पन्ना में देसी नुस्खा पड़ा भारी: कमर दर्द के इलाज में पिया धतूरे का काढ़ा, मां और दो बच्चे अस्पताल में भर्ती
पन्ना में कमर दर्द से परेशान महिला ने धतूरा और स्थानीय जड़ी-बूटी का काढ़ा बनाकर खुद और दो बच्चों को पिला दिया। काढ़ा पीते ही तीनों की हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग बताई।
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कहते हैं, ‘नीम हकीम खतरा-ए-जान’ और पन्ना जिले में यह कहावत एक बार फिर सच साबित होती नजर आई। शरीर के दर्द से राहत पाने के लिए एक परिवार ने देसी नुस्खे पर भरोसा किया, लेकिन यह घरेलू इलाज उनके लिए जहर साबित हो गया। काढ़ा पीते ही मां और उसके दो बच्चों की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद तीनों को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार पन्ना शहर निवासी 45 वर्षीय सावित्री बाई पिछले कई महीनों से हाथ-पैर और कमर दर्द से परेशान थीं। दर्द से राहत पाने के लिए उन्होंने किसी परिचित की सलाह पर धतूरा और ‘गरज’ नामक स्थानीय जड़ी-बूटी का काढ़ा तैयार किया। दोपहर के समय सावित्री बाई ने घर पर ही यह काढ़ा बनाया और खुद पीने के साथ-साथ अपने 22 वर्षीय बेटे शिवम आदिवासी और 24 वर्षीय बेटी रेखा आदिवासी को भी पिला दिया।
काढ़ा पीने के कुछ ही देर बाद तीनों को तेज चक्कर आने लगे और उल्टियां शुरू हो गईं। धीरे-धीरे शरीर सुन्न पड़ने लगा। अचानक तबीयत बिगड़ते देख परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन तुरंत तीनों को जिला अस्पताल पन्ना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद इसे फूड पॉइजनिंग का मामला मानते हुए तत्काल उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों के अनुसार धतूरा एक जहरीला पौधा होता है और इसका सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह के करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकती है। समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण तीनों की जान बच गई। फिलहाल डॉक्टरों के मुताबिक तीनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी घरेलू या देसी नुस्खे को अपनाना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को चाहिए कि किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी होने पर योग्य चिकित्सक से ही इलाज कराएं और सुनी-सुनाई बातों या सोशल मीडिया पर फैल रहे नुस्खों पर भरोसा न करें।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि नीम हकीम या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें और सही समय पर योग्य डॉक्टर से उपचार कराएं, ताकि किसी भी तरह की गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

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