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MP High Court: खंडवा MP के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में बैंक अधिकारी तलब, नरेंद्र पटेल ने दायर की है याचिका

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 19 Oct 2024 09:32 PM IST
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सार

खंडवा सांसद के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में बैंक अधिकारी को तलब किया गया है। कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी नरेंद्र पटेल ने याचिका दायर की है।

MP High Court Bank officer summoned election petition filed against Khandwa MP Narendra Patel filed petition
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के विरुद्ध दायर चुनाव याचिका पर सिटीजन को-ऑपरेटिव बैंक बुरहानपुर के महाप्रबंधक या मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मूल दस्तावेजों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा है कि बैंक अधिकारी के आने-जाने सहित अन्य खर्च का भुगतान सांसद पाटिल को करना होगा। मामले की अगली सुनवाई आठ नवंबर को निर्धारित की गई है।

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यह मामला विगत लोकसभा चुनाव में खंडवा सीट से कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी नरेंद्र पटेल की ओर से दायर किया गया है, जिनकी ओर से अधिवक्ता अभिषेक अरजरिया ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया कि भाजपा के टिकट पर खंडवा के सांसद निर्वाचित हुए ज्ञानेश्वर पाटिल ने नामांकन के समय झूठा शपथ-पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने सिटीजन को-ऑपरेटिव बैंक, बुरहानपुर से लिए गए लोन की राशि का लाखों का भुगतान लंबित होने की जानकारी छिपाई थी।
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सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत के अनुसार, यदि कोई प्रत्याशी अपने नामांकन पत्र में लोन डिफॉल्ट की जानकारी छिपाता है तो उसका यह रवैया कदाचरण की परिधि में आएगा। चूंकि भाजपा सांसद पाटिल ने यह कदाचरण किया है। अत: उनके विरुद्ध दायर चुनाव याचिका निरस्त करने की मांग संबंध अंतरिम आवेदन निरस्त किए जाने योग्य है।

वहीं, दूसरी ओर सांसद पाटिल के वकील ने दलील दी कि बैंक का लोन संबंधी कोर्ट डिफॉल्ट नामांकन के समय नहीं था। इसलिए नामांकन पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप अनुचित है। चुनाव याचिका निरस्त कर दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत की रोशनी में संबंधित बैंक के अधिकारी को मूल दस्तावेजों सहित तलब किया है। एकलपीठ ने मामले में स्पष्ट किया है कि यदि आदेश तिथि से पांच दिन के भीतर सांसद पाटिल ने निर्देश का पालन नहीं किया तो चुनाव याचिका निरस्त करने की मांग सबंधी उनका अंतरिम आवेदन स्वतरू प्रभाव से निरस्त हो जाएगा।

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