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उज्जैन में 'ऑपरेशन थर्ड आई': यहां तीसरी आंख का पहरा, 8 KM तक ड्रोन से निगरानी; तीन जवानों को विशेष ट्रेनिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 06:14 PM IST
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सार
यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए उज्जैन आरपीएफ ने 'ऑपरेशन थर्ड आई' शुरू किया है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशन, यार्ड और संवेदनशील रेल मार्गों की निगरानी अब ड्रोन कैमरों के जरिए की जा रही है।
रेलवे स्टेशन, यार्ड और पटरियों की निगरानी ड्रोन से की जा रही है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए उज्जैन आरपीएफ ने 'ऑपरेशन थर्ड आई' शुरू कर दिया है। अब रेलवे स्टेशन, यार्ड और पटरियों की निगरानी ड्रोन से की जा रही है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि रतलाम मंडल सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संजीदा है।
ड्रोन से स्टेशन यार्ड समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की वीडियोग्राफी की जा रही है। एक ड्रोन 8 KM तक के दायरे में निगरानी कर सकता है। आरपीएफ टीआई नरेंद्र यादव ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने पर, अप-साइड डाउन-साइड से ज्यादा ट्रेनें आने पर, तीज-त्योहार और वीकेंड पर ड्रोन से निगरानी की जाती है।
इसका वीडियो डेटा सेव कर लिया जाता है। इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलती है। आपने बताया कि ड्रोन से कवरेज, डेटा शेयरिंग और मॉनिटरिंग के लिए आरपीएफ के तीन जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। ये जवान अब विशेष पर्वों पर स्टेशन और पटरियों के आसपास होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
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सिंहस्थ 2028 की तैयारी शुरू
सिंहस्थ महापर्व 2028 को देखते हुए आरपीएफ ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। टीआई यादव ने बताया कि उज्जैन परिक्षेत्र के हर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के लिए 2-2 ड्रोन खरीदे जाएंगे। ये ड्रोन स्टेशन परिसर से 8 KM तक ट्रेन और पटरियों के आसपास होने वाली हर हरकत पर नजर रखेंगे। भीड़ प्रबंधन में भी इनका इस्तेमाल होगा। रतलाम मंडल की यह पहल यात्रियों को सुरक्षित सफर देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
ड्रोन से स्टेशन यार्ड समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की वीडियोग्राफी की जा रही है। एक ड्रोन 8 KM तक के दायरे में निगरानी कर सकता है। आरपीएफ टीआई नरेंद्र यादव ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने पर, अप-साइड डाउन-साइड से ज्यादा ट्रेनें आने पर, तीज-त्योहार और वीकेंड पर ड्रोन से निगरानी की जाती है।
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इसका वीडियो डेटा सेव कर लिया जाता है। इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलती है। आपने बताया कि ड्रोन से कवरेज, डेटा शेयरिंग और मॉनिटरिंग के लिए आरपीएफ के तीन जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। ये जवान अब विशेष पर्वों पर स्टेशन और पटरियों के आसपास होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी शुरू
सिंहस्थ महापर्व 2028 को देखते हुए आरपीएफ ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। टीआई यादव ने बताया कि उज्जैन परिक्षेत्र के हर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के लिए 2-2 ड्रोन खरीदे जाएंगे। ये ड्रोन स्टेशन परिसर से 8 KM तक ट्रेन और पटरियों के आसपास होने वाली हर हरकत पर नजर रखेंगे। भीड़ प्रबंधन में भी इनका इस्तेमाल होगा। रतलाम मंडल की यह पहल यात्रियों को सुरक्षित सफर देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
