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MP News: प्रदेश के एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालित करने जारी की RFP, सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश की गई जानकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 29 Aug 2025 09:47 PM IST
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सार
जबलपुर डुमना एयरपोर्ट से बड़े शहरों के लिए फ्लाइट शुरू करने की मांग पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार ने बताया कि एयर कनेक्टिविटी हेतु आरएफपी जारी किया गया है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर अगली सुनवाई 9 सितंबर तय की। फिलहाल जबलपुर की उड़ानें घटने से यात्री परेशान हैं।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डुमना एयरपोर्ट से बड़े शहरों के लिए फ्लाइट संचालित किए जाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि विमानन निदेशालय ने प्रदेश के हवाई अड्डे से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ान कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु अनुसूचित ऑपरेटरों के चयन के लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रोपजल) जारी किया है। सनुवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विमानन निदेशालय वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने अगली सुनवाई 9 सितम्बर को निर्धारित की है।
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नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया था कि पूर्व में जबलपुर से मुम्बई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थी। जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर तथा भोपाल के सामान थी। फ्लाइट के लगातार बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाई संचालित होती थीं। वर्तमान में इनकी संख्या कम हो गई है। विमानन कंपनियों की ओर से पेश जवाब में बताया गया था कि टैक्स अधिक होने के कारण फ्लाइट संचालित करने काफी महंगा पड़ता है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ठोस निर्णय लेने के निर्देश जारी किए थे। पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से बताया गया था कि सरकार ने फरवरी 2025 में एक योजना बनाई है। इसमें एयरलाइंस कंपनियों को रियायती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि डुमना एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव, विमानन वीसी के माध्यम से उपस्थित रहें।
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याचिका पर गुरुवार को आगे हुई
सुनवाई के दौरान लॉ छात्र पार्थ श्रीवास्तव की ओर से याचिका दायर करते हुए इंटर विनर बनने आवेदन प्रस्तुत किया गया। उनकी तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि डुमनाएयरपोर्ट पर 400 करोड़ खर्च किए गए हैं | इसके बादउम्मीद थी कि देश के उन प्रमुख शहर से सीधी हवाई सेवाएं शुरू होगी। वर्तमान में इंदौर से 80 लगभग भोपाल से 50 ग्वालियर से 20 से अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं। जबलपुर में हाईकोर्ट के अलावा डिफेंस सहित रेलवे व केन्द्र सरकार के कई मुख्यालय है। इसके अलावा चार टाइगर नेशनल पार्क भी जबलपुर से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में है। जबलपुर के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार किया जा रहा है। युगलपीठ ने आवेदन को स्वीकार करते हुए उक्त आदेश जारी किए।
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नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की तरफ से जनहित याचिका दायर कर जबलपुर से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया था कि पूर्व में जबलपुर से मुम्बई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु आदि शहरों के लिए फ्लाइट संचालित होती थी। जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर, ग्वालियर तथा भोपाल के सामान थी। फ्लाइट के लगातार बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाई संचालित होती थीं। वर्तमान में इनकी संख्या कम हो गई है। विमानन कंपनियों की ओर से पेश जवाब में बताया गया था कि टैक्स अधिक होने के कारण फ्लाइट संचालित करने काफी महंगा पड़ता है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर ठोस निर्णय लेने के निर्देश जारी किए थे। पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से बताया गया था कि सरकार ने फरवरी 2025 में एक योजना बनाई है। इसमें एयरलाइंस कंपनियों को रियायती दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। याचिका की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि डुमना एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव, विमानन वीसी के माध्यम से उपस्थित रहें।
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सुनवाई के दौरान लॉ छात्र पार्थ श्रीवास्तव की ओर से याचिका दायर करते हुए इंटर विनर बनने आवेदन प्रस्तुत किया गया। उनकी तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि डुमनाएयरपोर्ट पर 400 करोड़ खर्च किए गए हैं | इसके बादउम्मीद थी कि देश के उन प्रमुख शहर से सीधी हवाई सेवाएं शुरू होगी। वर्तमान में इंदौर से 80 लगभग भोपाल से 50 ग्वालियर से 20 से अधिक फ्लाइट संचालित हो रही हैं। जबलपुर में हाईकोर्ट के अलावा डिफेंस सहित रेलवे व केन्द्र सरकार के कई मुख्यालय है। इसके अलावा चार टाइगर नेशनल पार्क भी जबलपुर से डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में है। जबलपुर के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार किया जा रहा है। युगलपीठ ने आवेदन को स्वीकार करते हुए उक्त आदेश जारी किए।

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