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Shivpuri News: शर्मनाक हालात, विकास की खुली पोल, तिरपाल तानकर करना पड़ा अंतिम संस्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: शिवपुरी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 07:15 PM IST
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सार
शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी में टीनशेड न होने के कारण बारिश में तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। मृतक प्रेमनारायण रजक के परिजनों को असुविधा झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने वीडियो वायरल कर व्यवस्था पर सवाल उठाए। सरपंच ने नए निर्माण के लिए तीन बार आवेदन दिए हैं।
तिरपाल तानकर होता अंतिम संस्कार
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विस्तार
शिवपुरी जिले के करैरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी पर शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर विकास की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है जिसमें काली पहाड़ी में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद बारिश के बीच तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा है। ग्राम पंचायत कालीपहाड़ी में जो मुक्तिधाम केंद्र है वहां पर टीन शेड की कोई व्यवस्था नहीं है। टीनशेड न होने के कारण यहां पर ग्रामीणजनों को परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात अंतिम संस्कार खुले में करना पड़ता है। इस समय बारिश का दौर चल रहा है तो बारिश के बीच तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
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तिरपाल में करना पड़ा अंतिम संस्कार
ऐसा ही एक मामला 14 जुलाई को सामने आया। प्रेमनारायण रजक (60) की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने जब अंतिम संस्कार किया तो उस समय बारिश हो गई। बारिश होने के बीच तिरपाल तानकर इनका अंतिम संस्कार करना पड़ा। ग्रामीणजनों ने इसका वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वीडियो वायरल के बाद यहां के ग्रामीणों ने बताया कि प्रेमनारायण रजक का निधन हो गया था। परिजनों ने बताया कि जब वे अंतिम संस्कार के लिए श्मशान पहुंचे, तो वहां कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। बरसात हो रही थी, लेकिन सिर छुपाने के लिए कोई टीनशेड या छाया तक नहीं थी। ऐसे में प्रेमनारायण के बेटों को तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा।
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जो राशि मिली उससे पांच साल पहले हुआ था निर्माण
मुक्तिधाम का वीडियो वायरल होने के बाद काली पहाड़ी के सरपंच पवन जाटव ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले पंचायत को 1 लाख 80 हजार रुपए की राशि मिली थी, जिससे मुक्तिधाम का निर्माण कराया गया था। लेकिन अब वह जगह पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सरपंच ने बताया कि अब तक तीन बार जनपद पंचायत करैरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नए मुक्तिधाम के निर्माण के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

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