा भी बंद कर लिया था। तीनों बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही मौत हो गई।
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गोरखपुर: स्टेज पर चढ़कर प्रेमी ने दुल्हन की मांग में भरा सिंदूर, हक्का-बक्का रह गया दूल्हा

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां हरपुर बुदहट थानाक्षेत्र के एक गांव में बुधवार रात शादी में अजीब वाकया हुआ। जयमाल के स्टेज पर चढ़कर अचानक प्रेमी ने दुल्हन की मांग में सिंदूर भर दिया। यह देख दूल्हा समेत शादी में मौजूद लोग सन्न रह गए।

इस मामले की सूचना दुल्हन के परिजनों ने पुलिस(डायल 112) को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देर रात तीन बजे तक ग्राम प्रधान, वृद्धजनों और बुद्धिजीवियों की मदद से मामला सुलझा दिया। गुरुवार सुबह पंचायत के बाद दूल्हा दुल्हन को विदा करा कर अपने साथ घर ले गया।

हरपुर बुदहट इलाके के एक गांव का युवक और उसी गांव की युवती एक दूसरे से प्रेम करते थे। कुछ माह पहले प्रेमी युवक बाहर कमाने चला गया। इस बीच परिजनों ने युवती की शादी तय कर दी। प्रेमी युवक ने जब युवती की शादी की बात सुनी तो वह दो दिन पहले गांव आ गया।

एक दिसंबर को लड़की की शादी थी, बरात आ गई। दूल्हा व दुल्हन वरमाला के स्टेज पर थे। इसी बीच अचानक प्रेमी ने स्टेज पर चढ़कर दुल्हन की मांग में सिंदूर भर दिया। इसके बाद युवक व दुल्हन एक दूसरे के गले मिल गए। यह देख वहां मौजूद दूल्हा व अन्य लोग अवाक रह गए।

लड़की के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच दूल्हा और दुल्हन के परिजनों के बीच मामला गरम हो गया। उधर प्रेमी और दुल्हन एक दूसरे के साथ रहने की जिद करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस को देखते ही प्रेमी के प्यार का बुखार उतर गया। वह अपने घर चला गया। इस बीच लड़की और दूल्हा पक्ष के लोगों ने मामले को सुलझाया और शादी हुई। गुरुवार सुबह दूल्हा, दुल्हन को विदा कराकर अपने घर चला गया।

 
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युवती की मांग में प्रेमी ने सिंदूर भरा। (सांकेतिक फाइल) युवती की मांग में प्रेमी ने सिंदूर भरा। (सांकेतिक फाइल)

गोरखपुर: एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 लोगों से हुई 19 लाख 32 हजार की ठगी, केस दर्ज

आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जालसाजों का अड्डा बन गया है। आए दिन एम्स में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं व महिलाओं से लाखों की ठगी हो रही है। अबतक करीब 50 महिलाओं से करीब 19 लाख 32 हजार रूपये की ठगी का मामला सामने आ चुका है।

खोराबार निवासी सरिता की तहरीर पर नंदानगर दरगहिया निवासी मीरा के खिलाफ खोराबार थाने में पुलिस ने बुधवार की रात धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के आरोप में केस दर्ज किया है। यह एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का पहला केस दर्ज हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

खोराबार की सरिता समेत 50 लोगों से लिया है रकम
सीओ कैंट के निर्देश पर खोराबार थाने में बुधवार की रात दर्ज हुए मुकदमें में फरियादी  खोराबार के नदुआ छावनी निवासी सरिता ने पुलिस को बताया कि बेलीपार के महाबीर छपरा निवासी रेखा व खोराबार के फुरसतपुर निवासी रमावती ने उसे बताया कि नंदानगर दरगहिया निवासी मीरा पत्नी सुनील कुमार एम्स में सफाई कर्मी, वार्ड ब्वाय, कंप्यूटर कैशियर की नौकरी दिलवा रही है। जिसके बाद रेखा व रमावती के साथ सरिता बीते 2 जुलाई को एम्स के बाहर नौकरी दिलवाने वाली मीरा से मिली। सरिता के साथ खोराबार के बड़गो निवासी मंजू गौड़ और बेलीपार के महाबीर छपरा निवासी राधिका गौड़ भी थी।

 
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दर्दनाक मौत: दो बच्चों के साथ पिता ने लगाई आग, मासूमों की चीखें सुन दौड़े पड़ोसी, लाशें देख सभी सिहर उठे

गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के सरया गांव में पत्नी से विवाद व मानसिक रूप से परेशान मदन कनौजिया(36) ने बुधवार आत्मघाती कदम उठाया। गैस सिलिंडर की पाइप काट दी और दो मासूमों के साथ खुद को आग के हवाले कर दिया। आग की लपटें व धुआं दिखा तो आसपास के लोग जुटे और दरवाजा तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुए।

इससे पहले ही मासूमों व मदन की मौत हो गई थी। मदन का शव बेड पर पड़ा था, दोनों बच्चे बेड के नीचे गिरे पड़े थे। आग जल रही थी, जिसे लोगों ने पानी डालकर बुझाया। इसके मामले की सूचना पुलिस को दी गई। आग से कमरे में रखे बिस्तर और कपड़े भी जल गए। मामले की सूचना पाकर एसपी नॉर्थ मनोज अवस्थी मौके पर पहुंचे और छानबीन के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
 
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अलर्ट: दवाओं की उपलब्धता पर विभाग का जोर, नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए शुरू की तैयारी

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए औषधि विभाग दवाओं और मेडिकल डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित करने में लगा है। दूसरी लहर में चूक से सबक लेते हुए विभाग ने अभी से दवाओं की पड़ताल शुरू कर दी है। व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि जो दवाएं या मेडिकल डिवाइस नहीं हैं, उन्हें मंगाया जाए।

कोरोना की दूसरी लहर गोरखपुर में अप्रैल माह में शुरू हुई थी। अप्रैल, मई, जून में रेमडेसिविर, टोसिलीजुमैब, आइवरमेक्टिन जैसी दवाओं के लिए मारीमारी थी। पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, थर्मामीटर तक नहीं मिल रहे थे। मास्क व सैनिटाइजर ब्लैक में बिक रहे थे।

ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए दवाओं की उपलब्धता की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। शासन के निर्देश के बाद इन दवाओं की उपलब्धता बाजार में सुनिश्चित कराई जाएगी। मेडिकल डिवाइस के बारे भी व्यापारियों को जानकारी दी जा रही है। जिससे की इनकी कमी न होने पाए।
 
 
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देवरिया: पुलिस ने रिटायर्ड जज के अधिवक्ता बेटे को पीटा, हंगामा, धक्का-मुक्की

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देवरिया जिले के कोतवाली क्षेत्र के उमानगर निवासी रिटायर्ड जज दुर्गा प्रसाद जायसवाल के अधिवक्ता पुत्र विष्णु जायसवाल की कोतवाली में पुलिस ने बुधवार की देर रात बांध कर पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने गुरुवार की दोपहर में कलेक्ट्रेट में नारेबाजी की। पुलिस और अधिवक्ताओं में धक्का-मुक्की हुई। दिवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सिंगासन गिरी ने केस दर्ज करने की मांग की।

मालवीय रोड पर रामजानकी मंदिर के सामने दुकानें बनी हैं, इससे प्रशासन शहीद रामचंद्र विद्यार्थी स्मारक बनाने के लिए तोड़वा रहा है। इसमें अधिवक्ता विष्णु जायसवाल की भी दुकान को तोड़फोड़ दिया गया। अधिवक्ता ने बुधवार की शाम विरोध किया तो पुलिस उसे कोतवाली उठा ले गई।

इसके तीन घंटे बाद पुलिस ने अधिवक्ता को छोड़ दिया। आरोप है कि वहां उसे बांधकर पीटा गया। अधिवक्ता जब गुरुवार की सुबह दीवानी न्यायालय पहुंचे तो उनकी चोट देखकर अन्य अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। दीवानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सिंहासन गिरी पूर्व अध्यक्ष सुशील मिश्रा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृज बांके तिवारी पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघ सुभाष चंद्र, प्रीतम मिश्रा सहित सैकड़ों अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए डीएम ऑफिस पहुंचे।

वहां एसडीएम सदर अपने चेंबर में बैठे थे, अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर कई थानों की फोर्स पहुंच पहुंच गई। काफी मान मनोव्वल के बाद अधिवक्ता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां अधिवक्ता का मेडिकल चेकअप कराया गया, अधिवक्ता ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमें एसडीएम सदर, इंस्पेक्टर कोतवाली पर बांधकर मारने पीटने का आरोप लगाया है।
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मिशन 2022: पूर्वांचल के कुछ बड़े ब्राह्मण नेता थाम सकते हैं सपा का दामन

पूर्वांचल के कुछ बड़े ब्राह्मण नेता सपा का दामन थाम सकते हैं। सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही सपा की सदस्यता ग्रहण कराने की औपचारिकता पूरी की जाएगी। इसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब है। जो जानकारी छनकर बाहर आ रही है, उसके मुताबिक भाजपा के दो ब्राह्मण विधायक भी सपा का दामन थाम सकते हैं। इन विधायकों को अपना टिकट कटने का डर सता रहा है।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदलने की कवायद तेज हो गई है। नेता अपना नया ठिकाना तलाशने में जुट गए हैं। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि बसपा के बड़े ब्राह्मण चेहरे के रूप में शुमार एक नेता जल्द ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सपा का दामन थाम लेंगे।

इस नेता को सपा से टिकट मिलना तय है। इसी तरह महराजगंज के एक और बड़े ब्राह्मण नेता सपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रमुख ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल करके भाजपा को चुनौती देने की कोशिश में हैं।

सपा नेताओं का मानना है कि प्रमुख नेताओं के आने से ब्राह्मण वोट बैंक में अच्छी पैठ बनाई जा सकेगी। इस बीच खबर है कि सपा ने भाजपा विधायकों को अपने पाले में लाने की रणनीति बनाई है। गोरखपुर क्षेत्र के दो ब्राह्मण विधायकों से बात भी हो चुकी है। इन विधायकों को टिकट कहां से दिया जाए, इस पर भी चर्चा चल रही है।
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सरकारी चावल हड़पने का मामला: 11 माह से जांच और कार्रवाई में कोई प्रगति नहीं, जांच रिपोर्ट दबाने का आरोप

गोरखपुर जिले के सात राइस मिलरों द्वारा 34,451.49 कुंतल सरकारी चावल हड़पने के मामले में बीते 11 माह से न तो जांच आगे बढ़ रही है और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि जिन अधिकारियों के समय में गड़बड़ी हुई है, वह अब भी तैनात हैं। लिहाजा, जांच रिपोर्ट दबाई जा रही है। मामले की निष्पक्ष व स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी जरूरी है।
 
आरटीआई से 22 नवंबर 2021 को मिली जानकारी के मुताबिक मामले की जांच अपर जिला सहकारी अधिकारी अधिकोषण, उपभोक्ता, सहजनवां व सदर ने की है। जांच चार अगस्त 2020 को पूरी हुई थी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता गोरखपुर सुनील कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट बनाकर छह अगस्त 2020 को सहकारिता उत्तर प्रदेश के अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक प्रशासन को उपलब्ध कराई।

पांच अक्तूबर 2020 को यही रिपोर्ट यूपी पीसीएफ के प्रबंध निदेशक के पास भेजी गई। प्रबंध निदेशक ने कुछ आपत्ति की तो कार्यकारी निदेशक सहकारिता आलोक दीक्षित ने 23 दिसंबर 2020 को दोबारा रिपोर्ट तलब कर ली। इसके बाद अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक प्रशासन जमुना प्रसाद पांडेय ने 14 जनवरी 2021 में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता गोरखपुर सुनील कुमार को पत्र लिखा और एक सप्ताह के अंदर तत्कालीन जिला प्रबंधक पीसीएफ शैलेश कुमार के खिलाफ मिले साक्ष्य व घोटाले से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। करीब 11 महीने का समय बीत चुका है, लेकिन रिपोर्ट नहीं भेजी गई। मामला जहां का तहां पड़ा है।

 
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गोरखपुर: जिले में 7.82 लाख परिवारों को मिलेगा मुफ्त खाद्य तेल, दाल-नमक

गोरखपुर जिले के सभी 7,82,422 अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन के साथ एक किलोग्राम दाल, एक किलोग्राम आयोडाइज्ड नमक और एक लीटर खाद्य तेल निशुल्क वितरित करने की तैयारी शुरू हो गई है। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से मंडल के सभी जनपदों को आपूर्ति शुरू कर दी गई है। स्टॉक उपलब्ध होने पर दस दिसंबर के बाद जिला पूर्ति विभाग लाभार्थियों को खाद्यान्न, नमक और तेल का निशुल्क वितरण शुरू करेगा।

प्रदेश सरकार ने सभी अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक मुफ्त राशन के साथ एक किलोग्राम चना या दाल, एक किलोग्राम आयोडाइज्ड नमक और एक लीटर सरसों, या रिफाइंड ऑयल निशुल्क वितरण करने का निर्णय लिया है। योजना के लाभार्थियों की संख्या अक्तूबर 2021 में राशन लेने वालों के आधार पर तय की गई है।

वर्तमान में जिले में 7,84,560 राशन कार्ड धारक हैं लेकिन अक्तूबर में महज 7,82,422 लाभार्थियों ने ही राशन लिया था। जिला आपूर्ति अधिकारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में 7,82,422 राशनकार्ड धारकों को दाल, खाद्य तेल और नमक उपलब्ध कराया जाएगा।

विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग की ओर से गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज जिलों के लिए 2567.208 क्विंटल दाल, इतना ही नमक और 25,67,208 लीटर तेल का स्टॉक उपलब्ध करा दिया गया है।  

प्रभारी संभागीय खाद्य नियंत्रक प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि खाद्य तेल, नमक एवं दाल का उचित मूल्य दुकानों से वितरण किया जाना है। स्टॉक का आवंटन कर दिया गया है। आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। जल्द ही पूरा स्टॉक उपलब्ध हो जाने के बाद पूर्ति विभाग की ओर से कोटे की दुकानों तक खाद्य सामग्री पहुंचा दी जाएगी।
 
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गोरखपुर में आगमन: दो घंटे शहर में रहेंगे पीएम मोदी, खाद कारखाने का करेंगे हवाई सर्वेक्षण

हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की तरफ से गोरखपुर में तैयार किए गए खाद कारखाने का सात दिसंबर को लोकार्पण करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर में दो घंटे व्यतीत करेंगे। इस दौरान वह खाद कारखाने का हवाई सर्वेक्षण भी करेेंगे। उनके यहां दोपहर करीब 12:30 बजे पहुंचने की उम्मीद है। कारखाने के साथ ही पीएम के हाथों एम्स और बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) का भी लोकार्पण होगा।

बुधवार को खाद कारखाना परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी देेते हुए एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक एके गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों में एचयूआरएल प्रबंधन जुट गया है। कारखाना उत्पादन के लिए तैयार है और पीएम के आगमन के पहले प्लांट चलाकर एक बार इसका ट्रायल भी होगा। उम्मीद है कि दो दिसंबर को ही ट्रायल की प्रक्रिया पूरी की जाए।

प्रबंध निदेशक ने बताया कि खाद कारखाना के निर्माण में आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि एचयूआरएल देश में तीन बड़े खाद कारखानों का निर्माण करा रहा है। तकरीबन 25 हजार करोड़ रुपये से तैयार हो रहे इन तीनों कारखानों में से गोरखपुर खाद कारखाना सबसे पहले शुरू होने जा रहा है। दो अन्य प्लांट भी अगले साल अप्रैल से पहले शुरू हो जाएंगे।

 
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Exclusive: गोरखपुर की सात राइस मिलों की करतूत, हड़प लिया 34,451 कुंतल सरकारी चावल

गोरखपुर जिले में सात राइस मिलर 34,451.49 कुंतल सरकारी चावल हड़प कर गए। अब चावल की निर्धारित कीमत 9.62 करोड़ से ज्यादा की रकम भी नहीं जमा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (यूपी पीसीएफ) ने मिलरों को रिकवरी नोटिस (आरसी) जारी करके खानापूर्ति कर दी। घोटाला पकड़े 11 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है, फिर भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।

अब (22 नवंबर 2021) सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) से घोटाले की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है। यह आरटीआई राप्तीनगर फेज चार के निवासी संजय मिश्रा ने लगाई थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी गेहूं खरीदा गया, लेकिन गोदाम तक नहीं पहुंचा। इसके जरिए एक करोड़ से ज्यादा की चपत सरकार को लगाई गई है।

जानकारी के मुताबिक जिले में 2017-18, 2018-19  और 2019-20 में धान के 293 क्रय केंद्र बनाए गए थे। यूपीपीसीएफ के इन केंद्रों से धान खरीदे गए, फिर चावल बनाकर सरकारी गोदामों में भेजने की जिम्मेदारी गोरखपुर के अलग-अलग राइस मिलों को दी गई। इसी बीच मिलरों ने धान कुटाई से जो चावल (कस्टम मिल्ड) निकला, उसे गायब करना शुरू कर दिया। नियमानुसार, धान कुटाई से निकले 67 फीसदी चावल को सरकारी गोदामों तक पहुंचाना होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सरकारी चावल गोदाम तक नहीं पहुंच सका है।
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