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Teachers Day: प्रदेश की ऐसी शिक्षक, जिसके कामों की राष्ट्रपति ने भी की तारीफ, आम लोगों को भी दे रही शिक्षा
Wed, 04 Sep 2024 06:47 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 04 Sep 2024 06:47 PM IST
सार
सारिका ने अपने स्कूल में डेढ़ लाख रुपये के व्यय से बच्चों के लिए मिनि साइंस सेंटर के रूप में प्रयोगशाला को सुसज्जित किया। अपनी स्वर्गीय मां के नाम पर इसका नाम विद्या विज्ञान प्रयोगशाला रखा।
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सारिका घारू बच्चों को विज्ञान रोचक अंदाज में पढ़ाती हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आमतौर पर प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिलने के बाद सम्मानप्राप्त करने वाले की सक्रियता कम ही सुनने को मिलती है, लेकिन नर्मदापुरम जिले के नर्मदातट पर स्थित हायर सेकंडरी स्कूल में माध्यमिक शिक्षक सारिका घारू भारत सरकार के दो नेशनल तथा मध्यप्रदेश शासन के 3 स्टेट अवॉर्ड मिलने के बाद भी स्कूल तथा प्रदेश के अन्य बच्चों के लिए निरंतर वैज्ञानिक जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर रही हैं वो भी बिना बाहरी सहायता से, स्वयं अपने व्यय पर।
सारिका ने अपने स्कूल में डेढ़ लाख रुपये के व्यय से बच्चों के लिए मिनि साइंस सेंटर के रूप में प्रयोगशाला को सुसज्जित किया। अपनी स्वर्गीय मां के नाम पर इसका नाम विद्या विज्ञान प्रयोगशाला रखा। इसके अलावा हाईस्कूल विज्ञान के 30 से अधिक टॉपिक पर रुचिकर गीत स्टूडियो में तैयार कर अपने अध्यापन में इसे शामिल किया। इसका नतीजा यह है कि बच्चे विज्ञान को गीत के रूप में गुनगुना रहे हैं। अंतरिक्ष हो या खगोल विज्ञान दोनों ही क्षेत्र में बच्चे इन्हें साइंस वाली दीदी के रूप में याद कर अपनी जिज्ञासा हल करते हैं।
तारों, गृहों की चहलकदमी, तथाकथित चमत्कारों के पीछे छिपा वैज्ञानिक पक्ष, समसामयिक वैज्ञानिक जागरूकता संदेश देने के लिए सारिका विशेष कार्यक्रम आयोजित कर इनके पीछे छिपे विज्ञान को बताती हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से देश-प्रदेश के अन्य बच्चे भी इससे सीखते हैं। किशोरियों को भी अनेक प्रकार की मदद वे करती आ रही है।
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खास बात यह भी है कि सारिका मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की स्टेट ब्रैंड एम्बैस्डर तथा भारत निर्वाचन आयोग की जिला स्वीप आईकॉन भी हैं। प्रशासन की अनेक लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का उत्तरदायित्व भी निभाती आई हैं। पपेट शो, लोकनृत्य , गीतों के जरिए आमलोगों को जागरूक भी किया जाता रहा है। इसके लिये भी वे किसी प्रकार की शासकीय सहायता नहीं लेती हैं। सम्मान मिल जाने के बाद सारिका ने समाज और विद्यार्थियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाया है।
सारिका घारू को 2017 में विज्ञान संचार के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का राष्ट्रीय पुरस्कार, 2016 में मेपकास्ट का इनोवेटिव साइंस टीचर अवार्ड, 2022 में मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार, राज्य महिला आयोग का सम्मान तथा 2023 में भारत सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग का राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिला है। इस साल के राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में सम्मान के लिए उनका चयन किया गया है। अपनी सफलता में वे प्रशासन, विद्यालय, जन-जन तक वैज्ञानिक संदेश पहुंचाने वाला मीडिया ,अपने परिवार एवं विद्यार्थियों को अपना सहयोगी मानती हैं।
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सारिका ने अपने स्कूल में डेढ़ लाख रुपये के व्यय से बच्चों के लिए मिनि साइंस सेंटर के रूप में प्रयोगशाला को सुसज्जित किया। अपनी स्वर्गीय मां के नाम पर इसका नाम विद्या विज्ञान प्रयोगशाला रखा। इसके अलावा हाईस्कूल विज्ञान के 30 से अधिक टॉपिक पर रुचिकर गीत स्टूडियो में तैयार कर अपने अध्यापन में इसे शामिल किया। इसका नतीजा यह है कि बच्चे विज्ञान को गीत के रूप में गुनगुना रहे हैं। अंतरिक्ष हो या खगोल विज्ञान दोनों ही क्षेत्र में बच्चे इन्हें साइंस वाली दीदी के रूप में याद कर अपनी जिज्ञासा हल करते हैं।
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तारों, गृहों की चहलकदमी, तथाकथित चमत्कारों के पीछे छिपा वैज्ञानिक पक्ष, समसामयिक वैज्ञानिक जागरूकता संदेश देने के लिए सारिका विशेष कार्यक्रम आयोजित कर इनके पीछे छिपे विज्ञान को बताती हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से देश-प्रदेश के अन्य बच्चे भी इससे सीखते हैं। किशोरियों को भी अनेक प्रकार की मदद वे करती आ रही है।
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खास बात यह भी है कि सारिका मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की स्टेट ब्रैंड एम्बैस्डर तथा भारत निर्वाचन आयोग की जिला स्वीप आईकॉन भी हैं। प्रशासन की अनेक लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का उत्तरदायित्व भी निभाती आई हैं। पपेट शो, लोकनृत्य , गीतों के जरिए आमलोगों को जागरूक भी किया जाता रहा है। इसके लिये भी वे किसी प्रकार की शासकीय सहायता नहीं लेती हैं। सम्मान मिल जाने के बाद सारिका ने समाज और विद्यार्थियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाया है।
सारिका घारू को 2017 में विज्ञान संचार के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का राष्ट्रीय पुरस्कार, 2016 में मेपकास्ट का इनोवेटिव साइंस टीचर अवार्ड, 2022 में मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का राज्य स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार, राज्य महिला आयोग का सम्मान तथा 2023 में भारत सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग का राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिला है। इस साल के राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में सम्मान के लिए उनका चयन किया गया है। अपनी सफलता में वे प्रशासन, विद्यालय, जन-जन तक वैज्ञानिक संदेश पहुंचाने वाला मीडिया ,अपने परिवार एवं विद्यार्थियों को अपना सहयोगी मानती हैं।
