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Shahdol News: दूध बेचकर नहीं निकल रही लागत, पशुपालकों ने मांगा 60-70 रुपये प्रति लीटर का भाव; सौंपा ज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 04:27 PM IST
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सार
शहडोल में पशुपालक किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर दूध का उचित मूल्य तय करने की मांग की। बढ़ती लागत का हवाला देते हुए उन्होंने गाय के दूध का मूल्य 60 रुपये, भैंस के दूध का 70 रुपये प्रति लीटर तथा खोवा दर 0.27 करने की मांग रखी।
ज्ञापन के दौरान मौजूद भीड़ ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहडोल जिले के पशुपालक किसानों ने दूध का उचित मूल्य निर्धारित किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। दर्जनभर से अधिक पशुपालक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनसुनवाई में अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच दुग्ध व्यवसाय संचालित करना कठिन होता जा रहा है, जबकि दूध के मूल्य में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि पशुओं के चारे, दाना, भूसा, खली, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक सामग्री की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण दूध उत्पादन की लागत काफी बढ़ गई है। इसके बावजूद दूध की खरीदी 40 से 50 रुपये प्रति लीटर की दर से की जा रही है, जिससे पशुपालकों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत और कम मूल्य के कारण दुग्ध व्यवसाय घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
पढ़ें: जल स्रोत बचाने के लिए जनआंदोलन की तैयारी, मुनादी कर लोगों से तहसील पहुंचने की अपील
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पशुपालकों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि पिछले पांच वर्षों से दूध की गुणवत्ता के आधार पर खोवा का मूल्य 0.25 निर्धारित है। वर्तमान परिस्थितियों में यह दर पर्याप्त नहीं है और इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि गुणवत्ता आधारित खोवा मूल्य को संशोधित कर 0.27 किया जाए, ताकि पशुपालकों को उनकी मेहनत और लागत के अनुरूप उचित भुगतान मिल सके।
इसके अलावा किसानों ने गाय के दूध का मूल्य 60 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर निर्धारित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि यदि दूध का उचित मूल्य तय नहीं किया गया तो दुग्ध व्यवसाय से जुड़े छोटे और मध्यम पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान राजेश यादव, संतलाल, महेश सहित दर्जनों पशुपालक मौजूद रहे।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि पशुओं के चारे, दाना, भूसा, खली, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक सामग्री की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण दूध उत्पादन की लागत काफी बढ़ गई है। इसके बावजूद दूध की खरीदी 40 से 50 रुपये प्रति लीटर की दर से की जा रही है, जिससे पशुपालकों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत और कम मूल्य के कारण दुग्ध व्यवसाय घाटे का सौदा बनता जा रहा है।
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पशुपालकों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि पिछले पांच वर्षों से दूध की गुणवत्ता के आधार पर खोवा का मूल्य 0.25 निर्धारित है। वर्तमान परिस्थितियों में यह दर पर्याप्त नहीं है और इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि गुणवत्ता आधारित खोवा मूल्य को संशोधित कर 0.27 किया जाए, ताकि पशुपालकों को उनकी मेहनत और लागत के अनुरूप उचित भुगतान मिल सके।
इसके अलावा किसानों ने गाय के दूध का मूल्य 60 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर निर्धारित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि यदि दूध का उचित मूल्य तय नहीं किया गया तो दुग्ध व्यवसाय से जुड़े छोटे और मध्यम पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान राजेश यादव, संतलाल, महेश सहित दर्जनों पशुपालक मौजूद रहे।

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