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MP News : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कोर्ट का नोटिस, PM मोदी और स्वामी रामभद्राचार्य पर की थी टिप्पणी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी Updated Sat, 27 Sep 2025 08:51 PM IST
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सार

Jabalpur News : जबलपुर की अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में दायर परिवाद की सुनवाई करते हुए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस थमाया है।

Jabalpur court action: Shankaracharya Avimukteshwarananda ordered to appear in the next hearing
अभद्र टिप्पणी का मामला अदालत पहुंचा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मिला कोर्ट का नोटिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जबलपुर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी (जेएमएफसी) आनंद कुमार गोयल की अदालत ने एक परिवाद की सुनवाई करते हुए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को तलब किया है। इस परिवाद में आरोप लगाया गया है कि शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की थीं। अदालत ने अगली सुनवाई 12 नवंबर को तय की है।

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यह है आरोप
यह परिवाद जबलपुर निवासी और बीएसएनएल के सेवानिवृत्त कर्मचारी नेता रामप्रकाश अवस्थी ने दायर किया था। अवस्थी ने बताया कि वे स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य हैं। आरोप है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी को ‘गौ हत्यारा’ कहा था। इसके अलावा उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य के बारे में उनकी दिव्यांगता को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। यहां तक कि राष्ट्रपति के संबंध में भी अनुचित भाषा का प्रयोग किया था। उनका यह साक्षात्कार सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

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परिवाद में धार्मिक भावनाएं आहत होने का दावा

परिवाद में कहा गया है कि इन बयानों से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। शिकायत पहले पुलिस को दी गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में मांग की गई है कि शंकराचार्य के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माना कि लगाए गए आरोप गंभीर हैं और इस तरह के अपराध में पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। इसलिए अदालत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अगली तारीख पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। वादी की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।

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