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Jabalpur News: प्रदेश में मातृ मृत्यु दर अधिक, नियमों में बदलाव उचित निर्णय, हाईकोर्ट ने खारिज की ये याचिका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sun, 13 Jul 2025 06:26 PM IST
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सार

मप्र हाईकोर्ट ने GNM कोर्स में बायोलॉजी विषय को अनिवार्य करने के सरकार के निर्णय को उचित ठहराया। कोर्ट ने कहा कि राज्य में मातृ मृत्यु दर अधिक है, ऐसे में योग्य अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिलना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने नियमों में छूट देने की याचिका खारिज कर दी।

Maternal mortality rate is high in the state, change in rules is a right decision
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

प्रदेश सरकार द्वारा GNM कोर्स में दाखिले के लिए लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ—न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति दिनेश पालीवाल ने सुनवाई के बाद पाया कि मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है। इसलिए GNM पदों पर योग्य व्यक्तियों की नियुक्ति के लिए राज्य शासन द्वारा कड़े नियम बनाना उचित है। युगलपीठ ने आदेश देते हुए सरकार को यह परामर्श भी दिया कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों, एंबुलेंस की संख्या और बेहतर सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

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हरदा स्थित लाल बहादुर शास्त्री व्यावसायिक अध्ययन महाविद्यालय सहित 39 अन्य संस्थानों की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2024 में प्रदेश सरकार ने GNM कोर्स में प्रवेश के नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार बायोलॉजी विषय के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव के चलते GNM कोर्स की केवल 169 सीटें ही भरी जा सकीं, जबकि 8,388 सीटें खाली रह गईं। याचिका में मांग की गई थी कि सरकार को नियमों में शिथिलता बरतने का निर्देश दिया जाए, ताकि खाली पदों पर पात्र उम्मीदवारों को प्रवेश मिल सके।

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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि राज्य में मातृ मृत्यु दर अधिक है, ऐसे में यह आवश्यक है कि कोर्स में केवल योग्य विद्यार्थियों को ही प्रवेश मिले। इस तर्क के आधार पर कोर्ट ने राज्य सरकार के नियमों को उचित ठहराया और याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी और इंडियन नर्सिंग काउंसिल की ओर से अधिवक्ता मोहन सौंसरकर ने पक्ष प्रस्तुत किया।

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