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Jabalpur News: स्थानांतरण के लिए उप मुख्यमंत्री व विधायक ने भेजी थी अनुमोदित सूची, कलेक्टर की नोटशीट वायरल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 28 Aug 2025 11:05 PM IST
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सार

शहडोल के दुर्गा प्रसाद तिवारी द्वारा पंचायत सचिवों के स्थानांतरण पर राजनीतिक दबाव का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में कलेक्टर की वायरल नोटशीट और उप मुख्यमंत्री व विधायक की अनुमोदित सूची का उल्लेख है। हाईकोर्ट ने शासन से जांच प्रतिवेदन मांगा और सभी अनावेदकों को नोटिस जारी किया। 

The approved list was sent by the Deputy Chief Minister and MLA for transfer
स्थानांतरण के लिए उप मुख्यमंत्री व विधायक द्वारा भेजी गयी थी अनुमोदित सूची
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विस्तार

पंचायत सचिव के स्थानांतरण के लिए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा विधायक द्वारा अनुमोदित सूची कलेक्टर को भेजी गई थी। जिसे कलेक्टर ने नोटशीट के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष को भेजा है। राजनीतिक दबाव के कारण प्रस्तावित स्थानांतरण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई करते हुए शासन को जांच प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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शहडोल निवासी दुर्गा प्रसाद तिवारी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि जिला कलेक्टर की एक नोटशीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। कलेक्टर के द्वारा उक्त नोटशीट जिला पंचायत अध्यक्ष को भेजी गई है, जिसमें पंचायत सचिव के प्रस्तावित स्थानांतरण की सूची है। पंचायत सचिव की स्थानांतरण की सूची उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और विधायक के हस्ताक्षर से अनुमोदित की गई है।

याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि इस तरह से स्थानांतरण के लिए इस तरह की प्रक्रिया अनुचित है। राजनीतिक दबाव में स्थानांतरित किया जाना अनुचित है और इसकी जांच की जानी चाहिए। याचिका में मप्र शासन के प्रमुख सचिव, शहडोल कलेक्टर, जिला व जनपद पंचायत सीईओं को पक्षकार बनाया गया है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर उक्त आदेश जारी किए। याचिका पर अगली सुनवाई  22 सितंबर को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सुनंदा केसरवानी ने पैरवी की।

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