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Jabalpur News: डीएनए रिपोर्ट गायब, हाईकोर्ट ने डीजीपी को दिए पूर्व एसपी और जांच अधिकारी की जांच के आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 01 Nov 2025 11:00 AM IST
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सार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में डीजीपी को नर्मदापुरम के तत्कालीन एसपी और महिला विवेचना अधिकारी की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

Jabalpur News: DNA Report Missing, High Court Orders DGP to Probe Former SP and Investigating Officer
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
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विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी का डीएनए सैंपल लेने के बावजूद रिपोर्ट ट्रायल कोर्ट में पेश न किए जाने को गंभीरता से लिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में नर्मदापुरम के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) और महिला विवेचना अधिकारी की भूमिका की जांच करें और 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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जानकारी के अनुसार सिवनी मालवा निवासी राहुल कुछबंधिया ने ट्रायल कोर्ट द्वारा बलात्कार के मामले में सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपीलकर्ता की ओर से यह तर्क दिया गया कि डीएनए रिपोर्ट इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य है। आरोपी का सैंपल लिया गया था लेकिन रिपोर्ट ट्रायल कोर्ट में पेश नहीं की गई।
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सुनवाई के दौरान युगल पीठ ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने कई अवसर देने के बावजूद डीएनए रिपोर्ट पेश न किए जाने का उल्लेख किया था। इस पर हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता को जमानत का लाभ प्रदान करते हुए आदेश दिया कि यह मामला पुलिस महानिदेशक को भेजा जाए।

अदालत ने कहा कि विवेचना अधिकारी वैशाली उइके ने संभवतः किसी प्रभाव में आकर ऐसा किया है और आरोपी को बचाने की कोशिश की है। इसलिए जहां भी वे पदस्थ हैं, उनकी लापरवाही की जांच की जाए। साथ ही अदालत ने कहा कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक की भी जांच आवश्यक है, क्योंकि सैंपल भेजते समय उन्होंने दस्तावेजों की सही जांच नहीं की।

युगलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी से विस्तृत जांच रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर मांगी है।
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