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Indore News: आयुष्मान से मुफ्त हो रहा मोटापे का ऑपरेशन, मरीजों का बदला जीवन, बीपी-शुगर भी खत्म
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 23 Feb 2026 06:35 PM IST
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सार
Indore News: संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि अब मोटापे का महंगा इलाज प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों के लिए निःशुल्क होगा। न केवल वजन कम करने की सर्जरी होगी, बल्कि मधुमेह और बीपी जैसी बीमारियों से भी राहत मिलेगी।
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े को सर्जरी के बाद अनुभव बताती महिला।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने आज प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में मध्यप्रदेश के पहले बेरियेट्रिक एवं मेटाबोलिक क्लिनिक का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज में बढ़ती मोटापे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खराब खान-पान और बदलती जीवनशैली के कारण आज हर तीसरा-चौथा व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में है। मोटापा न केवल स्वयं एक रोग है, बल्कि यह मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी कई गंभीर बीमारियों का जड़ भी है।
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महंगे इलाज से मिलेगी मुक्ति
डॉ. खाड़े ने रेखांकित किया कि मोटापे का सर्जिकल उपचार सामान्यतः बहुत महंगा होता है, जिसमें 3-4 लाख रुपये तक का खर्च आता है। मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए यह खर्च उठाना अत्यंत कठिन होता है। अब एमवाय अस्पताल के सर्जरी विभाग में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत यह उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध होगा। इससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को नया जीवन मिल सकेगा।
शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी समस्या
संबोधन के दौरान संभागायुक्त ने बताया कि पहले मोटापे को केवल शहरी समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से ग्रामीण क्षेत्रों में भी पैर पसार रहा है। उन्होंने एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सराहना करते हुए कहा कि यहां असाध्य बीमारियों के उपचार के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में नए शोध और नवाचार भी किए जा रहे हैं। उद्घाटन के बाद डॉ. खाड़े ने क्लिनिक में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक भी लिया।
विशेषज्ञों का सम्मान किया गया
महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉ. अरविंद घनघोरिया ने जानकारी दी कि सर्जरी विभाग में मोटापे का इलाज पहले भी किया जा रहा था, लेकिन अब इस समर्पित क्लिनिक के माध्यम से उपचार में और गति आएगी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजकुमार माथुर, डॉ. रवीन्द्र पाटीदार, डॉ. सुनील बांठिया और डॉ. वल्लभ मूंदड़ा जैसे वरिष्ठ विशेषज्ञों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
120 किलो की महिला ने घटाया 23 किलो वजन
इस अवसर पर उपचार का लाभ ले चुकी सुषमा भिलवारे ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आयुष्मान योजना के तहत हुए ऑपरेशन के बाद उनका वजन 103 किलो से घटकर 70 किलो रह गया है। वहीं खजराना क्षेत्र की एक अन्य महिला ने बताया कि उनका वजन 120 किलो से कम होकर 97 किलो हो गया है, जिससे उन्हें जोड़ों के दर्द और थायराइड जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिली है।
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महंगे इलाज से मिलेगी मुक्ति
डॉ. खाड़े ने रेखांकित किया कि मोटापे का सर्जिकल उपचार सामान्यतः बहुत महंगा होता है, जिसमें 3-4 लाख रुपये तक का खर्च आता है। मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए यह खर्च उठाना अत्यंत कठिन होता है। अब एमवाय अस्पताल के सर्जरी विभाग में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत यह उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध होगा। इससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को नया जीवन मिल सकेगा।
शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी समस्या
संबोधन के दौरान संभागायुक्त ने बताया कि पहले मोटापे को केवल शहरी समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से ग्रामीण क्षेत्रों में भी पैर पसार रहा है। उन्होंने एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सराहना करते हुए कहा कि यहां असाध्य बीमारियों के उपचार के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में नए शोध और नवाचार भी किए जा रहे हैं। उद्घाटन के बाद डॉ. खाड़े ने क्लिनिक में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक भी लिया।
विशेषज्ञों का सम्मान किया गया
महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉ. अरविंद घनघोरिया ने जानकारी दी कि सर्जरी विभाग में मोटापे का इलाज पहले भी किया जा रहा था, लेकिन अब इस समर्पित क्लिनिक के माध्यम से उपचार में और गति आएगी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजकुमार माथुर, डॉ. रवीन्द्र पाटीदार, डॉ. सुनील बांठिया और डॉ. वल्लभ मूंदड़ा जैसे वरिष्ठ विशेषज्ञों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
120 किलो की महिला ने घटाया 23 किलो वजन
इस अवसर पर उपचार का लाभ ले चुकी सुषमा भिलवारे ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आयुष्मान योजना के तहत हुए ऑपरेशन के बाद उनका वजन 103 किलो से घटकर 70 किलो रह गया है। वहीं खजराना क्षेत्र की एक अन्य महिला ने बताया कि उनका वजन 120 किलो से कम होकर 97 किलो हो गया है, जिससे उन्हें जोड़ों के दर्द और थायराइड जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिली है।
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