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ज्यादती या मदद?: 15 दिन से आमरण अनशन कर रहे कल्पना के पिता को पुलिस ने उठाया, तबीयत का हवाला; टेंट भी उखाड़ा
Thu, 17 Sep 2026 04:20 PM IST
रीवा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: रीवा ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 04:20 PM IST
सार
रीवा में प्रसूता कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर 15 दिन से आमरण अनशन कर रहे पिता राम शिरोमणि मिश्रा को पुलिस-प्रशासन ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर अस्पताल पहुंचाया। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों को हटाकर धरना स्थल का टेंट भी उखाड़ दिया गया।
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रीवा में धरने पर बैठे लोगों को पुलिस ने उठाकर अस्पताल भेज दिया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर 15 दिन से आमरण अनशन पर बैठे उनके पिता राम शिरोमणि मिश्रा को बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम धरना स्थल से उठाकर जिला अस्पताल ले गई। प्रशासन ने उनकी तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। कार्रवाई के दौरान धरना स्थल पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस ने हटाया और टेंट भी हटवा दिया गया।
कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही के आरोप लगाए थे। मामले में अस्पताल के डीन और अधीक्षक को हटाने के साथ दो डॉक्टरों और नर्सों पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद कल्पना के पिता जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे।
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धरने को कांग्रेस समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा था। बुधवार को अचानक पुलिस और प्रशासन की टीम धरना स्थल पहुंची और राम शिरोमणि मिश्रा को अपने साथ जिला अस्पताल ले गई। उनके साथ मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को भी वहां से हटाया गया।
कार्रवाई के बाद उठे सवाल
15 दिन से चल रहे आमरण अनशन के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी है। प्रशासन का कहना है कि अनशनकारी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर चल रहे धरने को पुलिस कार्रवाई के जरिए समाप्त कराया गया।
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कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही के आरोप लगाए थे। मामले में अस्पताल के डीन और अधीक्षक को हटाने के साथ दो डॉक्टरों और नर्सों पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद कल्पना के पिता जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे।
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धरने को कांग्रेस समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा था। बुधवार को अचानक पुलिस और प्रशासन की टीम धरना स्थल पहुंची और राम शिरोमणि मिश्रा को अपने साथ जिला अस्पताल ले गई। उनके साथ मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को भी वहां से हटाया गया।
कार्रवाई के बाद उठे सवाल
15 दिन से चल रहे आमरण अनशन के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी है। प्रशासन का कहना है कि अनशनकारी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि न्याय की मांग को लेकर चल रहे धरने को पुलिस कार्रवाई के जरिए समाप्त कराया गया।
