Katni News: तालाब में जहर मिलाकर 14 वन्यजीवों का शिकार, तीन आरोपी गिरफ्तार; जानें कैसे हुआ खुलासा?
कटनी के विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र में तालाब के पानी में कथित तौर पर जहर मिलाकर 12 चीतल और दो सांभर का शिकार किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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कटनी से वन्यजीवों के सामूहिक शिकार का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां शिकारियों ने जंगल के एक तालाब में कथित तौर पर जहर मिलाकर वन्यजीवों को निशाना बनाया, जिससे 12 चीतल और दो सांभर की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। डॉग स्क्वॉड और वन अमले की कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।
विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र में स्थित तालाब।
घटना विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र की घुघरी बीट के आरएफ-62 से लगे जंगल की है। गुरुवार सुबह नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को तालाब के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में 12 चीतल और दो सांभर मृत मिले। एक साथ इतने वन्यजीवों की मौत की सूचना मिलते ही विभाग ने पूरे इलाके को घेर लिया और डॉग स्क्वॉड की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड घुघरी गांव में एक संदिग्ध के घर तक पहुंचा। तलाशी में ताजा खून के निशान, वन्यजीवों के बाल, मांस, शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे और अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद वन विभाग ने सुरेश चौधरी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर दुर्गेश समेत कुल तीन आरोपियों को घुघरी और गाडरी गांव से गिरफ्तार किया गया।
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वन विभाग के एसडीओ सुरेश बारोले के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तालाब के पानी में जहर मिलाने की बात स्वीकार की है। आशंका है कि जहरीला पानी पीने से ही चीतल और सांभर की मौत हुई। सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कराया गया है, जबकि तालाब के पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी। तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
