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Indore News: खजराना मंदिर के दान में लाखों रुपए की हेरफेर करते हैं पुजारी, पत्नी ने ही लगाए गंभीर आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Tue, 09 Jun 2026 08:27 PM IST
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सार
खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी पुनीत भट्ट के खिलाफ उनकी पत्नी डॉ. इंद्रा भट्ट ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, सरकारी अधिकारियों के रसूख की धौंस देने और मंदिर के दान की राशि में लाखों की हेराफेरी के मामले हैं।
इंदिरा भट्ट और पुनीत भट्ट
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी पुनीत भट्ट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुख्य पुजारी पर उनकी ही पत्नी डॉ. इंद्रा भट्ट ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पत्नी द्वारा दहेज प्रताड़ना को लेकर पहले भी पुलिस में केस दर्ज कराया जा चुका है। इसके साथ ही घरेलू हिंसा के भी आरोप लगाते हुए पुलिस में आवेदन दिया गया था। अब इन्हीं तमाम आरोपों के सिलसिले में पत्नी ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर सीधे कलेक्टर से पति पुनीत भट्ट की लिखित शिकायत की है और उन्हें मंदिर के मुख्य पुजारी के पद से हटाने की मांग की है।
अधिकारियों से ऊंचे रसूख और संपर्क की धमकी दे रहा पति
पीड़ित पत्नी ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके पति ने उन्हें लगभग छह महीने पहले ही घर से निकाल दिया था। इस संबंध में उन्होंने अप्रैल महीने में पति के खिलाफ कानूनी केस दर्ज कराया था। पत्नी का कहना है कि पुनीत भट्ट इस केस को अपने प्रभाव से प्रभावित करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। वे खुलकर यह धौंस देते हैं कि मंदिर के मुख्य पुजारी होने के कारण मेरे सभी बड़े सरकारी अधिकारियों से सीधे संपर्क हैं। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ कोई अनहोनी या एक्सीडेंट कराने और उन्हें लगातार डराने-धमकाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
दान राशि में लाखों की हेराफेरी के आरोप
शिकायत के दौरान पत्नी ने मंदिर से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर एक्ट के प्रावधानों के तहत यदि किसी व्यक्ति या पुजारी पर एफआईआर दर्ज होती है, तो उन्हें तुरंत पद से निलंबित किया जाता है। इसी नियम के आधार पर कलेक्टर से उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पत्नी ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि मंदिर में आने वाली दान की राशि में बड़े स्तर पर लाखों की हेराफेरी की जाती है। उनके पति जब भी मंदिर से घर आते थे, तो अपने साथ लाखों रुपये लेकर आते थे। पत्नी के अनुसार, उन्होंने कई बार पति को समझाया था कि सरकार से मिलने वाला वेतन ही हमारे लिए पर्याप्त है, लेकिन वे नहीं माने और अधिकारियों की पहचान का हवाला देकर बात टालते रहे।
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शादी के कुछ समय बाद से ही शुरू हुआ था विवाद
डॉ. इंद्रा भट्ट ने अपनी विस्तृत शिकायत में जानकारी दी कि उनका विवाह मई 2025 में पुजारी पुनीत भट्ट के साथ हुआ था। लेकिन विवाह के कुछ समय बीतने के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा दहेज की मांग को लेकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। उनकी शिकायत के आधार पर महिला थाना इंदौर ने अप्रैल 2026 में पुनीत भट्ट सहित परिवार के अन्य सदस्यों प्रतिमा नागर, नवीन नागर, उदित भट्ट, कुमकुम भट्ट, सुमित भट्ट और विनीत भट्ट के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कानूनी अपराध दर्ज किया था। इसके साथ ही घरेलू हिंसा से जुड़ा एक अन्य प्रकरण भी वर्तमान में कोर्ट में लंबित है। पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इस मामले में उचित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे समाज के लोगों को साथ लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगी और मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग करेंगी।
अधिकारियों से ऊंचे रसूख और संपर्क की धमकी दे रहा पति
पीड़ित पत्नी ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके पति ने उन्हें लगभग छह महीने पहले ही घर से निकाल दिया था। इस संबंध में उन्होंने अप्रैल महीने में पति के खिलाफ कानूनी केस दर्ज कराया था। पत्नी का कहना है कि पुनीत भट्ट इस केस को अपने प्रभाव से प्रभावित करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। वे खुलकर यह धौंस देते हैं कि मंदिर के मुख्य पुजारी होने के कारण मेरे सभी बड़े सरकारी अधिकारियों से सीधे संपर्क हैं। पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ कोई अनहोनी या एक्सीडेंट कराने और उन्हें लगातार डराने-धमकाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
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दान राशि में लाखों की हेराफेरी के आरोप
शिकायत के दौरान पत्नी ने मंदिर से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर एक्ट के प्रावधानों के तहत यदि किसी व्यक्ति या पुजारी पर एफआईआर दर्ज होती है, तो उन्हें तुरंत पद से निलंबित किया जाता है। इसी नियम के आधार पर कलेक्टर से उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही पत्नी ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि मंदिर में आने वाली दान की राशि में बड़े स्तर पर लाखों की हेराफेरी की जाती है। उनके पति जब भी मंदिर से घर आते थे, तो अपने साथ लाखों रुपये लेकर आते थे। पत्नी के अनुसार, उन्होंने कई बार पति को समझाया था कि सरकार से मिलने वाला वेतन ही हमारे लिए पर्याप्त है, लेकिन वे नहीं माने और अधिकारियों की पहचान का हवाला देकर बात टालते रहे।
शादी के कुछ समय बाद से ही शुरू हुआ था विवाद
डॉ. इंद्रा भट्ट ने अपनी विस्तृत शिकायत में जानकारी दी कि उनका विवाह मई 2025 में पुजारी पुनीत भट्ट के साथ हुआ था। लेकिन विवाह के कुछ समय बीतने के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा दहेज की मांग को लेकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। उनकी शिकायत के आधार पर महिला थाना इंदौर ने अप्रैल 2026 में पुनीत भट्ट सहित परिवार के अन्य सदस्यों प्रतिमा नागर, नवीन नागर, उदित भट्ट, कुमकुम भट्ट, सुमित भट्ट और विनीत भट्ट के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कानूनी अपराध दर्ज किया था। इसके साथ ही घरेलू हिंसा से जुड़ा एक अन्य प्रकरण भी वर्तमान में कोर्ट में लंबित है। पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इस मामले में उचित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे समाज के लोगों को साथ लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगी और मामले में सीधे हस्तक्षेप की मांग करेंगी।

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