{"_id":"689b6d39ef6067d12b068608","slug":"speed-trial-of-120-kmph-train-was-successful-in-grade-separator-katni-news-c-1-1-noi1360-3280457-2025-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: 120 की रफ्तार से दौड़ी दो इंजन-11 बोगी वाली ट्रेन, एशिया के सबसे बड़े ग्रेड सेपरेटर का सफल स्पीड ट्रायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: 120 की रफ्तार से दौड़ी दो इंजन-11 बोगी वाली ट्रेन, एशिया के सबसे बड़े ग्रेड सेपरेटर का सफल स्पीड ट्रायल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: कटनी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 06:30 PM IST
विज्ञापन
सार
कटनी जिले में बन रहे एशिया के सबसे बड़े ग्रेड सेपरेटर पर सफल स्पीड ट्रायल हुआ। 1,800 करोड़ की लागत से तैयार यह परियोजना ट्रेनों के संचालन को सुगम बनाएगी। 33.4 किमी लंबे ट्रैक पर ट्रायल में 120-130 किमी प्रति घंटे की गति हासिल की गई, जिससे संचालन जल्द शुरू होगा।
train
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
कटनी जिले में बन रहे एशिया के सबसे बड़े ग्रेड सेपरेटर पर आज सफल स्पीड ट्रायल किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, डीआरएम, कटनी एरिया मैनेजर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
Trending Videos
दरअसल, कटनी जिले में झलवारा से मझगवां होते हुए कटंगी तक 33.4 किलोमीटर लंबे अप और डाउन ग्रेड सेपरेटर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें अप लाइन की लंबाई 16 किलोमीटर और डाउन लाइन की लंबाई 17.4 किलोमीटर है। मंगलवार को डाउन लाइन पर तकनीकी जांच और संरचना की मजबूती परखने के लिए स्पीड ट्रायल आयोजित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- प्रधान आरक्षक और नगर सैनिक को लोकायुक्त ने पकड़ा, मैहर देहात थाने परिसर में ले रहे थे 4,500 रुपये
ट्रायल के दौरान 2 इंजन और 11 बोगियों वाली विशेष यात्री ट्रेन उड़ते जंक्शन कहलाने वाले इस मार्ग पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी, जबकि अप लाइन पर अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल की गई। ट्रायल में ट्रैक ज्योमेट्री, ब्रेकिंग सिस्टम, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन, सिग्नलिंग और सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण किया गया, जिसे अधिकारियों ने पूरी तरह सफल बताया।
करीब 1,800 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा यह ग्रेड सेपरेटर भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा रणनीतिक प्रोजेक्ट है। इसके तहत लगभग 676 पिलर्स पर अप और डाउन लाइन की संरचना खड़ी की गई है। यह एशिया का सबसे बड़ा ग्रेड सेपरेटर होगा, जो मालगाड़ियों और यात्री गाड़ियों के संचालन को अलग-अलग ट्रैकों पर बिना रुकावट संभव बनाएगा। इससे क्रॉसिंग पॉइंट पर रुकने की जरूरत खत्म होगी, समय की बचत होगी और ट्रेनों की समय पालन क्षमता बढ़ेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्पीड ट्रायल की सफलता के बाद अब किसी भी समय गुड्स ट्रेन का परिचालन शुरू किया जा सकता है। इससे कटनी जंक्शन और आसपास के व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। अधिकारी मानते हैं कि यह प्रोजेक्ट न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया में एक इंजीनियरिंग चमत्कार के रूप में दर्ज होगा, जो मध्य भारत के रेल नेटवर्क को और आधुनिक, तेज़ और सुरक्षित बनाएगा।

कमेंट
कमेंट X