Sehore: डीआईजी ने किया निरीक्षण, धार्मिक क्षेत्रों की सुरक्षा पर सख्त आदेश; कानून-व्यवस्था पर भी फोकस
सीहोर में डीआईजी राजेश सिंह चंदेल ने वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस परेड, वाहनों, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की समीक्षा की। थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए कानून-व्यवस्था में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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सीहोर जिले में शनिवार को पुलिस महकमे का पूरा सिस्टम हाई अलर्ट मोड में दिखाई दिया, जब भोपाल रेंज देहात के पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने जिले का वार्षिक निरीक्षण किया। पुलिस लाइन से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक हर जगह अनुशासन, मुस्तैदी और कानून-व्यवस्था की गूंज सुनाई दी। डीआईजी चंदेल ने साफ शब्दों में संकेत दे दिए कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और जिले की कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। कुबेरेश्वरधाम, सलकनपुर, आवंलीघाट और चिंतामन गणेश मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई समीक्षा बैठक में थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
परेड ग्राउंड में दिखी पुलिसिया सख्ती
शनिवार सुबह पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित वार्षिक परेड के दौरान पूरा माहौल अनुशासन और सख्ती से भरा दिखाई दिया। रक्षित निरीक्षक उपेन्द्र यादव की कमान में आयोजित परेड में पुलिस बल ने मार्चिंग और ड्रिल का प्रदर्शन किया। डीआईजी राजेश सिंह चंदेल ने सलामी लेने के बाद जवानों की एक-एक गतिविधि का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने जवानों की वर्दी, बेल्ट की कसावट, बूटों की चमक, चाल और परेड के दौरान तालमेल तक को परखा। निरीक्षण के दौरान कई जवानों को बेहतर टर्नआउट और अनुशासन के लिए मंच से सम्मानित भी किया गया। पुलिस कप्तान सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
जूतों की चमक से वाहनों की फिटनेस तक जांच
डीआईजी चंदेल का निरीक्षण सिर्फ परेड तक सीमित नहीं रहा। परेड खत्म होते ही उन्होंने पुलिस विभाग के शासकीय वाहनों का कड़ा निरीक्षण शुरू कर दिया। थाना प्रभारियों के वाहनों, इंटरसेप्टर व्हीकल, वज्र वाहन, जेल वाहन, एफएसएल यूनिट और भारी वाहनों की कार्यशीलता को जांचा गया। उन्होंने वाहनों में मौजूद सुरक्षा उपकरण, तकनीकी संसाधन और जीवन रक्षक टूल्स की उपलब्धता की भी समीक्षा की। कई वाहनों के रखरखाव को लेकर अधिकारियों को मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अफसरों के चेहरे पर तनाव और सतर्कता दोनों साफ दिखाई दिए।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस
वार्षिक निरीक्षण का सबसे अहम हिस्सा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक रही। इस बैठक में डीआईजी चंदेल ने जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। कुबेरेश्वरधाम, देवीधाम सलकनपुर, आवंलीघाट और चिंतामन गणेश मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। आगामी वीआईपी भ्रमण और धार्मिक आयोजनों को लेकर सुरक्षा प्लान को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। डीआईजी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को हर समय तैयार रहना होगा।
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अपराध नियंत्रण पर भी चला समीक्षा का चाबुक
समीक्षा बैठक के दौरान जिले में घटित गंभीर अपराधों, संपत्ति संबंधी अपराधों की बरामदगी, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, माइनर एक्ट, मुस्कान अभियान और मादक पदार्थों की तस्करी पर भी विस्तृत चर्चा हुई। डीआईजी चंदेल ने थाना प्रभारियों से लंबित मामलों की जानकारी ली और अपराध नियंत्रण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। बैठक के दौरान कई मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की गई।
पुलिस सम्मेलन में कर्मचारियों को दिया भरोसा
वाहन निरीक्षण के बाद पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस सम्मेलन में जिलेभर से आए अधीनस्थ कर्मचारियों ने आवास, संसाधन और नीतिगत समस्याओं को डीआईजी के सामने रखा। डीआईजी चंदेल ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को मानसिक तनाव से मुक्त रहकर काम करना चाहिए और टीम भावना के साथ पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट रहने की सीख देते हुए कहा कि आधुनिक दौर की पुलिसिंग में तकनीकी दक्षता बेहद जरूरी हो गई है।
पुलिस लाइन की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के अंतिम चरण में डीआईजी ने पुलिस लाइन के शस्त्रागार, वाहन शाखा, स्टोर, कैश शाखा, दिशा लर्निंग सेंटर, जिम, एनजीओ मेस और नव आरक्षक बैरक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं को देखा और कई स्थानों पर सुधार संबंधी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस महकमे में लगातार हलचल बनी रही और अधिकारी हर व्यवस्था को दुरुस्त रखने में जुटे दिखाई दिए।
बेहतर कार्यप्रणाली पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाई
लंबी समीक्षा और निरीक्षण के बाद डीआईजी राजेश सिंह चंदेल ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और गंभीर अपराधों के त्वरित खुलासे पर सीहोर पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय और सतर्क पुलिसिंग के कारण जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि आने वाले समय में पुलिसिंग का स्तर और अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाया जाएगा।
