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Narsinghpur News: फंदे में तड़प-तड़पकर हुई तेंदुए की मौत, वीडियो में खुले क्रूर शिकार के राज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 07:25 AM IST
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सार
नरसिंहपुर जिले के करेली वन परिक्षेत्र में अवैध शिकार के चलते एक तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। क्लच वायर के फंदे में घंटों तड़पते तेंदुए का वीडियो वायरल हुआ। जांच में पांच आरोपियों पर वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
तेंदुए की मौत
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विस्तार
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले से वन्यजीव संरक्षण को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। करेली वन परिक्षेत्र के ग्वारीकला गांव में एक तेंदुए की अवैध शिकार के चलते मौत हो गई। इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि तेंदुआ मरने से पहले कई घंटों तक क्लच वायर के फंदे में फंसा तड़पता रहा, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की गश्ती व्यवस्था, सूचना तंत्र और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिंदा तेंदुए का वीडियो आया सामने
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ जीवित अवस्था में लोहे के क्लच वायर से बने फंदे में फंसा हुआ छटपटाता है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उसी दौरान का है, जब तेंदुआ कई घंटों तक तड़पता रहा, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन अमला समय रहते मौके पर पहुंच जाता, तो तेंदुए की जान बचाई जा सकती थी।
कब और कैसे हुआ शिकार
वन विभाग की शुरुआती जांच के अनुसार आरोपियों ने 1 जनवरी की रात प्लांटेशन क्षेत्र में फंदा लगाया। 2 जनवरी की रात तेंदुआ उसमें फंस गया। 3 जनवरी की सुबह तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान तेंदुआ लगभग एक दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा।
ये भी पढ़ें- इंदौर के भागीरथपुरा में जल प्रदूषण गंभीर, कोलकाता-दिल्ली की विशेष टीमें मैदान में; 30 से ज्यादा सैंपल जब्त
डॉग स्क्वायड से खुला पूरा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वायड की मदद ली। जांच के दौरान खापा गांव में आरोपियों के घरों पर छापेमारी की गई, जहां से जंगली सूअर पकड़ने वाले लोहे के जाल, बड़ी मात्रा में क्लच वायर, शिकार से जुड़े अन्य उपकरण, बरामद किए गए।
शिकारियों ने क्या कहा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए इस तरह के फंदे लगाते रहे हैं। हालांकि वन विभाग इस एंगल की भी जांच कर रहा है कि क्या तेंदुआ जानबूझकर निशाना बनाया गया या वह सूअर के लिए लगाए गए फंदे में फंसा, क्योंकि क्लच वायर का फंदा बेहद मजबूत और खतरनाक माना जाता है, जिसका उपयोग अक्सर बड़े जानवरों के शिकार में किया जाता है।
इन पर दर्ज हुआ केस
वन विभाग के एसडीओ सुनील वर्मा के अनुसार “साक्ष्यों के आधार पर रामभवन, भवानी, दुगरप्रसाद, नारायण और मदन ठाकुर के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।” इनमें से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मदन ठाकुर फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
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जिंदा तेंदुए का वीडियो आया सामने
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ जीवित अवस्था में लोहे के क्लच वायर से बने फंदे में फंसा हुआ छटपटाता है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उसी दौरान का है, जब तेंदुआ कई घंटों तक तड़पता रहा, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वन अमला समय रहते मौके पर पहुंच जाता, तो तेंदुए की जान बचाई जा सकती थी।
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कब और कैसे हुआ शिकार
वन विभाग की शुरुआती जांच के अनुसार आरोपियों ने 1 जनवरी की रात प्लांटेशन क्षेत्र में फंदा लगाया। 2 जनवरी की रात तेंदुआ उसमें फंस गया। 3 जनवरी की सुबह तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान तेंदुआ लगभग एक दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा।
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डॉग स्क्वायड से खुला पूरा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वायड की मदद ली। जांच के दौरान खापा गांव में आरोपियों के घरों पर छापेमारी की गई, जहां से जंगली सूअर पकड़ने वाले लोहे के जाल, बड़ी मात्रा में क्लच वायर, शिकार से जुड़े अन्य उपकरण, बरामद किए गए।
शिकारियों ने क्या कहा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए इस तरह के फंदे लगाते रहे हैं। हालांकि वन विभाग इस एंगल की भी जांच कर रहा है कि क्या तेंदुआ जानबूझकर निशाना बनाया गया या वह सूअर के लिए लगाए गए फंदे में फंसा, क्योंकि क्लच वायर का फंदा बेहद मजबूत और खतरनाक माना जाता है, जिसका उपयोग अक्सर बड़े जानवरों के शिकार में किया जाता है।
इन पर दर्ज हुआ केस
वन विभाग के एसडीओ सुनील वर्मा के अनुसार “साक्ष्यों के आधार पर रामभवन, भवानी, दुगरप्रसाद, नारायण और मदन ठाकुर के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।” इनमें से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मदन ठाकुर फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

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