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High Court Order: सीनियर प्रोफेसर करेंगे भोपाल के 90 डिग्री ओवरब्रिज की जांच, ठेकेदार के खिलाफ कारवाई पर रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 10:28 PM IST
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सार
मप्र हाईकोर्ट ने भोपाल के 90 डिग्री ओवरब्रिज मामले में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने पर अंतरिम रोक लगाई। मैनिट के डायरेक्टर को वरिष्ठ प्रोफेसर से जांच कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने भोपाल के बहुचर्चित 90 डिग्री ओवरब्रिज मामले में सुनवाई की। इस दौरान युगलपीठ ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश के परिप्रेक्ष्य में किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही, मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) के डायरेक्टर को निर्देश दिया गया है कि ओवरब्रिज की जांच वरिष्ठ प्रोफेसर से कराई जाए, जिसकी रिपोर्ट 10 सितंबर को पेश की जाए।
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यह मामला हाईकोर्ट में ठेकेदार मेसर्स पुनीत चड्ढा की ओर से दायर याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पूरी गलती विभाग के अधिकारियों की है। निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करना अनुचित है, क्योंकि आरओबी का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रस्तुत डिजाइन के आधार पर ही किया गया था। अधिवक्ताओं प्रवीण दुबे और सिद्धार्थ शर्मा ने दलील दी कि उच्च स्तरीय जांच में दोषी अफसरों को पहले ही सजा मिल चुकी है, ऐसे में ठेकेदार कंपनी पर कार्रवाई अनुचित है।
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वहीं, राज्य सरकार की ओर से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड पेश करने के लिए समय मांगा गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मैनिट के डायरेक्टर को निर्देशित किया कि एक वरिष्ठ प्रोफेसर से आरओबी की समुचित जांच कराई जाए। जांच पर आने वाला एक लाख रुपये का खर्च फिलहाल ठेकेदार को वहन करना होगा। साथ ही, मेन पावर की कमी दूर करने के लिए नगर निगम भोपाल को आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने तक याचिकाकर्ता कंपनी के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग आदेश के आधार पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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