Rajgarh Lok Sabha 2024: भाजपा ने प्रत्याशी का चेहरा किया साफ, कांग्रेस में कई प्रबल दावेदार, यहां समझें गणित
Rajgarh Lok Sabha 2024: मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से एक राजगढ़ लोकसभा सीट जिसपर साल 2014 से वर्तमान तक भाजपा सांसद रोडमल नागर काबिज है, जिन्हें फिर भाजपा ने लगातार तीसरी बार मैदान में उतारा है। वहीं दिग्विजय सिंह का गढ़ कहलाने वाले राजगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह इंकार कर चुके है। ऐसे में पूर्व कैबिनेट मंत्री वा खिलचीपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रियव्रत सिंह खींची को प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जिन्हें कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बना सकती है। उनके अतिरिक्त ब्यावरा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी के नाम की भी चर्चा जोरों पर है।
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विस्तार
राजगढ़ लोकसभा सीट की यदि हम बात करें तो इसमें कुल 3 जिलों की 8 विधानसभाएं शामिल है, जिसमें राजगढ़, नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर और सारंगपुर विधानसभा शामिल है। वहीं गुना जिले की चाचौड़ा और राघौगढ़ विधानसभा इसके अतिरिक्त आगर जिले की सुसनेर विधानसभा, राजगढ़ लोकसभा की सीट में शामिल है। जहां के मतदाता सांसद के भाग्य का निर्णय करते है। वहीं वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की बात करे तो यहां कुल 16 लाख 94 हजार 329 मतदाता दर्ज थे। जिनमें से कुल 12 लाख 60 हजार 329 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें 2269 पोस्टल बैलेट भी शामिल थे, जिसका प्रतिशत 74.39 प्रतिशत रहा था।
वहीं वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में वोटिंग का कुल प्रतिशत 64.03 प्रतिशत रहा था। वर्ष 2014 में भाजपा प्रत्याशी रोडमल नागर को 596727 मत मिले थे और उनके प्रतिद्वंदी नारायण सिंह आमलाबे को 367990 मतों से संतुष्ट होना पड़ा था। उसी तरह वर्ष 2019 में भाजपा प्रत्याशी रोडमल नागर को 823824 मत मिले थे और उनकी प्रतिद्वंदी रही कांग्रेस की तत्कालीन लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी को 392805 मतों से संतुष्ट होना पड़ा था। वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के रोडमल नागर ने जीत दर्ज की और तीसरी मर्तबा भी फिर से वही मैदान में है।
4 लाख वोटों से हारी थी कांग्रेस प्रत्याशी
हाल ही में संपन्न हुए वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों की यदि हम बात करें तो राजगढ़ लोकसभा सीट में शामिल 8 विधानसभाओं में से 6 पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है। जिनका असर लोकसभा चुनावों के परिणाम में भी देखने को मिल सकता है, लेकिन वहीं राजनीतिक जानकारों की मानें तो जानकारों का कहना है कि राजगढ़ लोकसभा में 8 विधानसभाएं आती है और हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के स्वरूप यदि 8 ही विधानसभा चुनाव में हुई वोटिंग को हम जोड़े तो कांग्रेस लगभग एक लाख 71 हजार वोट से माइनस में है, जबकि इसके पूर्व वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में आठों विधानसभाओं में हुई वोटिंग के अनुसार कांग्रेस लगभग 97 हजार वोट प्लस में थी, लेकिन उसके बावजूद भी वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्समय की राजगढ़ लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी मोना सुस्तानी को लगभग 4 लाख से अधिक मतों से हार का सामना करना पढ़ा था। ऐसे में हाल ही में वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों में हुए मतदान का यदि आंकलन किया जाए तो, वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली 4 लाख से अधिक मतों की हार को कांग्रेस ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में कवर किया गया है।
कांग्रेस प्रत्याशी को हराया
गौरतलब है की भाजपा से दौ बार के सांसद रोडमल नागर को वर्ष 2014 में पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया और उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन सांसद नारायण सिंह आमलाबे को हराकर जीत दर्ज की, ऐसे में लोगों को उनसे उम्मीद थी की वे अपने क्षेत्र के लिए कुछ नया करेंगे और पिछड़े क्षेत्र को आगे लेकर जायेंगे ,लेकिन पांच वर्षों में उनकी स्वयं की कोई उपलब्धि नहीं रही और पांच साल बीत गए।
2019 में दूसरी बार सांसद बने नागर
वर्ष 2019 में जब पार्टी ने उन्हें दूसरी बार टिकट दिया तो उस समय राजगढ़ जिले के ही भाजपाइयों ने रोडमल नागर का जमकर विरोध करते हुए टिकट बदलने की मांग की, लेकिन पार्टी ने इनके टिकट को यथावत रखा और विरोध कर रहे भाजपाइयों को समझाइश देकर शांत करा लिया गया। ऐसे में वर्ष 2019 से चली आ रही मोदी लहर का फायदा दोबारा से सांसद नागर को मिला और वे दूसरी मर्तबा सांसद बनकर संसद तक पहुंच गए, लेकिन इन पांच वर्षों में भी क्षेत्र की जनता को निराशा हाथ लगी और सांसद केंद्र वा प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को अपनी उपलब्धियां बताकर पेश करते रहे, लेकिन उन्होंने अपने प्रयास से व अपने क्षेत्र के लिए कुछ खास नहीं किया।
तीसरी बार भाजपा ने चौंकाया
वहीं वर्ष 2024 में भाजपा द्वारा उम्मीदवार परिवर्तन के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन इस बार भी भाजपा ने चौकाया और तीसरी मर्तबा राजगढ़ लोकसभा सीट से रोडमल नागर को प्रत्याशी बनाया गया है। हालांकि इस बार उनका खुले तौर पर विरोध तो नहीं किया गया, लेकिन ऐसे में टिकट की आस लगाकर बैठे नए वा पुराने चेहरे अंदरूनी रूप से खेला जरूर कर सकते है।
मोना सुस्तानी भाजपा में शामिल
वहीं राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में यदि सामाजिक फैक्टर की हम बात करे तो यहां ओबीसी वर्ग के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है,जिसमे लगभग 10-10 प्रतिशत सौंधियां वा दांगी समाज ,लगभग 7 प्रतिशत मुस्लिम समाज और अन्य प्रतिशतो में अलग अलग समाज के वोटर लोकसभा क्षेत्र में बसे हुए है,ऐसे में कांग्रेस ब्यावरा के पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी को भी अपना प्रत्याशी बना सकती है,वही इस वर्ष के चुनाव में ये भी देखने को मिलेगा की,वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में रोडमल नागर की प्रतिद्वंदी रही कांग्रेस की तत्कालीन लोकसभा प्रत्याशी मोना सुस्तानी भाजपा में शामिल हो गई है और वे इस वर्ष रोडमल नागर के पक्ष में मतदाताओं से वोट मांगती हुई नजर आएंगी।
(राजगढ़ से अब्दुल वसीम अंसारी की रिपोर्ट)
