Indore News:मंत्री विजयवर्गीय का तंज मेयर से दूरियां बढ़ने का इशारा, अब नहीं रही पहले जैसी बात
इंदौर की राजनीति में भाजपा के भीतर बदलते समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मेयर को लेकर किया गया तंज इस बात के संकेत दे रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच पहले जैसा तालमेल नहीं रहा।
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इंदौर में 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम में जिस अंदाज में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने तंज कसा, वह दोनों के बीच दूरियां बढ़ने का इशारा कर रहा है। मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठकों में महापौर लगातार गैरमौजूद रहे। जबकि महापौर पुष्यमित्र भार्गव की गिनती विजयवर्गीय खेमे में होती रही है, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी यह बता रही है कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल, महापौर पुष्यमित्र भार्गव की नजदीकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से बढ़ने लगी है।
महापौर जी, आजकल आप हमारी बैठकों में नहीं आ रहे
समारोह में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस साल शहर में जलसंकट रहा। पेड़ लगाने से भूजल स्तर अच्छा रहता है। फिर उन्होंने कहा, महापौर जी, आप भी इस बात पर ध्यान दें। आजकल आप बहुत व्यस्त रहते हैं। हमारी बैठकों में नहीं आ रहे हैं। उनकी यह बात सुनने के बाद महापौर भी थोड़ी देर के लिए असहज हो गए। विजयवर्गीय ने जब यह बात कही, तब महापौर मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास वाली कुर्सी पर ही बैठे थे।
पोस्टरों में विजयवर्गीय के फोटो नहीं लगे थे
इंदौर में पिछले दिनों नगर निगम के आयोजनों में मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हुए हैं। विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री हैं, लेकिन आयोजनों के पोस्टर और होर्डिंग में उनके फोटो नजर नहीं आए। इसका मुद्दा मंत्री विजयवर्गीय के समर्थक पार्षद मनीष मामा ने महापौर परिषद की बैठक में भी उठाया था। हाल ही में मंत्री विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को इंदौर और पीथमपुर के साथ हो रही उपेक्षा को लेकर पत्र भी लिखा था।
टिकट के लिए दी थी विजयवर्गीय ने सहमति
महापौर चुनाव के समय जब तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने नए चेहरे के रूप में इंदौर महापौर पद के उम्मीदवार के लिए पुष्यमित्र भार्गव का नाम आगे बढ़ाया था, तो उनके नाम पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सहमति दी थी। दरअसल, पुष्यमित्र के पिता मंत्री विजयवर्गीय के साथ पढ़े हैं और दोनों की अच्छी मित्रता है। विधानसभा चुनाव के समय जब तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र से आकाश विजयवर्गीय का टिकट कटा था, तब भी मंत्री विजयवर्गीय ने पुष्यमित्र भार्गव का नाम तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार के रूप में सुझाया था। नगरीय प्रशासन विभाग होने के नाते विजयवर्गीय और महापौर के बीच अच्छा तालमेल रहा है, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियां बदली हुई हैं।
