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MP News: थांदला में क्लोरीन गैस लीक, बदबू और आंखों में जलन से मचा हड़कंप, लोग घरों से निकले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झाबुआ
Published by: झाबुआ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 10:17 AM IST
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सार
झाबुआ जिले के थांदला में वाटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में गैस फैलने से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हुई।
थांदला में क्लोरीन गैस रिसाव से अफरा-तफरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झाबुआ जिले के थांदला की पुरानी मंडी स्थित पद्मावती नदी के समीप बने वाटर फिल्टर प्लांट में शुक्रवार शाम अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। करीब एक किलोमीटर के दायरे में गैस की तेज गंध फैलने से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
अज्ञात कारणों से हुए इस गैस रिसाव की खबर फैलते ही लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासनिक अमला और नगर परिषद की टीमें सक्रिय हो गईं।
प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम भास्कर गाचले और टीआई अशोक कनेश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नगर परिषद के सीएमओ कमलेश जायसवाल ने पुष्टि की कि रिसाव क्लोरीन गैस का था, जिसका उपयोग जल शुद्धिकरण में किया जाता है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर मुस्तैद रहे और रिसाव को रोकने के प्रयास किए गए।
तकनीकी कारणों की जांच जारी
हालांकि प्रशासन ने स्थिति पर काबू पा लिया, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गैस रिसाव किन तकनीकी कारणों या लापरवाही के चलते हुआ। अधिकारी फिलहाल प्लांट पर मौजूद हैं और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ये भी पढ़ें- ये कैसा इलाज?: झाड़फूंक के नाम पर महिला से मारपीट, लात-घूंसों से पिटती रही पत्नी और पति चुपचाप देखता रहा
इस घटना में प्लांट के कर्मचारी और आसपास के नागरिक प्रभावित हुए हैं। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट एस.डी. पिल्लई सहित राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। मेघनगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र से भी तकनीकी सहायता ली गई, जबकि इंदौर से विशेषज्ञ टीम शेष टैंकों की जांच के लिए पहुंची।
सुरक्षा के मद्देनजर सर्वे के दौरान जिन लोगों में लक्षण पाए गए, उन्हें एहतियातन ऑब्जर्वेशन में रखा गया। फिलहाल कुल 49 मरीज उपचाराधीन हैं और सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूरे क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और सामान्य बनी हुई है।
पाइप लीक होने से हुआ रिसाव
नगर परिषद के इंजीनियर पप्पू बारिया के अनुसार, शाम करीब 5 बजे प्लांट में पाइप लीक हो गया था। हवा के रुख के साथ गैस फैलने से आसपास के रहवासी प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि शाम करीब 7 बजे तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था। इसके बाद मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र से आई टीम ने तकनीकी जांच की और रात करीब 9 बजे तक पूरी तरह स्थिति स्पष्ट हो गई कि अब कोई खतरा नहीं है।
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अज्ञात कारणों से हुए इस गैस रिसाव की खबर फैलते ही लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासनिक अमला और नगर परिषद की टीमें सक्रिय हो गईं।
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प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम भास्कर गाचले और टीआई अशोक कनेश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नगर परिषद के सीएमओ कमलेश जायसवाल ने पुष्टि की कि रिसाव क्लोरीन गैस का था, जिसका उपयोग जल शुद्धिकरण में किया जाता है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर मुस्तैद रहे और रिसाव को रोकने के प्रयास किए गए।
तकनीकी कारणों की जांच जारी
हालांकि प्रशासन ने स्थिति पर काबू पा लिया, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गैस रिसाव किन तकनीकी कारणों या लापरवाही के चलते हुआ। अधिकारी फिलहाल प्लांट पर मौजूद हैं और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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इस घटना में प्लांट के कर्मचारी और आसपास के नागरिक प्रभावित हुए हैं। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट एस.डी. पिल्लई सहित राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। मेघनगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र से भी तकनीकी सहायता ली गई, जबकि इंदौर से विशेषज्ञ टीम शेष टैंकों की जांच के लिए पहुंची।
सुरक्षा के मद्देनजर सर्वे के दौरान जिन लोगों में लक्षण पाए गए, उन्हें एहतियातन ऑब्जर्वेशन में रखा गया। फिलहाल कुल 49 मरीज उपचाराधीन हैं और सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूरे क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और सामान्य बनी हुई है।
पाइप लीक होने से हुआ रिसाव
नगर परिषद के इंजीनियर पप्पू बारिया के अनुसार, शाम करीब 5 बजे प्लांट में पाइप लीक हो गया था। हवा के रुख के साथ गैस फैलने से आसपास के रहवासी प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि शाम करीब 7 बजे तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था। इसके बाद मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र से आई टीम ने तकनीकी जांच की और रात करीब 9 बजे तक पूरी तरह स्थिति स्पष्ट हो गई कि अब कोई खतरा नहीं है।

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