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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
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यूपी: कोरोना से जीते मगर सेप्टिसीमिया से जंग हार रहे लोग, इसे विज्ञान की भाषा में कहते हैं 'सुपर इंफेक्शन'

कोरोना संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हों लेकिन संक्रमण से मुक्ति मिलने के बाद लोग तमाम शारीरिक बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन्हीं बीमारियों में सेप्टिसीमिया का खतरा लोगों के बीच बढ़ता जा रहा है। कोरोना से जंग जीतने के बाद लोग सेप्टिसीमिया से जंग हार रहे हैं। विशेषज्ञ इसे विज्ञान की भाषा में सुपर इंफेक्शन कहते हैं। जिला अस्पताल में हर माह 45 से 50 मरीज बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किए जा रहे हैं जबकि बीआरडी से गंभीर स्थिति होने पर मरीज केजीएमयू और एसजीपीआई लखनऊ भेजे जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक कोविड आईसीयू में भर्ती मरीजों में सेकेंड्री इंफेक्शन के मामले अब सामने आ रहे हैं। यानी वायरस से जूझ रहे मरीज एकाएक बैक्टीरिया-फंगस की गिरफ्त में आ रहे हैं। यह अंदर ही अंदर पूरे शरीर को संक्रमण की जद में ला दे रहा है। ऐसे में कम प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों के लिए यह जानलेवा साबित हो रहा है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...


 
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आईसीयू में भर्ती मरीजों पर खतरा। आईसीयू में भर्ती मरीजों पर खतरा।

Shani Pradosh 2021: शनि प्रदोष व्रत आज, जानिए कैसे मिलेगी श्रद्धालुओं को महादेव के साथ शनिदेव की कृपा

भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी 18 सितंबर शनिवार यानी आज है। श्रद्धालु आज प्रदोष व्रत रखेंगे। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस बार प्रदोष व्रत शनिवार को है इसलिए इसे शनि प्रदोष कहा जाएगा। इस व्रत को करने वाले श्रद्धालुओं को शिवजी के साथ शनिदेव की भी कृपा प्राप्त होती है।

प्रदोष का व्रत महत्व
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, प्रदोष व्रत की पूजा सूर्यास्त के बाद ही की जाती है। इस दिन अगर शिवजी और मां पार्वती की पूजा की जाए तो व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही भक्तों के जीवन से कष्टों का निवारण भी होता है। जो प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ता है उसके अनुष्ठान से शनि के कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या में भी लाभ की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि अगर शनि प्रदोष व्रत किया जाए तो निसंतान दंपतियों को संतान सुख मिलता है।

ऐसे करें पूजा
पंडित शरद चंद्र मिश्रा के अनुसार, शनि प्रदोष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें। स्नान के बाद भगवान शिव का ध्यान करें। उनके मंत्रों का जप करें। सुबह भगवान शिव को बेलपत्र, गंगाजल, अक्षत, धूप, दीप अर्पित करें। शनि प्रदोष व्रत का संकल्प लें और दिन भर व्रत रखें। संध्या के समय जब सूर्य अस्त हो और रात्रि का आगमन हो, उस समय विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करें।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रा की मौत मामला: प्रियंका ने की थी खुदकुशी, दर्ज केस में लगी फाइनल रिपोर्ट

गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग के स्टोर रूम में अपने दुपट्टे के फंदे से लटकी मिली छात्रा प्रियंका कुमारी ने खुदकुशी ही की थी। इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दर्ज हत्या केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। पुलिस ने फोरेंसिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर केस को खत्म किया है। सभी में पुलिस को उसके खुदकुशी करने के ही प्रमाण मिले थे।

जानकारी के मुताबिक, शाहपुर की रहने वाली छात्रा प्रियंका का 31 जुलाई को दुपट्टे से बनाए गए फंदे में लटकता शव मिला था। उस समय भी खुदकुशी के सभी साक्ष्य मिले थे लेकिन घरवालों ने हत्या का आरोप लगा दिया था। प्रियंका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष और कर्मचारियों पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

फोरेंसिक रिपोर्ट में भी खुदकुशी की पुष्टि हुई थी लेकिन परिवार वालों की संतुष्टि के लिए पुलिस ने लखनऊ से फोरेसिंक टीम बुलाई थी। इस टीम ने सीन री-क्रिएट कर सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की थी। अब सीन री-क्रिएट किए जाने की रिपोर्ट आई है। पुलिस के मुताबिक फिर से आत्महत्या की पुष्टि हो गई है। लिहाजा, मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है।

गोरखपुर एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई है। प्रियंका ने खुदकुशी की थी, यह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक दोनों रिपोर्ट से साफ है।

 
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Exclusive: 72 करोड़ पुस्तकों का प्रकाशन कर चुका है गीता प्रेस, करोड़ों में प्रकाशित हुई हैं ये पुस्तकें

दुनिया भर में धार्मिक पुस्तकों के लिए प्रसिद्ध गीता प्रेस से अब तक लगभग 72 करोड़ से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। इन पुस्तकों में सर्वाधिक संख्या 15 करोड़ 60 लाख श्रीमद्भागवत गीता की है। इसके अलावा रामचरित मानस, पुराणों, हनुमान चालीसा, दुर्गा सप्तशती, सुंदरकांड की भी संख्या करोड़ों में है।

वर्ष 1921 के आसपास जयदयाल गोयंदका ने कोलकाता में गोविंद भवन ट्रस्ट की स्थापना की थी। इसी ट्रस्ट के तहत वहीं से वह गीता का प्रकाशन कराते थे। पुस्तक में कोई त्रुटि न हो इसके लिए प्रेस को कई बार संशोधन करना पड़ता था। प्रेस मालिक ने एक दिन कहा कि इतनी शुद्ध गीता प्रकाशित करवानी है तो अपना प्रेस लगा लीजिए। गोयंदका ने इस कार्य के लिए गोरखपुर को चुना। 1923 में उर्दू बाजार में दस रुपये महीने के किराए पर एक कमरा लिया गया और वहीं से शुरू हुआ गीता का प्रकाशन। धीरे-धीरे गीताप्रेस का निर्माण हुआ और इसकी वजह से पूरे विश्व में गोरखपुर को एक अलग पहचान मिली।

15 भाषाओं में होता है पुस्तकों का प्रकाशन
गीता प्रेस के उत्पाद प्रबंधन लालमणि तिवारी ने बताया कि गीताप्रेस से 15 भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन होता है। इनमें हिंदी, संस्कृत, बंगला, मराठी, गुजराती, तमिल, कन्नड़, असमिया, उड़िया, उर्दू, तेलगू, मलयालम, पंजाबी, अंग्रेजी, नेपाल भाषाएं शामिल हैं।
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गोरखपुर: दंपती को जहरीले सांप ने काटा, इलाज के दौरान पति की मौत

गीता प्रेस गोरखपुर।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां खजनी तहसील अंतर्गत एक दंपती को जहरीले सांप ने काट लिया। वहीं इलाज के दौरान पति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया और पत्नी की हालत नाजुक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, पिपरा निवासी अर्जुन गोस्वामी (35) पुत्र मिश्री गोस्वामी की शादी 31 मई 2021 को हुई थी। गुरुवार रात को पति-पत्नी भोजन करने के बाद जैसे ही बिस्तर पर सोने गए जहरीले सांप ने पति को डंस लिया। पति ने सांप डंसने की बात पत्नी को नहीं बताई फिर जैसे ही जहरीले सांप ने पत्नी को डंसा तो वह शोर मचाने लगी। इसके बाद पति ने सांप को मार डाला। कुछ समय बाद पति की तबीयत खराब होने लगी।

घर वालों ने पति-पत्नी को जिला अस्पताल ले गए, जहां दोनों का इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह पांच बजे पति का तबीयत अचानक बिगड़ने लगा। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में अर्जुन ने दम तोड़ दिया। हालांकि पत्नी की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
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अब जिम्मेदारों पर भी होगी कार्रवाई: नौ साल से लगा रहे थे दौड़, चंद घंटों में हो गई वरासत

गोरखपुर में नौ साल से वरासत के लिए दौड़ लगा रहे पिपराइच के लखेसरा के भूपेंद्र का काम शुक्रवार को चंद घंटों में ही हो गया। वहीं कमरूनिशा और भगवंत का भी पांच साल बाद खतौनी में नाम दर्ज हो गया। व्यवस्था में यह बदलाव कमिश्नर रवि कुमार एनजी और डीएम विजय किरन आनंद की संजीदगी के बाद दिखाई पड़ा। अब इन फरियादियों को दौड़ाने वालों को भी चिह्नित कर उनपर कार्रवाई की जाएगी।  

दरअसल कमिश्नर रवि कुमार एनजी एक नई पहल के तहत रोजाना 10-10 गांवों के प्रधानों से गांव की समस्याओं को लेकर संवाद कर रहे हैं। इस दौरान कई प्रधानों ने यह शिकायत की कि वरासत, जाति, आय आदि मामलों को लेकर उनके गांव के कई ग्रामीण परेशान हैं। कभी लेखपाल नहीं मिलते तो कभी कानूनगो। इसे गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने ऐसे गांवों की सूची तैयार कराई और डीएम को पूरा वाकया बताते हुए उनसे कैंप लगाकर मामलों का निस्तारण कराने को कहा।

डीएम ने भी बिना समय गवाएं न केवल संबंधित गांवों में कैंप की तारीख घोषित कर दी बल्कि अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी। निगरानी के लिए नोडल अफसर भी तैनात कर दिए। पहले चरण में सदर के 31 और चौरीचौरा तहसील के छह गांवों में शुक्रवार से दो दिवसीय कैंप की शुरुआत हुई। यह सिलसिला आगे दूसरी तहसीलों में भी जारी रहेगा।

लंबे समय से वरासत, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लटके मामले शुक्रवार से निपटने शुरू हो गए। सदर के खोराबार, पिपराइच, भटहट, चरगांवा ब्लॉक में पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों ने गंभीरता से फरियादियों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही निर्विवाद वरासत समेत अन्य मामलों का निस्तारण कराया। सभी गांवों में सर्वाधिक मामले वरासत के ही आए।
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गोरखपुर: एनडीआरएफ ने 34 लोगों का किया रेस्क्यू, दो दिन में 150 मिलीमीटर पानी से बढ़ा जलस्तर

गोरखपुर जिले में दो दिन में करीब 150 मिलीमीटर बारिश होने की वजह से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। कई इलाकों में पानी खतरनाक स्तर तक जा पहुंचा है। वार्ड 26 नरसिंहपुर वार्ड में ऐसे 15 घरों में एनडीआरएफ की टीम ने 34 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
 
शुक्रवार को एनडीआरएफ को सूचना मिली थी कि नरसिंहपुर वार्ड में पानी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। पानी में काफी ज्यादा घर व लोग घिर आए हैं। कई घरों के लोगों ने तो दूसरी मंजिल पर शरण ली है। वहीं एक मंजिल मकान वाले लोगों की जान पर बन आयी है।

इसके बाद एनडीआरएफ की टीम इंस्पेक्टर सभाजीत यादव के नेतृत्व में 30 सदस्यीय टीम ने नरसिंहपुर में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर सभाजीत यादव ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्थानीय विधायक विपिन सिंह, नायब तहसीलदार सदर, राजस्व निरीक्षक प्रदुमन सिंह, स्थानीय लेखपाल उपस्थित थे। एनडीआरएफ टीम में मुख्य आरक्षी राजेंद्र, संजय सिंह, राम जनक चौरसिया एवं अन्य थे।
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लापरवाही: भूमिहीन बुजुर्ग को प्रोफेसर बता रोक दी वृद्धावस्था पेंशन, पीड़ित परिवार ने सीएम को पत्र लिखकर लगाई गुहार

कक्षा नौ तक पढ़े, भूमिहीन बुजुर्ग शरदचंद शुक्ला की पेंशन समाज कल्याण विभाग ने उन्हें पूर्व प्रोफेसर बता कर बंद कर दी। लाभ से वंचित होने के कारण आर्थिक तंगी का शिकार पीड़ित बुजुर्ग की पत्नी ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।

सहजनवां के हरपुर बुदहट गांव निवासी शरदचंद शुक्ला की पत्नी आशा के मुताबिक पति को तीन साल से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। अचानक पेंशन की धनराशि बैंक में आनी बंद हो गई। समाज कल्याण कार्यालय गए तो बताया गया कि शरदचंद शुक्ला पूर्व प्रोफेसर रह चुके हैं इसलिए उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया है।

आशा देवी का दावा है कि उनके पास खेती योग्य भूमि तक नहीं है। दंपती का गुजारा पति को मिलने वाली पेंशन राशि से चलता है। शरदचंद का कहना है कि समाज कल्याण विभाग ने बिना जांच और सत्यापन किए ही उन्हें अपात्र घोषित कर दिया। विभाग का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी जांच करने गांव तक नहीं आया।

उन्होंने खुद कभी प्रोफेसर नहीं होने और भूमिहीन होने के शपथपत्र के साथ मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने मामले की जानकारी से इनकार करते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी, यदि पात्रता पाई गई तो पेंशन जारी होगी।
 
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सीबीएसई: तीन घंटे नहीं, 90 मिनट की होगी टर्म-1 की परीक्षा, ओएमआर शीट पर देना होगा जवाब

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से कोविड महामारी की तीसरी लहर के चलते दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को दो टर्म में कराने का फैसला किया गया है। पहले टर्म की परीक्षा नवंबर में तो दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल में होगी। पहले टर्म की परीक्षा में 50 फीसदी सवाल कोर्स से पूछे जाएंगे, वहीं पूरा पेपर तीन घंटे के बजाय 90 मिनट का होगा। बहुविकल्पीय सवाल होंगे।

बोर्ड की ओर से वेबसाइट पर सैंपल पेपर जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक प्रश्नपत्र बोर्ड की ओर से भेजे जाएंगे। परीक्षा उसी स्कूल में होगी जहां विद्यार्थी पढ़ रहे होंगे। परीक्षा की निगरानी के लिए सीबीएसई के द्वारा बाहरी केंद्राध्यक्ष और आब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे। जवाब ओएमआर शीट पर देना होगा।

इन्हें स्कैन करके सीबीएसई के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा या स्कूल इनका मूल्यांकन करने के बाद नंबर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। ये निर्णय बोर्ड की ओर लिया जाएगा। वहीं दूसरे टर्म की परीक्षा दो घंटे की होगी। इसमें अलग-अलग तरह के सवाल पूछे जाएंगे जो एमसीक्यू, शार्ट आंसर टाइप और लांग आंसर टाइप होंगे।

दोनों टर्म के नंबर विद्यार्थियों के रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। बता दें कि पुराने पैटर्न के मुताबिक बोर्ड की ओर से एक बार परीक्षा का आयोजन किया जाता है। तीन घंटे की परीक्षा एक साथ विद्यार्थियों को देनी होती है।

 
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