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इंदौर: Gen Z प्रोटेस्ट 2.0 शुरू, 'जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं, तब तक हटना नहीं', रातभर लगे नारे
Tue, 06 Oct 2026 06:21 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Tue, 06 Oct 2026 06:21 AM IST
सार
इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर युवाओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'Gen Z प्रोटेस्ट 2.0' के तहत अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों को स्थानीय समाजसेवियों का भी समर्थन मिल रहा है।
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रात में बड़ी संख्या में युवा एकत्रित हुए और अपना शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में अब मध्य प्रदेश का इंदौर शहर भी शामिल हो गया है। सोमवार को शहर के प्रमुख टंट्या भील चौराहे पर स्थित प्रतिमा स्थल पर बड़ी संख्या में युवा एकत्रित हुए और अपना शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात तक अधिकतर युवा चौराहे पर रहे और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग में नारेबाजी की। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। दिनभर बड़ी संख्या में युवा यहां पर विरोध प्रदर्शन के लिए आते रहे।
जेन जी प्रोटेस्ट 2.0 के तहत प्रदर्शन
इस आंदोलन को युवाओं ने 'Gen Z प्रोटेस्ट 2.0' का नाम दिया है। टंट्या भील प्रतिमा स्थल पर एकत्र हुए युवा अपने हाथों में भारत का संविधान और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरें लिए बैठे नजर आए। इसके साथ ही युवाओं के हाथों में विभिन्न प्रकार की तख्तियां भी थीं, जिन पर तीखे संदेश लिखे हुए थे। एक तख्ती पर लिखा था 'ग्यानू, पैक योर बैग्स ब्रो', वहीं दूसरी तख्ती पर भी कठोर संदेश लिखे गए थे।
अनिश्चितकालीन रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन एक दिन का सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि यह अनिश्चितकालीन चलेगा। युवाओं का कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन की रूपरेखा काफी समय से सोशल मीडिया पर तैयार की जा रही थी और युवाओं से एकत्र होने की अपील की जा रही थी।
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समाजसेवी प्रहलाद पांडे का मिला समर्थन
प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता ने बताया कि इस अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है और मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटा जाएगा। इस बीच पूर्व में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर और विधायक गोलू शुक्ला के खिलाफ रीगल चौराहे पर प्रदर्शन कर चुके समाजसेवी प्रहलाद पांडे भी युवाओं को अपना समर्थन देने टंट्या भील चौराहे पहुंचे। उनके पहुंचने से आंदोलन को स्थानीय स्तर पर एक नया बल मिलने का दावा किया जा रहा है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के कई अन्य शहरों जैसे मुंबई में भी बड़ा प्रदर्शन हो चुका है, जबकि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
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जेन जी प्रोटेस्ट 2.0 के तहत प्रदर्शन
इस आंदोलन को युवाओं ने 'Gen Z प्रोटेस्ट 2.0' का नाम दिया है। टंट्या भील प्रतिमा स्थल पर एकत्र हुए युवा अपने हाथों में भारत का संविधान और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरें लिए बैठे नजर आए। इसके साथ ही युवाओं के हाथों में विभिन्न प्रकार की तख्तियां भी थीं, जिन पर तीखे संदेश लिखे हुए थे। एक तख्ती पर लिखा था 'ग्यानू, पैक योर बैग्स ब्रो', वहीं दूसरी तख्ती पर भी कठोर संदेश लिखे गए थे।
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अनिश्चितकालीन रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने साफ किया है कि यह आंदोलन एक दिन का सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि यह अनिश्चितकालीन चलेगा। युवाओं का कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन की रूपरेखा काफी समय से सोशल मीडिया पर तैयार की जा रही थी और युवाओं से एकत्र होने की अपील की जा रही थी।
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समाजसेवी प्रहलाद पांडे का मिला समर्थन
प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता ने बताया कि इस अनिश्चितकालीन आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है और मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटा जाएगा। इस बीच पूर्व में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर और विधायक गोलू शुक्ला के खिलाफ रीगल चौराहे पर प्रदर्शन कर चुके समाजसेवी प्रहलाद पांडे भी युवाओं को अपना समर्थन देने टंट्या भील चौराहे पहुंचे। उनके पहुंचने से आंदोलन को स्थानीय स्तर पर एक नया बल मिलने का दावा किया जा रहा है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के कई अन्य शहरों जैसे मुंबई में भी बड़ा प्रदर्शन हो चुका है, जबकि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
