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Rain In MP: मैहर में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, उफान पर नदियां; गांवों का संपर्क टूटा, पुल-रपटे जलमग्न
Thu, 20 Aug 2026 08:28 PM IST
मैहर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 08:28 PM IST
सार
मैहर में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। अमरपाटन के कई ग्रामीण इलाकों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया है, जबकि गऊ घाट पुल और कस्तरा रपटा के ऊपर से पानी बह रहा है।
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बाढ़ के बीच कुछ इस तरह आते-जाते हुए ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के मैहर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते अमरपाटन सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। लगातार बारिश के बाद क्षेत्र की कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं। मरहा, भंवरा और मुरजुआ नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांव पानी से घिर गए हैं। प्रशासन ने भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
अमरपाटन के ताला थाना क्षेत्र में देर रात से हो रही तेज बारिश के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं। मुकुंदपुर क्षेत्र में भंवरा और मुरजुआ नदी के बढ़े जलस्तर का सीधा असर संपर्क मार्गों पर पड़ा है। कई रास्ते पानी में डूब जाने से मुकुंदपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों का अमरपाटन, रीवा सहित अन्य शहरी क्षेत्रों से संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर चारों तरफ पानी दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीणों की आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ गांवों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।
गऊ घाट पुल के ऊपर से बह रहा पानी
बारिश के बाद नदियों में आए उफान का असर प्रमुख पुलों और रपटों पर भी दिखाई दे रहा है। मुकुंदपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध गऊ घाट पुल के ऊपर से पानी बहने की स्थिति सामने आई है। पुल पर पानी का तेज बहाव होने के कारण आवागमन में खतरा बढ़ गया है। वहीं कस्तरा रपटा भी पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। पानी तेज रफ्तार से बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों के लिए इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों से नदी और रपटों के ऊपर से बह रहे पानी को पार नहीं करने की अपील की जा रही है।
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अष्टभुजा मंदिर और तकिया दरगाह भी पानी से घिरे
बाढ़ के बढ़ते पानी का असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। क्षेत्र का प्रसिद्ध अष्टभुजा मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है। इसके अलावा तकिया दरगाह और मुकुंदपुर के ग्राउंड परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बारिश लगातार जारी रहने की स्थिति में जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
घरों में घुसा पानी, ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर
बाढ़ की सबसे ज्यादा मार ग्रामीण परिवारों पर पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों में पानी घुस चुका है। कुछ परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई जगह पानी इतना बढ़ गया है कि लोगों को छाती तक पानी पार करके सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है। घरों में पानी घुसने के कारण अनाज, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला जरूरी सामान भी प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों के सामने अब सबसे बड़ी चिंता परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है और नदियों का जलस्तर कम नहीं होता है तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
ये भी पढ़ें- त्योहार से पहले महंगाई की मार: 18 दिन में 18 रुपये महंगी हुई चीनी, जानें क्या हैं बढ़ते दामों के मुख्य कारण
प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग
बाढ़ जैसे हालात के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। प्रभावित गांवों में जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने की मांग की जा रही है।
प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे, रपटों और निचले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ के पानी में वाहन लेकर जाने या तेज बहाव को पार करने का प्रयास न करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
मैहर जिले के अमरपाटन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सबसे जरूरी है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव दल को सक्रिय किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन समय रहते प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था मजबूत करे, ताकि बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने पर लोगों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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अमरपाटन के ताला थाना क्षेत्र में देर रात से हो रही तेज बारिश के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं। मुकुंदपुर क्षेत्र में भंवरा और मुरजुआ नदी के बढ़े जलस्तर का सीधा असर संपर्क मार्गों पर पड़ा है। कई रास्ते पानी में डूब जाने से मुकुंदपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों का अमरपाटन, रीवा सहित अन्य शहरी क्षेत्रों से संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर चारों तरफ पानी दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीणों की आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ गांवों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।
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गऊ घाट पुल के ऊपर से बह रहा पानी
बारिश के बाद नदियों में आए उफान का असर प्रमुख पुलों और रपटों पर भी दिखाई दे रहा है। मुकुंदपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध गऊ घाट पुल के ऊपर से पानी बहने की स्थिति सामने आई है। पुल पर पानी का तेज बहाव होने के कारण आवागमन में खतरा बढ़ गया है। वहीं कस्तरा रपटा भी पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। पानी तेज रफ्तार से बह रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों के लिए इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों से नदी और रपटों के ऊपर से बह रहे पानी को पार नहीं करने की अपील की जा रही है।
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अष्टभुजा मंदिर और तकिया दरगाह भी पानी से घिरे
बाढ़ के बढ़ते पानी का असर धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। क्षेत्र का प्रसिद्ध अष्टभुजा मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है। इसके अलावा तकिया दरगाह और मुकुंदपुर के ग्राउंड परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बारिश लगातार जारी रहने की स्थिति में जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
घरों में घुसा पानी, ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर
बाढ़ की सबसे ज्यादा मार ग्रामीण परिवारों पर पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई घरों में पानी घुस चुका है। कुछ परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई जगह पानी इतना बढ़ गया है कि लोगों को छाती तक पानी पार करके सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है। घरों में पानी घुसने के कारण अनाज, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला जरूरी सामान भी प्रभावित हुआ है।
ग्रामीणों के सामने अब सबसे बड़ी चिंता परिवार के सदस्यों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है और नदियों का जलस्तर कम नहीं होता है तो स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
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प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग
बाढ़ जैसे हालात के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। प्रभावित गांवों में जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने की मांग की जा रही है।
प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे, रपटों और निचले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ के पानी में वाहन लेकर जाने या तेज बहाव को पार करने का प्रयास न करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
मैहर जिले के अमरपाटन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल सबसे जरूरी है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव दल को सक्रिय किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन समय रहते प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था मजबूत करे, ताकि बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने पर लोगों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
