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एमपी: ओबीसी आरक्षण पर कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी कांग्रेस, चलाएगी जन-जागरण अभियान

Mon, 12 Oct 2026 06:35 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 12 Oct 2026 06:35 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण रद्द करने के जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले को कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। पार्टी सामाजिक संगठनों के माध्यम से प्रदेशभर में जन-जागरण अभियान चलाकर पिछड़ा वर्ग को एकजुट करने की तैयारी कर रही है।

 

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MP: Congress to challenge court's decision on OBC reservation in Supreme Court news in hindi
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण रद्द करने वाले जबलपुर उच्च न्यायालय के फैसले को कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी। इसके साथ ही पार्टी पूरे प्रदेश में सामाजिक संगठनों के माध्यम से जन-जागरण अभियान चलाकर पिछड़ा वर्ग के लोगों को लामबंद करने की रणनीति पर काम कर रही है। कांग्रेस की योजना सीधे नेतृत्व करने के बजाय विभिन्न पिछड़ा वर्ग संगठनों को आगे रखकर एक साझा मंच तैयार करने की है।

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उच्च न्यायालय का निर्णय
जबलपुर उच्च न्यायालय की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ शामिल थे, ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के निर्णय को असंवैधानिक करार दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आरक्षण में इस वृद्धि को उचित ठहराने के लिए आवश्यक विशेष स्थितियां नहीं थीं। उच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद प्रदेश में वर्ष 2019 से पहले लागू 14 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था ही प्रभावी रहेगी।
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कमलनाथ सरकार का कदम
मध्य प्रदेश में वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अध्यादेश के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था। हालांकि, इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई और इसके खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गईं। मामला सर्वोच्च न्यायालय तक भी पहुंचा, जिसने सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाइयों के निर्देश दिए थे। कानूनी प्रक्रिया जारी रहने के कारण 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सभी संबंधित मामलों में एक समान रूप से लागू नहीं हो पाया था।
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अभियानों की क्षेत्रीय कमान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस पूरे जन-जागरण अभियान की कमान संभालेंगे। पार्टी ने प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां दी हैं। निमाड़ अंचल में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और सचिन यादव अभियान की कमान संभालेंगे। विंध्य अंचल में पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और सिद्धार्थ कुशवाहा को सक्रिय किया जाएगा। वहीं ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की जिम्मेदारी राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह, दिनेश गुर्जर और लाखन यादव को सौंपी गई है।

सामाजिक संतुलन की रणनीति
कांग्रेस सामाजिक संगठनों के माध्यम से पिछड़ा वर्ग में अपनी पैठ बढ़ाना चाहती है। पार्टी की मंशा ओबीसी समुदाय को एकजुट करने के साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखने की भी है, ताकि किसी एक वर्ग के प्रति अधिक झुकाव का संदेश न जाए। आने वाले दिनों में अंचलवार बैठकों और जन-जागरण अभियान से इस रणनीति की आगे की दिशा तय होगी।

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