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इंदौर: एयरपोर्ट पर शुरू हुआ स्मोकिंग जोन, प्रबंधन ने ली राहत की सांस
Sun, 25 Oct 2026 06:17 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Sun, 25 Oct 2026 06:17 AM IST
सार
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर बंद स्मोकिंग जोन यात्रियों के विरोध के बाद प्रबंधन ने फिर शुरू कर दिया है। पुरानी कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट खत्म होने के बाद अब 5 साल के लिए नया टेंडर निकाला गया है, जिसके टेंडर 3 नवंबर को खोले जाएंगे।
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इंदौर एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर पिछले कुछ दिनों से बंद पड़े स्मोकिंग जोन की सुविधा यात्रियों को एक बार फिर मिलने लगी है। 30 सितंबर को पुरानी कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के बाद इस सुविधा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था, जिसके चलते कुछ यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था और उन्होंने इसको लेकर अपना कड़ा विरोध भी दर्ज कराया था। यात्रियों के लगातार विरोध और नाराजगी को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने फिलहाल खुद ही इसका संचालन अपने हाथों में लेते हुए इसे दोबारा शुरू कर दिया है। नई ठेका कंपनी का चयन होने तक यह वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रहेगी।
सुरक्षा जांच के नियमों के चलते हो रही थी परेशानी
उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर सिक्योरिटी होल्ड एरिया में पहली मंजिल पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रूप से स्मोकिंग जोन बनाया गया है। इस जोन का संचालन पहले एक निजी कंपनी के पास था, जहां कंपनी द्वारा सिगरेट बेचने की सुविधा के साथ-साथ यात्रियों द्वारा बाहर से लाई गई सिगरेट जलाने के लिए एक विशेष इलेक्ट्रिक मशीन भी उपलब्ध कराई जाती थी। पुरानी कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट पूरा होने पर 30 सितंबर से स्मोकिंग जोन के दरवाजे बंद कर दिए गए थे। इसके बाद से ही विमानतल पर आने वाले यात्री लगातार स्मोकिंग जोन को पुनः शुरू करने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे। यात्रियों का तर्क था कि एयरपोर्ट पर प्रवेश के समय सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा माचिस, लाइटर और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं बाहर ही रखवा ली जाती हैं। स्मोकिंग जोन चालू रहने पर वे अपनी सिगरेट वहां मौजूद इलेक्ट्रिक मशीन से जलाकर पी सकते थे, लेकिन इसके बंद होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रबंधन ने खुद संभाला मोर्चा, सिगरेट की बिक्री बंद
यात्रियों के लगातार विरोध और हंगामे को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने त्वरित कदम उठाते हुए नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने तक खुद ही स्मोकिंग जोन का संचालन शुरू कर दिया है। प्रबंधन ने इस क्षेत्र में एक आधुनिक इलेक्ट्रिक लाइटर मशीन भी स्थापित कर दी है, जिससे यात्री अपनी लाई हुई सिगरेट जलाकर पी सकें। हालांकि, प्रबंधन की इस वैकल्पिक व्यवस्था में सिगरेट की व्यावसायिक बिक्री फिलहाल नहीं की जा रही है, बल्कि केवल धूम्रपान करने की अनुमति दी गई है। स्मोकिंग जोन के दोबारा शुरू हो जाने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है और उन्हें पुरानी सुविधा फिर से मिलने लगी है। इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रबंधन ने इस सेवा के दीर्घकालिक संचालन के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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5 साल के लिए जारी किया गया नया टेंडर
स्मोकिंग जोन और सिगरेट बिक्री कियोस्क के सुचारू संचालन के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन की तरफ से 5 साल की लंबी अवधि का नया टेंडर जारी किया गया है। इस नए अनुबंध के लिए न्यूनतम मासिक लाइसेंस फीस 75,500 रुपए निर्धारित की गई है, जो नियमों के अनुसार हर साल 10 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त सफल ठेकेदार को जीएसटी, बिजली, पानी और अन्य सभी प्रकार के प्रशासनिक शुल्क भी अदा करने होंगे। जारी टेंडर के अनुसार स्मोकिंग लाउंज के लिए 9.38 वर्गमीटर और सिगरेट बिक्री कियोस्क के लिए 1.53 वर्गमीटर का कुल क्षेत्रफल तय किया गया है। सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को ध्यान में रखते हुए ठेकेदार को धुआं बाहर निकालने के लिए एक अलग और मजबूत एग्जॉस्ट सिस्टम तथा ऑटोमैटिक क्लोजिंग डोर जैसी सभी आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। इस प्रक्रिया के तहत 3 नवंबर को टेंडर खोले जाएंगे और नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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सुरक्षा जांच के नियमों के चलते हो रही थी परेशानी
उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर सिक्योरिटी होल्ड एरिया में पहली मंजिल पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष रूप से स्मोकिंग जोन बनाया गया है। इस जोन का संचालन पहले एक निजी कंपनी के पास था, जहां कंपनी द्वारा सिगरेट बेचने की सुविधा के साथ-साथ यात्रियों द्वारा बाहर से लाई गई सिगरेट जलाने के लिए एक विशेष इलेक्ट्रिक मशीन भी उपलब्ध कराई जाती थी। पुरानी कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट पूरा होने पर 30 सितंबर से स्मोकिंग जोन के दरवाजे बंद कर दिए गए थे। इसके बाद से ही विमानतल पर आने वाले यात्री लगातार स्मोकिंग जोन को पुनः शुरू करने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे। यात्रियों का तर्क था कि एयरपोर्ट पर प्रवेश के समय सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा माचिस, लाइटर और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं बाहर ही रखवा ली जाती हैं। स्मोकिंग जोन चालू रहने पर वे अपनी सिगरेट वहां मौजूद इलेक्ट्रिक मशीन से जलाकर पी सकते थे, लेकिन इसके बंद होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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प्रबंधन ने खुद संभाला मोर्चा, सिगरेट की बिक्री बंद
यात्रियों के लगातार विरोध और हंगामे को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने त्वरित कदम उठाते हुए नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने तक खुद ही स्मोकिंग जोन का संचालन शुरू कर दिया है। प्रबंधन ने इस क्षेत्र में एक आधुनिक इलेक्ट्रिक लाइटर मशीन भी स्थापित कर दी है, जिससे यात्री अपनी लाई हुई सिगरेट जलाकर पी सकें। हालांकि, प्रबंधन की इस वैकल्पिक व्यवस्था में सिगरेट की व्यावसायिक बिक्री फिलहाल नहीं की जा रही है, बल्कि केवल धूम्रपान करने की अनुमति दी गई है। स्मोकिंग जोन के दोबारा शुरू हो जाने से यात्रियों ने राहत की सांस ली है और उन्हें पुरानी सुविधा फिर से मिलने लगी है। इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रबंधन ने इस सेवा के दीर्घकालिक संचालन के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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5 साल के लिए जारी किया गया नया टेंडर
स्मोकिंग जोन और सिगरेट बिक्री कियोस्क के सुचारू संचालन के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन की तरफ से 5 साल की लंबी अवधि का नया टेंडर जारी किया गया है। इस नए अनुबंध के लिए न्यूनतम मासिक लाइसेंस फीस 75,500 रुपए निर्धारित की गई है, जो नियमों के अनुसार हर साल 10 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त सफल ठेकेदार को जीएसटी, बिजली, पानी और अन्य सभी प्रकार के प्रशासनिक शुल्क भी अदा करने होंगे। जारी टेंडर के अनुसार स्मोकिंग लाउंज के लिए 9.38 वर्गमीटर और सिगरेट बिक्री कियोस्क के लिए 1.53 वर्गमीटर का कुल क्षेत्रफल तय किया गया है। सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को ध्यान में रखते हुए ठेकेदार को धुआं बाहर निकालने के लिए एक अलग और मजबूत एग्जॉस्ट सिस्टम तथा ऑटोमैटिक क्लोजिंग डोर जैसी सभी आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। इस प्रक्रिया के तहत 3 नवंबर को टेंडर खोले जाएंगे और नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
