फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Gwalior News: Grand Opening of the 101st Tansen Festival, Hazira Resonates with Tunes of Shehnai and Qawwali

Gwalior News: 101वें तानसेन समारोह का भव्य आगाज, शहनाई और कव्वाली के सुरों से गूंजा हजीरा परिसर

Mon, 15 Dec 2025 02:36 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: प्रिया वर्मा Updated Mon, 15 Dec 2025 02:36 PM IST
सार

भारतीय शास्त्रीय संगीत के सबसे प्रतिष्ठित तानसेन समारोह का आज पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हुआ। हजीरा स्थित तानसेन समाधि स्थल पर छिड़े सुरों ने सुबह का माहौल भक्ति और संगीत रस से भर दिया।

विज्ञापन
Gwalior News: Grand Opening of the 101st Tansen Festival, Hazira Resonates with Tunes of Shehnai and Qawwali
तानसेन समारोह का भव्य शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित भारतीय शास्त्रीय संगीत महोत्सव ‘तानसेन समारोह’ का सोमवार सुबह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शुभारंभ हुआ। ग्वालियर के हजीरा स्थित तानसेन समाधि स्थल पर शहनाई वादन, हरिकथा, मिलाद, चादरपोशी और कव्वाली गायन के साथ इस वर्ष समारोह के 101वें संस्करण की शुरुआत हुई।

विज्ञापन


इस अवसर पर उस्ताद मजीद खान एवं साथियों ने रागमय शहनाई वादन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद ढोलीबुआ महाराज नाथपंथी संत श्री सच्चिदानंद नाथ जी ने संगीतमय आध्यात्मिक प्रवचन देते हुए कहा कि हर मनुष्य में ईश्वर विद्यमान है और सुर ही सच्चा धर्म है। जो निर्विकार भाव से गाता है वही सच्चा भक्त है। उन्होंने राग वृंदावनी सारंग में मेरा साहिब को दिल अटका और रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम जैसे भजनों का गायन किया।
विज्ञापन


इसके बाद मुस्लिम समुदाय की ओर से मौलाना इक़बाल हुसैन क़ादिरी ने इस्लामी परंपरा के अनुसार मिलाद शरीफ की तकरीर पेश की। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी भक्ति मोहब्बत है और तू ही जलवानुमा है मैं नहीं हूं... जैसे कलाम पेश किए।
विज्ञापन
विज्ञापन




ये भी पढ़ें: Bhopal News: विधानसभा के विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक कल, रणनीति को मिलेगा अंतिम रूप

कार्यक्रम के अंत में हजरत मोहम्मद गौस और तानसेन की मजार पर राज्य सरकार की ओर से पारंपरिक चादरपोशी की गई। इस दौरान जनाब भोलू झनकार, अख्तर भाई, सोहेल खान और आरिफ मोहम्मद ने खास दरबार-ए-मोहम्मद से ये आई चादर, छाप तिलक सब छीनी रे और कृपा करो महाराज जैसी प्रसिद्ध कव्वालियां प्रस्तुत कीं।


शाम को हजीरा स्थित तानसेन समाधि परिसर में ऐतिहासिक चतुर्भुज मंदिर थीम पर बने भव्य मंच पर औपचारिक शुभारंभ होगा, जहां देश-विदेश के प्रसिद्ध कलाकार संगीत सम्राट तानसेन को स्वरांजलि अर्पित करेंगे।

इस मौके पर संस्कृति विभाग के संचालक एन. पी. नामदेव, उस्ताद अलाउद्दीन खां कला एवं संगीत अकादमी के निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर, ध्रुपद गुरु अभिजीत सुखदाने, अन्य कलाकार, अधिकारी, गणमान्य नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed