सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: The metropolitan area comprises 100% of Indore's population and 59% of Ujjain's, yet Indore lags behin

Indore: मेट्रोपाॅलिटन एरिया में इंदौर की 100 प्रतिशत और उज्जैन की 59 प्रतिशत आबादी, फिर भी नाम में इंदौर पीछे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Sun, 21 Jun 2026 09:54 AM IST
विज्ञापन
सार

इंदौर को महानगर बनाने  के लिए जारी उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (यूआईएमआर) के नोटिफिकेशन को लेकर लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। प्रस्तावित क्षेत्र में  इंदौर के नाम को प्राथमिकता न दिए जाने पर शहरवासी इसे अनदेखी मान रहे हैं।

Indore: The metropolitan area comprises 100% of Indore's population and 59% of Ujjain's, yet Indore lags behin
इंदौर सिटी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

इंदौर को महानगर बनाने की कवायद को लेकर कई शहरवासी खुश नहीं हैं, क्योंकि सरकार की तरफ से जो नोटिफिकेशन जारी हुआ है, उसमें नाम उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (यूआईएमआर) रखा गया है। मेट्रोपॉलिटन एरिया में इंदौर की आबादी 100 प्रतिशत, जबकि उज्जैन की 59 प्रतिशत आबादी शामिल है, लेकिन फिर भी इंदौर का नाम पीछे रखा गया। इसे शहरवासी इंदौर के साथ नाइंसाफी मान रहे हैं और अब सोशल मीडिया पर भी शहरवासी आवाज उठा रहे हैं।


 

उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया के नोटिफिकेशन के अनुसार इंदौर के 654 गांव, देवास के 593, उज्जैन के 624, धार के 224, शाजापुर के 546 और रतलाम के 140 गांव इस क्षेत्र में शामिल किए गए हैं। इस मेट्रोपॉलिटन एरिया में इंदौर-उज्जैन सहित छह जिलों की 75.34 लाख आबादी शामिल होगी। इस हिसाब से मेट्रोपॉलिटन एरिया का नाम इंदौर होना चाहिए था। लोगों का कहना है कि उज्जैन के अलावा देवास, धार, शाजापुर और रतलाम के इलाके भी बेवजह महानगर एरिया में शामिल किए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

उज्जैन को अलग महानगर बनाया जाए
उज्जैन धार्मिक नगरी है और इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी है। इंदौर का दायरा वैसे ही बढ़ा है। उज्जैन और अन्य शहरों को जोड़ने के बजाए सरकार को उज्जैन में अलग से महानगर बनाना चाहिए। उज्जैन तक मेट्रो ट्रेन ले जाने की कवायद भी हो रही है। इसके लिए उज्जैन में एक प्रेजेंटेशन भी हुआ था। उसमें मैं शामिल था। उज्जैन से मेट्रो का पीथमपुर से जुड़ना ज्यादा जरूरी है। — नागेश नामजोशी, रेलवे मामलों के जानकार

विज्ञापन

इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया: फैक्ट फाइल
वर्ष 2024 में एमपीआईडीसी ने जो प्रस्ताव सबसे पहले बनाया था, उसमें अवंतिका नाम जोड़ा गया था। बाद में इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम का प्रस्ताव आया, फिर उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर सहित अन्य नाम जुड़े और अंत में उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम से अधिसूचना जारी कर दी गई।

 

इंदौर और आसपास के छह जिलों का कुल क्षेत्रफल 33 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक है, लेकिन मेट्रोपॉलिटन एरिया में कुल 16,000.87 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र ही शामिल किया गया है।

इंदौर जिले का पूरा हिस्सा शामिल होने के कारण इसकी आबादी का प्रतिशत 100 रहेगा, जबकि उज्जैन का 59 प्रतिशत, देवास का 41 प्रतिशत, धार का 18 प्रतिशत, शाजापुर का 90 प्रतिशत और रतलाम का 22 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र में शामिल किया गया है। धार जिले के पीथमपुर को विशेष रूप से इस एरिया में जोड़ा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed