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Gwalior News: चीते को मारने वाली कार आखिरकार जब्त, हेड कांस्टेबल में नाम रजिस्टर्ड से वाहन; ऐसे हुई पहचान

Sun, 14 Dec 2025 05:57 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Sun, 14 Dec 2025 05:57 PM IST
सार

आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर चीते की मौत के मामले में वन विभाग ने सात दिन बाद टक्कर मारने वाली कार MP07 CJ 3937 जब्त की। फोरेंसिक जांच में बंपर में चीते के बाल मिले। कार एसएएफ हेड कॉन्स्टेबल के नाम दर्ज है, चालक की जांच जारी है। 

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The car that killed the leopard was seized, and it was registered in the name of a head constable.
चीते को टक्कर मारने वाली कार

विस्तार

ग्वालियर में सात दिन पहले आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से चीते की मौत हो गई थी। सात दिन की जांच के बाद वन विभाग ने उस वाहन को खोज निकाला है, जिसने चीते को टक्कर मारी थी। जांच में सामने आया है कि कार क्रमांक MP07 CJ 3937 ग्वालियर की है और एसएएफ में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल मालिक स्वर्ण सिंह जादौन के नाम पर रजिस्टर्ड है।

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वन विभाग ने कार को जब्त कर लिया, जिसकी जानकारी शनिवार को दी गई। कार की पहचान फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। घटना के समय चीते के मुंह के बाल कार की हेडलाइट के नीचे बंपर में फंस गए थे, जो पांच दिन बाद भी वहीं चिपके मिले। वन विभाग की टीम ने कार जब्त करने के बाद चीते के मुंह के बाल बरामद किए और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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मामले में हेड कॉन्स्टेबल स्वर्ण सिंह जादौन से बात की, तो उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले उनकी कार डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी को वाहन वापस कर दिया था, जिसके एवज में उन्हें लगभग 4.75 लाख रुपए मिले थे। उन्होंने यह भी बताया कि उसी दौरान उन्होंने कार किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दी थी, लेकिन आरटीओ रिकॉर्ड में वाहन अब भी उनके नाम दर्ज है। उनके अनुसार यह कार उन्होंने प्रेम मोटर्स, मेला कार बाजार से खरीदी थी और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वर्तमान में वाहन कौन चला रहा था।

फिलहाल वन विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। चालक की पहचान और वाहन स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में ग्वालियर डीएफओ अंकित पांडे ने बताया कि चीते को टक्कर मारने वाली गाड़ी और उसके चालक को राउंडअप कर लिया गया है। वाहन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार चालक को पहले हिरासत में लिया गया था, जिससे दोबारा पूछताछ की जाएगी। चीते की मौत के बाद घटनास्थल की जांच करते हुए कूनो नेशनल पार्क फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों ने CCTV फुटेज की एक चेन तैयार की। एक-एक फुटेज और स्पॉट को खंगालते हुए जांच आगे बढ़ाई गई।घटना के समय से करीब 15 मिनट के अंतराल में हाईवे पर लगे एक CCTV कैमरे में सफेद रंग की ब्रेजा कार नंबर MP07 CJ-3937 दिखाई दी। इसके बाद वन विभाग ने कार का पता लगाया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट से जांच कराए जाने पर कार के लेफ्ट साइड में हेडलाइट के नीचे बंपर पर डेंट और चीते के मुंह के बाल चिपके हुए मिले। इसके बाद वाहन को तत्काल जब्त कर वन विभाग कार्यालय लाया गया। कार मालिक से पूछताछ जारी है।

 

चीते को टक्कर मारने बाली कार को किया जप्त

टक्कर से हुई थी चीते की मौत

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