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Bhojshala: भोजशाला मामले में पेश सर्वे रिपोर्ट पर दावे-आपत्तियों के लिए दो सप्ताह का समय, अब सुनवाई 16 को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 23 Feb 2026 06:19 PM IST
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सार
भोजशाला विवाद पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सर्वे रिपोर्ट को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को प्रति देकर दो सप्ताह में आपत्तियां दर्ज करने के निर्देश दिए। 98 दिन की जांच रिपोर्ट पर अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
धार भोजशाला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के धार में स्थित भोजशाला मामले में सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। एएसआई के सर्वे रिपोर्ट को लेकर पर कोर्ट ने कहा कि इसकी प्रति सभी पक्षकारों को दी जाए और उस पर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की जाएं। कोर्ट ने इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अब अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
जिसमें याचिकाकर्ता और इंटरविनर अपना पक्ष रखेंगे।
सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के समक्ष हुई। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सर्वे रिपोर्ट पर दो सप्ताह में अपनी आपत्तियां, सुझाव पेश करने के निर्देश दिए हैं।
ये भी पढ़ें- भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट का आदेश- इंदौर खंडपीठ करेगी मामले की सुनवाई;3 हफ्ते में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
एडवोकेट विनय जोशी के अनुसार हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देशित किया कि वे एएसआई की 98 दिन तक चली वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें।
रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे
याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा कि 2100 पेज की रिपोर्ट में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है। वे उत्साहजनक हैं। सर्वे में पुरानी मूर्तियां, श्लोक लिखे शिलालेख मिले हैं, जो साबित करते हैं कि वहां पहले भोजशाला थी, न कि कमाल मौला मस्जिद। हम रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करेंगे।
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जिसमें याचिकाकर्ता और इंटरविनर अपना पक्ष रखेंगे।
सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के समक्ष हुई। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सर्वे रिपोर्ट पर दो सप्ताह में अपनी आपत्तियां, सुझाव पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
एडवोकेट विनय जोशी के अनुसार हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देशित किया कि वे एएसआई की 98 दिन तक चली वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें।
रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे
याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा कि 2100 पेज की रिपोर्ट में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है। वे उत्साहजनक हैं। सर्वे में पुरानी मूर्तियां, श्लोक लिखे शिलालेख मिले हैं, जो साबित करते हैं कि वहां पहले भोजशाला थी, न कि कमाल मौला मस्जिद। हम रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

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