{"_id":"6ad5ab4feca7bde79e06fce2","slug":"mandla-female-tiger-cub-dies-of-suspected-cdv-infection-in-kanha-toll-among-tigers-rises-to-nine-2026-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडला: कान्हा नेशनल पार्क में जानलेवा सीडीवी वायरस का कहर, मादा बाघ शावक की मौत, नौ पर पहुंचा आंकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडला: कान्हा नेशनल पार्क में जानलेवा सीडीवी वायरस का कहर, मादा बाघ शावक की मौत, नौ पर पहुंचा आंकड़ा
Mon, 19 Oct 2026 11:02 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:02 AM IST
सार
कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के संक्रमण से एक और बाघ की मौत हो गई। इसके साथ ही कान्हा में इस वायरस से जान गंवाने वाले बाघों की संख्या नौ हो गई है।
विज्ञापन
वायरस अटैक से मादा बाघ शावक की मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र में भर्ती एक मादा बाघ शावक की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। प्राथमिक जांच के अनुसार इस मौत की मुख्य वजह कैनाइन डिस्टेंपर वायरस का घातक संक्रमण है। इस घटना के साथ ही कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में इस खतरनाक वायरस से जान गंवाने वाले बाघों की कुल संख्या बढ़कर नौ हो गई है। वन्यजीव चिकित्सकों की समर्पित टीम लगातार शावक की स्थिति पर नजर बनाए हुए थी लेकिन गंभीर बीमारी के कारण चिकित्सक उसे बचा नहीं सके।
आठ अक्तूबर को किया था रेस्क्यू
वन विभाग की टीम ने आठ अक्तूबर को वन विकास निगम के मोहगांव प्रोजेक्ट के तहत आने वाले अरौली गांव के पास से इस मादा बाघ शावक का रेस्क्यू किया था। खोजबीन अभियान के दौरान टीम ने हाथियों की मदद ली ताकि घने जंगलों के बीच छिपे इस कमजोर प्राणी को समय पर खोजा जा सके। रेस्क्यू के समय शावक की शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर थी। वन विभाग के दल ने आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाते हुए शावक को तुरंत मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र पहुंचाया। वहां तैनात पशु चिकित्सकों ने उसका गहन उपचार शुरू किया था। शावक की मौत के पश्चात अधिकारियों ने निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए शव का दाह संस्कार कर दिया।
ये भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में चार आईएएस के तबादले: संस्कृति जैन की जगह रामप्रकाश अहिरवार होंगे भोपाल नगर निगम आयुक्त
विज्ञापन
ग्रामीण महिला पर शावक का हमला
रेस्क्यू अभियान से एक दिन पहले यानी सात अक्तूबर की रात खटिया रेंज की मोहगांव बीट के अंतर्गत आने वाले अरौली गांव में एक दुखद घटना घटी थी। गांव में अपने घर के आंगन में खाट पर सो रही पचास वर्षीया महिला रमली बाई मरावी पर इस बाघ शावक ने अचानक हमला कर दिया था। शावक ने महिला के सिर और चेहरे पर पंजों से गहरे घाव किए तथा उसे खाट से नीचे घसीट लिया। महिला की चीख सुनकर उनका बेटा तुरंत बाहर आया और मदद के लिए शोर मचाने लगा। आसपास लोगों की मौजूदगी और शोर सुनकर बाघ शावक डर गया और महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
वन्यजीवों की सुरक्षा और वायरस की चुनौती
कैनाइन डिस्टेंपर वायरस वन्यजीवों, विशेषकर बाघों और अन्य मांसाहारी प्रजातियों के लिए गंभीर खतरा बनता है। कान्हा टाइगर रिजर्व में इस जानलेवा संक्रमण के फैलने से अब तक नौ बाघ दम तोड़ चुके हैं। उपचाराधीन मादा शावक की मौत ने पार्क प्रबंधन और वन्यजीव वैज्ञानिकों के सामने बाकी जानवरों को इस बीमारी से बचाने तथा उनकी निरंतर निगरानी करने की चुनौती खड़ी कर दी है।
विज्ञापन
आठ अक्तूबर को किया था रेस्क्यू
वन विभाग की टीम ने आठ अक्तूबर को वन विकास निगम के मोहगांव प्रोजेक्ट के तहत आने वाले अरौली गांव के पास से इस मादा बाघ शावक का रेस्क्यू किया था। खोजबीन अभियान के दौरान टीम ने हाथियों की मदद ली ताकि घने जंगलों के बीच छिपे इस कमजोर प्राणी को समय पर खोजा जा सके। रेस्क्यू के समय शावक की शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर थी। वन विभाग के दल ने आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय अपनाते हुए शावक को तुरंत मुक्की स्थित वन्यजीव उपचार केंद्र पहुंचाया। वहां तैनात पशु चिकित्सकों ने उसका गहन उपचार शुरू किया था। शावक की मौत के पश्चात अधिकारियों ने निर्धारित प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए शव का दाह संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मध्यप्रदेश में चार आईएएस के तबादले: संस्कृति जैन की जगह रामप्रकाश अहिरवार होंगे भोपाल नगर निगम आयुक्त
विज्ञापन
ग्रामीण महिला पर शावक का हमला
रेस्क्यू अभियान से एक दिन पहले यानी सात अक्तूबर की रात खटिया रेंज की मोहगांव बीट के अंतर्गत आने वाले अरौली गांव में एक दुखद घटना घटी थी। गांव में अपने घर के आंगन में खाट पर सो रही पचास वर्षीया महिला रमली बाई मरावी पर इस बाघ शावक ने अचानक हमला कर दिया था। शावक ने महिला के सिर और चेहरे पर पंजों से गहरे घाव किए तथा उसे खाट से नीचे घसीट लिया। महिला की चीख सुनकर उनका बेटा तुरंत बाहर आया और मदद के लिए शोर मचाने लगा। आसपास लोगों की मौजूदगी और शोर सुनकर बाघ शावक डर गया और महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
वन्यजीवों की सुरक्षा और वायरस की चुनौती
कैनाइन डिस्टेंपर वायरस वन्यजीवों, विशेषकर बाघों और अन्य मांसाहारी प्रजातियों के लिए गंभीर खतरा बनता है। कान्हा टाइगर रिजर्व में इस जानलेवा संक्रमण के फैलने से अब तक नौ बाघ दम तोड़ चुके हैं। उपचाराधीन मादा शावक की मौत ने पार्क प्रबंधन और वन्यजीव वैज्ञानिकों के सामने बाकी जानवरों को इस बीमारी से बचाने तथा उनकी निरंतर निगरानी करने की चुनौती खड़ी कर दी है।
